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Rewari News: सीबीएसई...ग्रुप स्टडी और स्मार्ट समय प्रबंधन से पा सकते हैं परीक्षा में सफलता
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फोटो : संजय यादव, केमिस्ट्री विषय विशेषज्ञ ।
रेवाड़ी। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। ऐसे में विद्यार्थी तैयारी में जुट गए हैं। वहीं, अध्यापक भी परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने की कोशिश में लगे हैं।
विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों को तनाव से निपटने और बेहतर तैयारी के लिए जरूरी टिप्स भी दिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को एकाग्रता से परीक्षा की तैयारी करने, पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेने और कठिन विषयों के लिए ग्रुप स्टडी करने की सलाह दी जा रही है।
अभिभावकों को भी बच्चों की तैयारी में एहतियात बरतने और तनाव दूर करने के उपाय करने, बच्चों को प्लान बनाने, टाइम टेबल तय करने में उनकी मदद करने की सलाह दी जा रही है। ये उपाय विद्यार्थियों को चिंता और तनाव पर काबू पाने में मदद करेंगे।
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अध्यापकों का कहना है कि विद्यार्थियों के प्रति अभिभावकों की जिम्मेदारी माता-पिता को अपने बच्चों को प्लान बनाने और टाइम टेबल तय करने में मार्गदर्शक के रूप में भूमिका निभानी चाहिए।
यदि छात्र तनाव से निपटने में विफल रहते हैं तो वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। बच्चे को तनाव की स्थिति से बचाने के लिए माता-पिता को अनुकूल वातारण प्रदान करना चाहिए।
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विद्यार्थियों को ग्रुप स्टडी और समय प्रबंधन की सलाह
केमिस्ट्री विषय विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर पढ़ाई करने और कठिन विषयों के लिए ग्रुप स्टडी करने करनी चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी एकाग्रता की अवधि को समझकर ब्रेक के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और सबसे अच्छा समय चुनकर पढ़ाई करनी चाहिए। पिछली परीक्षाओं से अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना जरूरी है और उन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। सभी विषयों के लिए टाइम मैनेजमेंट प्लान बनाने और नियमित रिवीजन करने की सलाह दी है क्योंकि बिना रिवीजन के सीखा हुआ जल्दी भूल सकता है। संजय यादव ने सुझाव दिया कि टाइम टेबल में खेलना, वॉक करना और टीवी देखना जैसी गतिविधियां भी शामिल होनी चाहिए जिससे विद्यार्थी तनावमुक्त रह सकें और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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परीक्षा के समय तनाव न लें, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं
अंग्रेजी विषय विशेषज्ञ रवि वत्स ने बताया कि परीक्षा का नाम सुनते ही विद्यार्थी मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। परीक्षा किसी एक दिन की तैयारी का परिणाम नहीं होती बल्कि इसमें लगातार प्रयास का योगदान होता है तभी विद्यार्थी सर्वोत्तम अंक प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। विद्यार्थियों को पहले से ही तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए। समय प्रबंधन की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि घबराने या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। पिछले साल के पेपर का अभ्यास करने और परीक्षा के पैटर्न व पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार को समझते हुए तैयारी करने पर भी जोर देना चाहिए।
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परीक्षा के दौरान तनाव कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
विद्यार्थी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए परीक्षा के दौरान भरपूर नींद लेना सुनिश्चित करें। विद्यार्थी अध्ययन के दौरान बीच-बीच में थोड़े समय के लिए विराम लेना सुनिश्चित करें। परीक्षा से पूर्व या इसके दौरान विद्यार्थी अकेला महसूस करने पर अपने परिजनों, या मित्रों से जरूर समस्या साझा करें। विद्यार्थी मन को शांत रखने के लिए विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें जैसे गहरी सांस लेना, ध्यान का नियमित अभ्यास करना। परीक्षा के दौरान विद्यार्थी इंटरनेट की मदद अवश्य लें लेकिन इंटरनेट का उपयोग पढ़ाई से संबंधित जानकारी लेने के लिए ही करें इंटरनेट पर समय अनावश्यक खराब न करें।
