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Rewari News: कचरा प्रबंधन नियमों के उल्लंघन पर नप रेवाड़ी समेत छह विभागों पर 6.30 लाख का लगा जुर्माना
Wed, 15 Oct 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:11 AM IST
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फोटो : 1धारूहेड़ा में सेक्टर 6 के पीछे सुभाष चंद्र बोस मार्ग के किनारे लगा कूड़े का ढेर।
रेवाड़ी। ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने नगर परिषद रेवाड़ी, एचएसआईआईडीसी बावल, एनएचएआई, एचएसवीपी, उप निदेशक कृषि विभाग और बीडीपीओ धारूहेड़ा पर कुल 6.30 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही धारूहेड़ा नगर पालिका पर 1.11 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश की है।
मामले में धारुहेड़ा नगर पालिका सचिव के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही सिविल कोर्ट रेवाड़ी में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एचएसपीसीबी ने नगर परिषद रेवाड़ी पर 5.25 लाख रुपये, एचएसआईआईडीसी बावल पर 25 हजार, एनएचएआई पर 25 हजार, एचएसवीपी पर 25 हजार, उप निदेशक कृषि विभाग पर 5 हजार रुपये और बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
इन विभागों पर कुल 6.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन संस्थाओं पर कचरे के अवैध डंपिंग और जलाने के मामलों में कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई एनजीटी की ओर से प्रकाश यादव बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य मामले में दिए गए आदेशों के अनुपालन में की गई है। बोर्ड की ओर से एनजीटी में अनुपालन और कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल की गई है।
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इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब राज्य सरकार और नगर निकायों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त पालन का दबाव बढ़ गया है। एनजीटी के निर्देशों के अनुसार बोर्ड आने वाले महीनों में राज्य के अन्य जिलों में निरीक्षण करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हरियाणा में कहीं भी अवैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण न किया जाए।
न्यायाधिकरण ने 26 जुलाई 2024 को अपने आदेश में राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए थे कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2016 के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें और हरियाणा राज्य में कचरे के खुले में फेंकने पर रोक लगाएं।
ठोस अपशिष्ट डालने या जलाने पर है प्रतिबंध
एनजीटी के आदेशों के अनुसार सड़कों, नदियों, नालों, आर्द्रभूमि, झीलों, पंचायत या राजस्व भूमि समेत किसी भी अनधिकृत स्थल पर ठोस अपशिष्ट डालने या जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। पहली बार उल्लंघन पर 5,000 रुपये से लेकर थोक कचरे के मामलों में 25 हजार रुपये तक और दोबारा उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का पर्यावरणीय जुर्माना निर्धारित किया गया है। इन जुर्मानों की वसूली नगर निगमों, नगर समितियों और एचएसपीसीबी द्वारा की जाएगी।
नपा ने 3.7 एकड़ भूमि की पहचान की
बोर्ड की ओर से एनजीटी में दाखिल अनुपालन और कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार धारूहेड़ा नगर पालिका ने अब 3.7 एकड़ भूमि की पहचान गांव मालपुरा और राजपुरा में की है, जहां 24.5 टन प्रतिदिन क्षमता वाला इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका ने पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आवेदन कर दिया है और 20 अगस्त को सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद यह प्लांट वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण के लिए विकसित किया जाएगा।
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प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया
बोर्ड ने रिपोर्ट में बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत 8 नवंबर 2024 को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई, जिसमें अनधिकृत स्थानों पर कचरा डालने पर रोक और दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। एचएसपीसीबी ने कहा है कि पर्यावरणीय मुआवजे की वसूली की रकम का उपयोग संबंधित नगर निकायों और बोर्ड की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को सुधारने में किया जाएगा।
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मामले में धारुहेड़ा नगर पालिका सचिव के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही सिविल कोर्ट रेवाड़ी में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एचएसपीसीबी ने नगर परिषद रेवाड़ी पर 5.25 लाख रुपये, एचएसआईआईडीसी बावल पर 25 हजार, एनएचएआई पर 25 हजार, एचएसवीपी पर 25 हजार, उप निदेशक कृषि विभाग पर 5 हजार रुपये और बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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इन विभागों पर कुल 6.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन संस्थाओं पर कचरे के अवैध डंपिंग और जलाने के मामलों में कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई एनजीटी की ओर से प्रकाश यादव बनाम राज्य हरियाणा एवं अन्य मामले में दिए गए आदेशों के अनुपालन में की गई है। बोर्ड की ओर से एनजीटी में अनुपालन और कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल की गई है।
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इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब राज्य सरकार और नगर निकायों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त पालन का दबाव बढ़ गया है। एनजीटी के निर्देशों के अनुसार बोर्ड आने वाले महीनों में राज्य के अन्य जिलों में निरीक्षण करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हरियाणा में कहीं भी अवैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण न किया जाए।
न्यायाधिकरण ने 26 जुलाई 2024 को अपने आदेश में राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए थे कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2016 के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें और हरियाणा राज्य में कचरे के खुले में फेंकने पर रोक लगाएं।
ठोस अपशिष्ट डालने या जलाने पर है प्रतिबंध
एनजीटी के आदेशों के अनुसार सड़कों, नदियों, नालों, आर्द्रभूमि, झीलों, पंचायत या राजस्व भूमि समेत किसी भी अनधिकृत स्थल पर ठोस अपशिष्ट डालने या जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। पहली बार उल्लंघन पर 5,000 रुपये से लेकर थोक कचरे के मामलों में 25 हजार रुपये तक और दोबारा उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का पर्यावरणीय जुर्माना निर्धारित किया गया है। इन जुर्मानों की वसूली नगर निगमों, नगर समितियों और एचएसपीसीबी द्वारा की जाएगी।
नपा ने 3.7 एकड़ भूमि की पहचान की
बोर्ड की ओर से एनजीटी में दाखिल अनुपालन और कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार धारूहेड़ा नगर पालिका ने अब 3.7 एकड़ भूमि की पहचान गांव मालपुरा और राजपुरा में की है, जहां 24.5 टन प्रतिदिन क्षमता वाला इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका ने पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आवेदन कर दिया है और 20 अगस्त को सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद यह प्लांट वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण के लिए विकसित किया जाएगा।
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प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया
बोर्ड ने रिपोर्ट में बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत 8 नवंबर 2024 को सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई, जिसमें अनधिकृत स्थानों पर कचरा डालने पर रोक और दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। एचएसपीसीबी ने कहा है कि पर्यावरणीय मुआवजे की वसूली की रकम का उपयोग संबंधित नगर निकायों और बोर्ड की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को सुधारने में किया जाएगा।
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