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मनेठी एम्स पर विधानसभा में पूर्व शिक्षा मंत्री बोलीं- रेवाड़ी के विधायक नहीं हैं गंभीर
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- फोटो : Rewari
मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को विधानसभा में जब रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास उनके यहां हुए विकास कार्य गिनवा रहे थे तो झज्जर की विधायक गीता भुक्कल ने बीच में टोक दिया। उन्होंने कहा कि मनेठी एम्स तो हाथों से गया, अब बचा क्या है? इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्स मनेठी में ही बनेगा। वहीं रेवाड़ी विधायक ने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर मनेठी में एम्स नहीं बनने की स्थिति में दो सुझाव दिए हैं। इनमें मसानी बैराज व सहगल पेपर मिल और उसके आसपास की खाली जमीन शामिल हैं। कापड़ीवास ने कहा कि फिलहाल पहली प्राथमिकता मनेठी ही है।
उल्लेखनीय है कि मनेठी में प्रस्तावित एम्स के निर्माण को लेकर केंद्रीय वन सलाहकार समिति की नामंजूरी के बाद चंडीगढ़ से दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है। कभी केंद्रीय राज्यमंत्री के गुणगान करने वाली एम्स संघर्ष समिति भी पाला बदलते हुए प्रदेश के सीएम व वन मंत्री राव नरबीर से उम्मीद जतानी लगी है। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार महापंचायत की गई है। इसके अलावा चार अगस्त को जेल भरो आंदोलन के तहत करीब 16 हजार लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। इस बीच जिला प्रशासन द्वारा एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर एफएसी द्वारा लगाई गईं आपत्तियों को दूर करने के लिए कागजात की जांच करनी शुरू कर दी है। मंगलवार को समाप्त हुए प्रदेश सरकार के अंतिम सत्र में भी मनेठी एम्स की चर्चा की गई।
सरकार को स्थानांतरित हो चुकी है सहगल पेपर मिल की जमीन
धारूहेड़ा में स्थापित सहगल पेपर मिल को काफी समय पूर्व ही बेचा जा चुका है। यह सरकार को भी स्थानांतरित हो चुकी है। ऐसे में इस जमीन को एम्स के निर्माण में इस्तेमाल किया जाना आसन होगा। यह जमीन करीब 107 एकड़ है। इसके आसपास सरकार की ही 70 अधिक एकड़ जमीन खाली पड़ी हुई है। जिस पर एम्स का निर्माण किया जा सकता है।
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बाढड़ा एम्स के लिए कांग्रेस ने लड़ी लड़ाई : भुक्कल
झज्जर विधायक व कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री रही गीता भुक्कल ने कहा कि बाढड़ा एम्स को स्थानांतरित किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी द्वारा काफी लड़ाई लड़ी गई थी। अपने जिले से कोई संस्थान स्थानांतरित हो जाए यह बेहद गंभीर बात है। लेकिन रेवाड़ी के मनेठी में बनने वाले एम्स को स्थानांतरित किया जा रहा है। ऐसे में वहां के प्रतिनिधियों द्वारा उस पर सवाल पूछने के बजाए मुख्यमंत्री की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे थे। इसको लेकर ही मैंने कहा था कि कसीदे पढ़ने की बजाय मनेठी एम्स के बारे में सवाल पूछें तो अच्छा है। भुक्कल ने कहा कि रेवाड़ी के जनप्रतिनिधि मुद्दे को लेकर गंभीर नही हैं।
-गीता भुक्कल, विधायक झज्जर।
रेवाड़ी में ही बनेगा एम्स : कापड़ीवास
रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि हमारी ओर से मनेठी एम्स पर सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हुई है। उन्होंने मनेठी में एम्स निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही है। कापड़ीवास ने कहा कि अगर इसमें कोई अड़चन आई तो जिले से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। सरकार एम्स को रेवाड़ी जिले में ही बनाएगी। मनेठी में अड़चन आने की स्थिति में मसानी बैराज व पेपर सहगल मिल को भी ऑप्शन के तौर पर देखा जा सकता है। इसका सुझाव सरकार को दिया गया है।
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उल्लेखनीय है कि मनेठी में प्रस्तावित एम्स के निर्माण को लेकर केंद्रीय वन सलाहकार समिति की नामंजूरी के बाद चंडीगढ़ से दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है। कभी केंद्रीय राज्यमंत्री के गुणगान करने वाली एम्स संघर्ष समिति भी पाला बदलते हुए प्रदेश के सीएम व वन मंत्री राव नरबीर से उम्मीद जतानी लगी है। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार महापंचायत की गई है। इसके अलावा चार अगस्त को जेल भरो आंदोलन के तहत करीब 16 हजार लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। इस बीच जिला प्रशासन द्वारा एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर एफएसी द्वारा लगाई गईं आपत्तियों को दूर करने के लिए कागजात की जांच करनी शुरू कर दी है। मंगलवार को समाप्त हुए प्रदेश सरकार के अंतिम सत्र में भी मनेठी एम्स की चर्चा की गई।
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सरकार को स्थानांतरित हो चुकी है सहगल पेपर मिल की जमीन
धारूहेड़ा में स्थापित सहगल पेपर मिल को काफी समय पूर्व ही बेचा जा चुका है। यह सरकार को भी स्थानांतरित हो चुकी है। ऐसे में इस जमीन को एम्स के निर्माण में इस्तेमाल किया जाना आसन होगा। यह जमीन करीब 107 एकड़ है। इसके आसपास सरकार की ही 70 अधिक एकड़ जमीन खाली पड़ी हुई है। जिस पर एम्स का निर्माण किया जा सकता है।
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बाढड़ा एम्स के लिए कांग्रेस ने लड़ी लड़ाई : भुक्कल
झज्जर विधायक व कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री रही गीता भुक्कल ने कहा कि बाढड़ा एम्स को स्थानांतरित किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी द्वारा काफी लड़ाई लड़ी गई थी। अपने जिले से कोई संस्थान स्थानांतरित हो जाए यह बेहद गंभीर बात है। लेकिन रेवाड़ी के मनेठी में बनने वाले एम्स को स्थानांतरित किया जा रहा है। ऐसे में वहां के प्रतिनिधियों द्वारा उस पर सवाल पूछने के बजाए मुख्यमंत्री की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे थे। इसको लेकर ही मैंने कहा था कि कसीदे पढ़ने की बजाय मनेठी एम्स के बारे में सवाल पूछें तो अच्छा है। भुक्कल ने कहा कि रेवाड़ी के जनप्रतिनिधि मुद्दे को लेकर गंभीर नही हैं।
-गीता भुक्कल, विधायक झज्जर।
रेवाड़ी में ही बनेगा एम्स : कापड़ीवास
रेवाड़ी विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि हमारी ओर से मनेठी एम्स पर सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हुई है। उन्होंने मनेठी में एम्स निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही है। कापड़ीवास ने कहा कि अगर इसमें कोई अड़चन आई तो जिले से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। सरकार एम्स को रेवाड़ी जिले में ही बनाएगी। मनेठी में अड़चन आने की स्थिति में मसानी बैराज व पेपर सहगल मिल को भी ऑप्शन के तौर पर देखा जा सकता है। इसका सुझाव सरकार को दिया गया है।