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विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों को तनाव से निपटने और बेहतर तैयारी के लिए जरूरी टिप्स भी दिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को एकाग्रता से परीक्षा की तैयारी करने, पढ़ाई के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेने और कठिन विषयों के लिए ग्रुप स्टडी करने की सलाह दी जा रही है।
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अभिभावकों को भी बच्चों की तैयारी में एहतियात बरतने और तनाव दूर करने के उपाय करने, बच्चों को प्लान बनाने, टाइम टेबल तय करने में उनकी मदद करने की सलाह दी जा रही है। ये उपाय विद्यार्थियों को चिंता और तनाव पर काबू पाने में मदद करेंगे।
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अध्यापकों का कहना है कि विद्यार्थियों के प्रति अभिभावकों की जिम्मेदारी माता-पिता को अपने बच्चों को प्लान बनाने और टाइम टेबल तय करने में मार्गदर्शक के रूप में भूमिका निभानी चाहिए।
यदि छात्र तनाव से निपटने में विफल रहते हैं तो वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। बच्चे को तनाव की स्थिति से बचाने के लिए माता-पिता को अनुकूल वातारण प्रदान करना चाहिए।
विद्यार्थियों को ग्रुप स्टडी और समय प्रबंधन की सलाह
केमिस्ट्री विषय विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर पढ़ाई करने और कठिन विषयों के लिए ग्रुप स्टडी करने करनी चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी एकाग्रता की अवधि को समझकर ब्रेक के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और सबसे अच्छा समय चुनकर पढ़ाई करनी चाहिए। पिछली परीक्षाओं से अपने कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना जरूरी है और उन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। सभी विषयों के लिए टाइम मैनेजमेंट प्लान बनाने और नियमित रिवीजन करने की सलाह दी है क्योंकि बिना रिवीजन के सीखा हुआ जल्दी भूल सकता है। संजय यादव ने सुझाव दिया कि टाइम टेबल में खेलना, वॉक करना और टीवी देखना जैसी गतिविधियां भी शामिल होनी चाहिए जिससे विद्यार्थी तनावमुक्त रह सकें और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
परीक्षा के समय तनाव न लें, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं
अंग्रेजी विषय विशेषज्ञ रवि वत्स ने बताया कि परीक्षा का नाम सुनते ही विद्यार्थी मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। परीक्षा किसी एक दिन की तैयारी का परिणाम नहीं होती बल्कि इसमें लगातार प्रयास का योगदान होता है तभी विद्यार्थी सर्वोत्तम अंक प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। विद्यार्थियों को पहले से ही तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए। समय प्रबंधन की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि घबराने या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। पिछले साल के पेपर का अभ्यास करने और परीक्षा के पैटर्न व पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार को समझते हुए तैयारी करने पर भी जोर देना चाहिए।
परीक्षा के दौरान तनाव कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
विद्यार्थी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए परीक्षा के दौरान भरपूर नींद लेना सुनिश्चित करें। विद्यार्थी अध्ययन के दौरान बीच-बीच में थोड़े समय के लिए विराम लेना सुनिश्चित करें। परीक्षा से पूर्व या इसके दौरान विद्यार्थी अकेला महसूस करने पर अपने परिजनों, या मित्रों से जरूर समस्या साझा करें। विद्यार्थी मन को शांत रखने के लिए विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें जैसे गहरी सांस लेना, ध्यान का नियमित अभ्यास करना। परीक्षा के दौरान विद्यार्थी इंटरनेट की मदद अवश्य लें लेकिन इंटरनेट का उपयोग पढ़ाई से संबंधित जानकारी लेने के लिए ही करें इंटरनेट पर समय अनावश्यक खराब न करें।

फोटो : संजय यादव, केमिस्ट्री विषय विशेषज्ञ ।