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Rewari News: सिविल सेवा हो या भारतीय सेना, हर जगह मिलेंगे नांगलमूंदी के वासी

Wed, 27 Nov 2024 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:15 PM IST
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Be it civil service or Indian Army, residents of Nangalmundi will be found everywhere.
मुंशीराम
विपिन कुमार
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नांगलमूंदी। नांगलमूंदी जिले का एक छोटा सा क्षेत्र है। यहां के लोग हर सरकारी विभाग में कार्यरत मिलेंगे। बात चाहे सिविल सेवा की हो या भारतीय सेना की हर जगह यहां के लोग मिलेंगे।
पिछले दो दशकों में ग्रामीण अंचल के नांगलमूंदी क्षेत्र के गांव बासदूदा निवासी रिटायर्ड भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी मुंशीराम, बालधन कलां निवासी भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी कुलदीप आर्य, गांव पहाड़ी निवासी आईआईटी एलूमनाई सचिव विनोद यादव, सियाकी गौरावास निवासी रिटायर्ड कमीशनर ओमप्रकाश यादव, मूसेपुर निवासी रिटायर्ड आईएएस राजेश यादव, डहीना निवासी भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी सुशील सिंह, गांव अहरोद निवासी रिटायर्ड आईएएस हंसराज ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय राजस्व सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर देश व प्रदेश में विभिन्न मंत्रालयों, निगमों व विभागों में अपनी सेवाएं देकर अपनी प्रखर बुद्धि कर्मठता ईमानदारी का परिचय दिया है। जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी हैं।
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साधारण परिवारों से संबंध रखने वाले ऐसे अधिकारियों का लालन पालन न केवल ग्रामीण अंचल में हुआ, अपितु इन सभी उच्च अधिकारियों ने अपनी प्रारंभिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा भी गांवों के सरकारी स्कूलों से प्राप्त की है। ऐसे में ये सभी क्षेत्र नांगलमूंदी के नहीं बल्कि समस्त देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
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युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने मुंशीराम

गांव बासदूदा निवासी रिटायर्ड आईआरएस मुंशीराम ने अपनी मेहनत व काबिलियत के बल पर मुकाम हासिल कर आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई मिसाल कायम करने का काम किया है। प्रारंभिक जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण होने के बावजूद इन्होंने अपने सब त्याग कर केवल दिन रात पढ़ाई को जारी रखा। दिल्ली क्षेत्र में कर्मचारी चयन आयोग जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा आरक्षित श्रेणी में वर्ष 1983 में टॉप करने वाले पहले शख्स हैं। आज प्रशासनिक व वकालत के क्षेत्र में सफलता पाकर दिल्ली नगर निगम कोर्ट में स्पेशल मैट्रोपाॅलिटन मजिस्ट्रेट पद को सुशोभित कर रहे हैं। गरीबी व आर्थिक कठिनाई के बावजूद भी अपने लक्ष्य से भटकने के बजाय दिन रात मेहनत कर अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रख अपने मुकाम को हासिल करने में सफलता प्राप्त की।

असफलता से विचलित होकर अपना लक्ष्य न बदलें

मुंशीराम का कहना है कि जीवन में नकारात्मक सोच सफलता में सबसे बडी बाधा हैं। किसी भी समस्या का समाधान का हल उससे पीठ मोड लेने में नहीं, बल्कि उसका सामना हिम्मत के साथ करने में है। निराशा में डूबने के बजाय आशा के साथ तैरकर किनारा ढूंढना चाहिए। कठोर परिश्रम के बाद भी सपफलता समय मांगती है। असफलता से विचलित होकर अपना लक्ष्य नहीं बदलना चाहिए।


मेहनत करके पाया जा सकता है कोई भी मुकाम

रिटायर्ड आईएएस ओपी यादव ने बताया कि ग्रामीण अंचल में भी प्रतिभाएं सरकारी स्कूलों से पढ़कर उच्च पदों पर विराजमान होकर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर आने वाली पीढी के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। मेहनत करके कोई भी मुकाम पाया जा सकता है।

मुंशीराम

मुंशीराम

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