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राष्ट्रीयता के अग्रदूत थे बाबू बालमुकुंद गुप्त : नाहड़िया
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फोटो : 18बाल भवन में काव्य गोष्ठी के दौरान एकत्रित हुए गणमान्य। स्रोत : परिषद
रेवाड़ी। बाल भवन में राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से बाबू बालमुकुंद गुप्त सप्ताह एवं हिंदी दिवस पर केंद्रित काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रमेश चंद्र शर्मा ने की। बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद के अध्यक्ष ऋषि सिंहल मुख्य अतिथि और नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन सरोज भारद्वाज विशिष्ट अतिथि रहीं।
इस अवसर पर करीब दो दर्जन रचनाकारों ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अध्यक्षता करते हुए प्रो. शर्मा ने हिंदी की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए मानक हिंदी के प्रयोग पर बल दिया। वरिष्ठ साहित्यकार व केंद्रीय हिंदी सलाहकार समिति के नवमनोनीत सदस्य सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने बाबू बालमुकुंद गुप्त को हिंदी पत्रकारिता का मसीहा व राष्ट्रीयता का अग्रदूत बताया।
मुख्य अतिथि ऋषि सिंहल ने बाबू बालमुकुंद गुप्त के जीवन पर प्रकाश डालते हुए इस काव्य गोष्ठी के आयोजन की सराहना की। वहीं विशिष्ट अतिथि सरोज भारद्वाज ने हिंदी दिवस के अवसर पर हुई इस गोष्ठी को प्रेरणादायक बताया।
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राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष मुकुट अग्रवाल भावुक के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में राजेश भुलक्कड़, तेजभान कुकरेजा, यतिन चारण, प्रेमपाल अनपढ़, अरविंद भारद्वाज, डॉ. त्रिलोक फतेहपुरी, दलबीर फूल, सैनिक शत्रुघ्न, सुनील गुप्ता धीर, कुमार विकास, डॉ. सुधा यादव, डॉ. शिखा सिंघल, अभिलाषा नामदेव, विकास मोखरिया, अरुण द्विवेदी, नाहर सिंह, लाल बहादुर कौशिक, मनोज कौशिक, सचिन अग्रवाल व अंकित खोला सहित रेवाड़ी के रचनाकारों ने काव्य पाठ किया।
संगम की ओर से सभी कवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महासचिव अरुण गुप्ता अजेय ने कविता प्रस्तुत कर मेहमानों का आभार जताया। इस अवसर पर रामअवतार एकलव्य, पूर्व नौसैनिक प्रमोद आर्य और बीकानेर से दयाराम आर्य भी उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर करीब दो दर्जन रचनाकारों ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अध्यक्षता करते हुए प्रो. शर्मा ने हिंदी की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए मानक हिंदी के प्रयोग पर बल दिया। वरिष्ठ साहित्यकार व केंद्रीय हिंदी सलाहकार समिति के नवमनोनीत सदस्य सत्यवीर नाहड़िया ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने बाबू बालमुकुंद गुप्त को हिंदी पत्रकारिता का मसीहा व राष्ट्रीयता का अग्रदूत बताया।
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मुख्य अतिथि ऋषि सिंहल ने बाबू बालमुकुंद गुप्त के जीवन पर प्रकाश डालते हुए इस काव्य गोष्ठी के आयोजन की सराहना की। वहीं विशिष्ट अतिथि सरोज भारद्वाज ने हिंदी दिवस के अवसर पर हुई इस गोष्ठी को प्रेरणादायक बताया।
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राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष मुकुट अग्रवाल भावुक के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में राजेश भुलक्कड़, तेजभान कुकरेजा, यतिन चारण, प्रेमपाल अनपढ़, अरविंद भारद्वाज, डॉ. त्रिलोक फतेहपुरी, दलबीर फूल, सैनिक शत्रुघ्न, सुनील गुप्ता धीर, कुमार विकास, डॉ. सुधा यादव, डॉ. शिखा सिंघल, अभिलाषा नामदेव, विकास मोखरिया, अरुण द्विवेदी, नाहर सिंह, लाल बहादुर कौशिक, मनोज कौशिक, सचिन अग्रवाल व अंकित खोला सहित रेवाड़ी के रचनाकारों ने काव्य पाठ किया।
संगम की ओर से सभी कवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। महासचिव अरुण गुप्ता अजेय ने कविता प्रस्तुत कर मेहमानों का आभार जताया। इस अवसर पर रामअवतार एकलव्य, पूर्व नौसैनिक प्रमोद आर्य और बीकानेर से दयाराम आर्य भी उपस्थित रहे।