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Rewari News: आरती राव को मंत्री बनाकर अहीरवाल बेल्ट का मान बढ़ाया
Fri, 18 Oct 2024 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 18 Oct 2024 03:00 AM IST
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फोटो : 18रेवाड़ी। समर्थकों के साथ खुशी जाहिर करते आरती राव। स्रोत : पार्टी
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह की पौत्री आरती राव को मंत्री बनाकर अहीरवाल को तोहफा दिया गया है। इसको लेकर खुशी समर्थकों ने बुके भेंट कर आरती राव को बधाई दी।
महेंद्रगढ़ के अटेली विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुनी गईं आरती राव ने वीरवार को जब मंत्री पद की शपथ ली तो उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। आरती राव के मंत्री बनने से 56 वर्ष बाद अहीरवाल को चौधर मिली है। आरती राव ने महज 2500 मतों से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। आरती राव स्नातक हैं और शूटिंग की खिलाड़ी रही हैं। आरती राव ने 2001 और 2012 में शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। 2017 में शूटिंग से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। इस बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें अटेली सीट से भाजपा का टिकट मिला था और उन्होंने जीत दर्ज कराई थी। आरती राव ने सपा के उम्मीदवार अतरवाल को 2500 वोटों से हराया था। अतरलाल को 54274 वोट और भाजपा की आरती राव को 56,774 मत मिले थे। कांग्रेस की अनीता यादव को 29,474 वोट मिले थे। आरती राव के पिता इंद्रजीत राव अहीरवाल क्षेत्र के बड़े नेता माने जाते हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी से मांगा था टिकट
राव इंद्रजीत सिंह के लिए इस बार का विधानसभा चुनाव काफी अहम माना जा रहा था क्योंकि आरती राव के लिए वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी टिकट की मांग की गई थी लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इस बार भाजपा ने आरती राव को अटेली से टिकट दिया। टिकट की घोषणा होने के बाद से विरोधियों ने आरती राव को हराने के लिए हरसंभव प्रयास किया था लेकिन क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के प्रभाव को रोक नहीं पाए और पहली ही बार में आरती राव विधानसभा का चुनाव जीत गईं।
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शीर्ष नेतृत्व की कसौटी पर खरे उतरे राव इंद्रजीत
दक्षिणी हरियाणा से अपना जुड़ाव रखते हुए राव इंद्रजीत ने न केवल अटेली से अपनी बेटी आरती राव बल्कि इस क्षेत्र की 8 से 10 सीटों पर अपना प्रभाव रखते हुए जीत दिलाई। इसके चलते भाजपा हाईकमान भी कहीं ना कहीं उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह इस चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की कसौटी पर तो खरे उतरे ही, साथ में अपनी बेटी आरती राव को भी विधायक बनाकर मंत्री पद तक पहुंचाया।
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रेवाड़ी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह की पौत्री आरती राव को मंत्री बनाकर अहीरवाल को तोहफा दिया गया है। इसको लेकर खुशी समर्थकों ने बुके भेंट कर आरती राव को बधाई दी।
महेंद्रगढ़ के अटेली विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुनी गईं आरती राव ने वीरवार को जब मंत्री पद की शपथ ली तो उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। आरती राव के मंत्री बनने से 56 वर्ष बाद अहीरवाल को चौधर मिली है। आरती राव ने महज 2500 मतों से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। आरती राव स्नातक हैं और शूटिंग की खिलाड़ी रही हैं। आरती राव ने 2001 और 2012 में शूटिंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। 2017 में शूटिंग से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। इस बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें अटेली सीट से भाजपा का टिकट मिला था और उन्होंने जीत दर्ज कराई थी। आरती राव ने सपा के उम्मीदवार अतरवाल को 2500 वोटों से हराया था। अतरलाल को 54274 वोट और भाजपा की आरती राव को 56,774 मत मिले थे। कांग्रेस की अनीता यादव को 29,474 वोट मिले थे। आरती राव के पिता इंद्रजीत राव अहीरवाल क्षेत्र के बड़े नेता माने जाते हैं।
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2019 के विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी से मांगा था टिकट
राव इंद्रजीत सिंह के लिए इस बार का विधानसभा चुनाव काफी अहम माना जा रहा था क्योंकि आरती राव के लिए वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी टिकट की मांग की गई थी लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इस बार भाजपा ने आरती राव को अटेली से टिकट दिया। टिकट की घोषणा होने के बाद से विरोधियों ने आरती राव को हराने के लिए हरसंभव प्रयास किया था लेकिन क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के प्रभाव को रोक नहीं पाए और पहली ही बार में आरती राव विधानसभा का चुनाव जीत गईं।
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शीर्ष नेतृत्व की कसौटी पर खरे उतरे राव इंद्रजीत
दक्षिणी हरियाणा से अपना जुड़ाव रखते हुए राव इंद्रजीत ने न केवल अटेली से अपनी बेटी आरती राव बल्कि इस क्षेत्र की 8 से 10 सीटों पर अपना प्रभाव रखते हुए जीत दिलाई। इसके चलते भाजपा हाईकमान भी कहीं ना कहीं उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह इस चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की कसौटी पर तो खरे उतरे ही, साथ में अपनी बेटी आरती राव को भी विधायक बनाकर मंत्री पद तक पहुंचाया।