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Rewari News: वन विभाग के लिए चुनौती बना बाघ को पकड़ना
Tue, 03 Sep 2024 05:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 03 Sep 2024 05:14 AM IST
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रेवाड़ी। झाबुआ के जंगल में लगाए कैमरे में कैद हुआ बाघ। स्रोत : वन विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल (रेवाड़ी)। राजस्थान से लौटकर फिर झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ को पकड़ पाना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। पिछले दिनों बाघ निकलकर राजस्थान पहुंच गया था जिससे यहां के लोगों को राहत मिली थी। अब फिर झाबुआ के जंगल में बाघ के जंगल में आने से ग्रामीण दहशत में हैं।
वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए कई दिनों से प्रयास कर रही है, मगर सफलता नहीं मिल रही है। बाघ को पकड़ने के लिए सरिस्का टीम की तरफ से झाबुआ के जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए है लेकिन 15 दिन तक बाघ टीम की पकड़ से बाहर है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने अब बाघ को पकड़ने के लिए गुजरात के गीर से एक बड़े और विशेष पिंजरे को मंगवाया है। इस बार वन विभाग को पूरी उम्मीद है कि गुजरात से लाया गया पिंजरे में जरूर बाघ कैद होगा।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ भूखा ना रहे इसके लिए बाघ को लगातार मांस परोसा जा रहा था जिससे बाघ झाबुआ के जंगल में दोबारा से पहुंच गया है। हो सकता है कि बाघ को राजस्थान में शिकार नहीं मिला हो जिससे वह लौट आया हो। दोबारा बाघ इसलिए आया है क्योंकि उसे मांस झाबुआ में बार-बार मिल रहा था। इस बार पूरी उम्मीद है कि बाघ पिंजरे में मांस के लालच में जरूर कैद हो जाएगा।
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8 महीने पहले बाघ जंगल से निकलकर गया था रेवाड़ी
गौरतलब है कि 8 महीने पहले भी ये टाइगर सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक चला गया था। उस समय हरियाणा बॉर्डर के आस-पास गांव में वनकर्मियों पर हमला कर दिया था, जिसमें एक वनकर्मी को टाइगर ने दबोच लिया था, लेकिन वह बच गया था। वहीं, फॉरेस्टर बेहोश हो गया था। उससे पहले कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था। एक नीलगाय को खाने की भी पुष्टि हुई थी। इस बार खैरथल-तिजारा जिले में गत वीरवार को 6 घंटे में 4 लोगों पर बाघ ने हमला किया था।
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वर्जन:
अब बाघ को पकड़ने के लिए गुजरात के गीर से एक बड़े और विशेष पिंजरे को मंगवाया है। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है। - प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल
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बावल (रेवाड़ी)। राजस्थान से लौटकर फिर झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ को पकड़ पाना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। पिछले दिनों बाघ निकलकर राजस्थान पहुंच गया था जिससे यहां के लोगों को राहत मिली थी। अब फिर झाबुआ के जंगल में बाघ के जंगल में आने से ग्रामीण दहशत में हैं।
वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए कई दिनों से प्रयास कर रही है, मगर सफलता नहीं मिल रही है। बाघ को पकड़ने के लिए सरिस्का टीम की तरफ से झाबुआ के जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए है लेकिन 15 दिन तक बाघ टीम की पकड़ से बाहर है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने अब बाघ को पकड़ने के लिए गुजरात के गीर से एक बड़े और विशेष पिंजरे को मंगवाया है। इस बार वन विभाग को पूरी उम्मीद है कि गुजरात से लाया गया पिंजरे में जरूर बाघ कैद होगा।
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वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ भूखा ना रहे इसके लिए बाघ को लगातार मांस परोसा जा रहा था जिससे बाघ झाबुआ के जंगल में दोबारा से पहुंच गया है। हो सकता है कि बाघ को राजस्थान में शिकार नहीं मिला हो जिससे वह लौट आया हो। दोबारा बाघ इसलिए आया है क्योंकि उसे मांस झाबुआ में बार-बार मिल रहा था। इस बार पूरी उम्मीद है कि बाघ पिंजरे में मांस के लालच में जरूर कैद हो जाएगा।
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8 महीने पहले बाघ जंगल से निकलकर गया था रेवाड़ी
गौरतलब है कि 8 महीने पहले भी ये टाइगर सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक चला गया था। उस समय हरियाणा बॉर्डर के आस-पास गांव में वनकर्मियों पर हमला कर दिया था, जिसमें एक वनकर्मी को टाइगर ने दबोच लिया था, लेकिन वह बच गया था। वहीं, फॉरेस्टर बेहोश हो गया था। उससे पहले कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था। एक नीलगाय को खाने की भी पुष्टि हुई थी। इस बार खैरथल-तिजारा जिले में गत वीरवार को 6 घंटे में 4 लोगों पर बाघ ने हमला किया था।
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वर्जन:
अब बाघ को पकड़ने के लिए गुजरात के गीर से एक बड़े और विशेष पिंजरे को मंगवाया है। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है। - प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल