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Rewari News: अधिवक्ताओं ने किया सत्र न्यायाधीश की अदालत का बहिष्कार करने का फैसला
Tue, 05 May 2026 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 05 May 2026 11:41 PM IST
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अधिवक्ताओं को संबोधित करते जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट विश्वामित्र यादव। स्रोत : एसोसिए
रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को प्रधान विश्वामित्र यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से रेवाड़ी एसडीएम के न्यायालय का बहिष्कार जारी रखने, बुधवार को कोर्ट के गेट पर पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन करने और जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत का बहिष्कार करने का फैसला किया।
बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम के असहयोगात्मक रवैये के कारण यह निर्णय लेना पड़ा। 16 अप्रैल से एसडीएम की राजस्व अदालत का बहिष्कार जारी है।
प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीसी को देकर एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के व्यवहार की आलोचना की और सर्वसम्मति से विरोध तेज करने का निर्णय लिया।
बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि एसडीएम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
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महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण होगा लागू
रेवाड़ी। बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में बार एसोसिएशन के पदों पर महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत सह सचिव का एक पद महिला अधिवक्ता के लिए आरक्षित किया गया है। एक नया कार्यकारी पदाधिकारी का पद सृजित किया गया है, जिसपर महिला अधिवक्ता को मनोनीत किया जाएगा। इस नए पद के लिए यह शर्त रखी गई है कि महिला अधिवक्ता के पास जिला न्यायालय में कम से कम 7 वर्ष की नियमित प्रैक्टिस होनी चाहिए। इससे पहले बार एसोसिएशन में केवल प्रधान, उप प्रधान, सचिव, सह सचिव और कोषाध्यक्ष के पद होते थे।
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बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम के असहयोगात्मक रवैये के कारण यह निर्णय लेना पड़ा। 16 अप्रैल से एसडीएम की राजस्व अदालत का बहिष्कार जारी है।
प्रधान विश्वामित्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीसी को देकर एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के व्यवहार की आलोचना की और सर्वसम्मति से विरोध तेज करने का निर्णय लिया।
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बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि एसडीएम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
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महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण होगा लागू
रेवाड़ी। बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में बार एसोसिएशन के पदों पर महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत सह सचिव का एक पद महिला अधिवक्ता के लिए आरक्षित किया गया है। एक नया कार्यकारी पदाधिकारी का पद सृजित किया गया है, जिसपर महिला अधिवक्ता को मनोनीत किया जाएगा। इस नए पद के लिए यह शर्त रखी गई है कि महिला अधिवक्ता के पास जिला न्यायालय में कम से कम 7 वर्ष की नियमित प्रैक्टिस होनी चाहिए। इससे पहले बार एसोसिएशन में केवल प्रधान, उप प्रधान, सचिव, सह सचिव और कोषाध्यक्ष के पद होते थे।