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- सामग्री में भी मिलावट की दी थी शिकायत
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:34 AM IST
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तिरछा बना दिया नाला, मिलावटी सामग्री का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
भाड़वास फाटक के समीप बन रहे नाले में गुणवत्ता युक्त सामग्री न लगाने और नाला तिरछा बनाने की शिकायत के बाद बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सामग्री के सैंपल लिए। इस मामले को लेकर कुछ दिन पूर्व कुछ लोगों ने जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल से शिकायत की थी। इसके बाद बुधवार को जांच की गई।
गौर हो कि एक करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से भाड़ावास फाटक के समीप 2200 फीट के सड़क के दोनों ओर नाले बनने हैं। वहीं 200 फीट का काम सुलखा गांव में होना है। यह काम पिछले 15 दिन से चल रहा है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने काम कर रहे ठेकेदार पर सामग्री में मिलावट और नाले को तिरछे बनाने की शिकायत जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल से की थी। उन्होंने संबंधित विभाग से इस मामले की जांच के लिए कहा था। इस पर बुधवार को पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हेमंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मौका देखा और निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भिजवाने की बात कही।
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खाली प्लॉट में पड़ी बजरी
वहीं कुछ लोगों ने निर्माण कार्य में काम आने वाली बजरी को अन्यत्र बेचने का भी आरोप लगाया था। एक्सईएन वहां भी गए। वहां जाकर देखा तो नाले की निर्माण सामग्री एक खाली प्लाट में पड़ी। इस पर ठेकेदार ने बताया कि सड़क पर बजरी डालने की जगह नहीं थी। इसीलिए किराए पर जगह लेकर इसे यहां डलवाया गया है।
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मामले की शिकायत मिली थी। निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवा दिया है। कुछ गलत हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। नाला तिरझा बिजली पोलों और सीवर को देखकर हुुआ है। इसे भी दिखवाएंगे।
हेमंत, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
भाड़वास फाटक के समीप बन रहे नाले में गुणवत्ता युक्त सामग्री न लगाने और नाला तिरछा बनाने की शिकायत के बाद बुधवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सामग्री के सैंपल लिए। इस मामले को लेकर कुछ दिन पूर्व कुछ लोगों ने जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल से शिकायत की थी। इसके बाद बुधवार को जांच की गई।
गौर हो कि एक करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से भाड़ावास फाटक के समीप 2200 फीट के सड़क के दोनों ओर नाले बनने हैं। वहीं 200 फीट का काम सुलखा गांव में होना है। यह काम पिछले 15 दिन से चल रहा है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने काम कर रहे ठेकेदार पर सामग्री में मिलावट और नाले को तिरछे बनाने की शिकायत जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल से की थी। उन्होंने संबंधित विभाग से इस मामले की जांच के लिए कहा था। इस पर बुधवार को पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हेमंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मौका देखा और निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भिजवाने की बात कही।
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खाली प्लॉट में पड़ी बजरी
वहीं कुछ लोगों ने निर्माण कार्य में काम आने वाली बजरी को अन्यत्र बेचने का भी आरोप लगाया था। एक्सईएन वहां भी गए। वहां जाकर देखा तो नाले की निर्माण सामग्री एक खाली प्लाट में पड़ी। इस पर ठेकेदार ने बताया कि सड़क पर बजरी डालने की जगह नहीं थी। इसीलिए किराए पर जगह लेकर इसे यहां डलवाया गया है।
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मामले की शिकायत मिली थी। निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवा दिया है। कुछ गलत हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। नाला तिरझा बिजली पोलों और सीवर को देखकर हुुआ है। इसे भी दिखवाएंगे।
हेमंत, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी