फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   All the three agricultural laws are destroying the farmers of the country.

तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले ः महलावत

Tue, 08 Jun 2021 11:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 11:04 PM IST
विज्ञापन
All the three agricultural laws are destroying the farmers of the country.
रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन 176 वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को तेज करने के लिए धरनास्थल पर किसानों की संख्या बढ़ने लगी है, जिससे यहां टेंटों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं धरनास्थल पर किसानों का समूह चर्चाओं का दौर भी जारी रहा।
विज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवाए तीनों कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है, जिसका खामियाजा देश के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है कि किसान भूखा-प्यासा तेज धूप व गर्मी में खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इसके विपरीत भाजपा की सरकारें लगातार किसानों को बदनाम करने की साजिश रच रही हैं। केंद्र सरकार को चाहिए कि बिना समय गवाए किसानों से बातचीत शुरू करने के साथ ही तीनों कृषि कानून वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाने की योजना बनाए, जिससे कि किसान भी अपने घर वापस जा सकें। इस अवसर पर राजस्थान के किसान नेता राजाराम मील, चौधरी बच्चू सिंह शाहपुर, अमराराम, राजू, नवीन सोहलोत, महेंद्र सिंह, किशन चौधरी व त्रिलोक चंद सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed