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दोस्तों और अधिकारियों के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान: एसपी
Sat, 24 Oct 2026 11:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:13 PM IST
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रेवाड़ी। सोशल मीडिया पर दोस्तों, रिश्तेदारों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से होने वाली साइबर ठगी को लेकर एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी परिचितों के फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और आपात स्थिति का बहाना बनाकर लोगों से रुपये ऐंठने का प्रयास करते हैं।
एसपी ने बताया कि ठग फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर मेडिकल इमरजेंसी, दुर्घटना या तत्काल पैसों की जरूरत का संदेश भेजते हैं। कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर उनके अधीनस्थ कर्मचारियों या आमजन से यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से पैसे मांगे जाते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि किसी परिचित या अधिकारी के नए नंबर से अचानक पैसों की मांग आने पर रुपये भेजने से पहले उसके पुराने या मूल नंबर पर फोन करके पुष्टि अवश्य करें। सोशल मीडिया पर आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध संदेशों की सत्यता भी जांचें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें।
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एसपी ने कहा कि साइबर ठग अक्सर जल्दबाजी और डर का माहौल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए बिना सत्यापन के कोई वित्तीय लेनदेन न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
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एसपी ने बताया कि ठग फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर मेडिकल इमरजेंसी, दुर्घटना या तत्काल पैसों की जरूरत का संदेश भेजते हैं। कई मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर उनके अधीनस्थ कर्मचारियों या आमजन से यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से पैसे मांगे जाते हैं।
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उन्होंने सलाह दी कि किसी परिचित या अधिकारी के नए नंबर से अचानक पैसों की मांग आने पर रुपये भेजने से पहले उसके पुराने या मूल नंबर पर फोन करके पुष्टि अवश्य करें। सोशल मीडिया पर आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध संदेशों की सत्यता भी जांचें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें।
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एसपी ने कहा कि साइबर ठग अक्सर जल्दबाजी और डर का माहौल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए बिना सत्यापन के कोई वित्तीय लेनदेन न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।