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चार साल से बिना लाइसेंस बन रही थी ईंटे, सीएम उड़नदस्ते ने भट्ठा किया सील
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जिले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने कार्रवाई करते हुए गांव रसियावास में ईंट-भट्ठा सील कर दिया। भट्ठा 4 साल से बगैर लाइसेंस के चल रहा था। भट्ठा संचालक के खिलाफ बावल थाना में केस भी दर्ज कराया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि काफी समय से ईंट भट्ठों को चेक किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ गांव रसियावास में मैसर्स धर्म ब्रिक्स क्लिन ग्राम उद्योग ईंट भट्ठे पर छापा मारा।
भट्ठा संचालक गांव मालपुरा निवासी जोगेंद्र मौके पर ही मिला। भट्ठे पर ईंटें तैयार की जा रही थीं। लाखों ईंटें तैयार पड़ी मिलीं। भट्ठा मालिक से जब दस्तावेज मांगे तो पता चला कि भट्ठे का लाइसेंस 31 मार्च 2018 को रद्द हो चुका है। इसके बाद लाइसेंस को रिन्यू ही नहीं कराया गया।
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बता दें कि पिछले 15 दिनों में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम रेवाड़ी जिले में 9 ईंट भट्ठों को सील कर चुकी है। यह सभी भट्ठे सालों से बगैर लाइसेंस के ही चल रहे थे। सूत्रों की माने तो कुछ भट्ठा संचालक सील की कार्रवाई होने के बाद फिर से चोरी छिपे भट्ठों पर ईंटें तैयार कर रहे हैं। उड़नदस्ते के टारगेट पर जिले के कुल 92 ईंट भट्ठे हैं। इनमें से अधिकांश बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि काफी समय से ईंट भट्ठों को चेक किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ गांव रसियावास में मैसर्स धर्म ब्रिक्स क्लिन ग्राम उद्योग ईंट भट्ठे पर छापा मारा।
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भट्ठा संचालक गांव मालपुरा निवासी जोगेंद्र मौके पर ही मिला। भट्ठे पर ईंटें तैयार की जा रही थीं। लाखों ईंटें तैयार पड़ी मिलीं। भट्ठा मालिक से जब दस्तावेज मांगे तो पता चला कि भट्ठे का लाइसेंस 31 मार्च 2018 को रद्द हो चुका है। इसके बाद लाइसेंस को रिन्यू ही नहीं कराया गया।
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बता दें कि पिछले 15 दिनों में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम रेवाड़ी जिले में 9 ईंट भट्ठों को सील कर चुकी है। यह सभी भट्ठे सालों से बगैर लाइसेंस के ही चल रहे थे। सूत्रों की माने तो कुछ भट्ठा संचालक सील की कार्रवाई होने के बाद फिर से चोरी छिपे भट्ठों पर ईंटें तैयार कर रहे हैं। उड़नदस्ते के टारगेट पर जिले के कुल 92 ईंट भट्ठे हैं। इनमें से अधिकांश बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं।