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एक दिन में डेंगू के मिले 28 केस, प्लेटलेट्स किट की होने लगी कमी
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डॉ. विजय प्रकाश, डेंगू नोडल अधिकारी।
- फोटो : Rewari
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जिले में जहां कोरोना के मरीज शून्य हो गए हैं, वहीं डेंगू ने कोहराम मचा रखा है। शुक्रवार को जिले में 28 नए केस की पुष्टि हुई। इसके साथ ही अब जिले में 113 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।
इस समय कोरोना की दूसरी लहर जैसे हालाता होते जा रहे हैं। मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का सरकारी आंकड़ा हकीकत से काफी दूर है। विभाग महज 113 डेंगू के मरीज ही दिखा रहा है। डेंगू के साथ ही अब बड़ी चिता ब्लड बैंक पर प्लेटलेट्स किट की कमी पैदा कर रही है। डेंगू का प्रकोप बीते करीब बीस दिनों में तेजी से बढ़ा है। शहर और गांव सभी जगहों पर हालात बद से बदतर हो चुके हैं। चिकित्सक मरीजों का जीवन प्लेटलेट्स चढ़ाकर ही बचा रहे हैं। शहर में मुख्य तौर पर पांच ब्लड लैब हैं, जिनमें प्लेटलेट्स सेपरेटर मशीन है। इस मशीन से ही रक्त में से प्लेटलेट्स को अलग कर किट में रखा जाता है। जिस किट में प्लेटलेट्स रखी जाती है वह अमेरिका से सप्लाई होती है। रेवाड़ी में किट दिल्ली के एक डीलर द्वारा सप्लाई की जाती है। अब अचानक से डेंगू इतना अधिक फैला गया है कि हर रोज 100 से अधिक प्लेटलेट्स किट की खपत हो रही है। इतनी किट ब्लड लैब वालों ने भी नहीं रखी हुई थी। डीलर का कहना है कि प्लेटलेट्स किट की सप्लाई आगे से ही नहीं आ रही है। यही कारण है कि अब लोगों को प्लेटलेट्स देने में भी दिक्कत आ रही है। लैब संचालक लोगों को वापस भेज रहे हैं, जिससे मरीजों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
नागरिक अस्पताल में शुरू नहीं हुई सेपरेटर मशीन
रक्त में से प्लेटलेट्स को अलग करने वाली सेपरेटर मशीन को चलाने का लाइसेंस नागरिक अस्पताल को भी मिल गया है। अस्पताल के लैब तकनीशियन मशीन चलाने की ट्रेनिंग लेने के लिए गए हुए हैं। सात दिन की ट्रेनिंग के बाद जब वह लौटेंगे तो ही सेपरेटर मशीन शुरू हो पाएगी। अगले सप्ताह तक अस्पताल में मशीन चालू होने की उम्मीद है।
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113 में से 7 मरीज नागररिक अस्पताल में दाखिल
नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि 113 में से शुक्रवार को 7 मरीज दाखिले हुए हैं, जिनकी हालत में सुधार है। बाकी मरीजों की ओपीडी कर उन्हें घर पर रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि 113 में से जिले के निजी अस्पताल में 52 केस मिले है। 61 डेंगू के केस नागरिक अस्पताल में पाए गए हैं। उन्होंने घर व आसपास सफाई रखने की सलाह दी, ताकि डेंगू का मच्छर न पनप सके।
जिले में केस सौ से ऊपर हो चुके हैं। लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वे बिना किसी चिकित्सक की सलाह के दवाई न लें। जरूरत पड़ने पर सिर्फ पैरासिटामॉल ले सकते हैं। इसके अलावा मरीज की हालत खराब है तो उसे अस्पताल लेकर उसका इलाज कराए। -डॉ. विजय प्रकाश, डेंगू व मलेरिया नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग।
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इस समय कोरोना की दूसरी लहर जैसे हालाता होते जा रहे हैं। मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का सरकारी आंकड़ा हकीकत से काफी दूर है। विभाग महज 113 डेंगू के मरीज ही दिखा रहा है। डेंगू के साथ ही अब बड़ी चिता ब्लड बैंक पर प्लेटलेट्स किट की कमी पैदा कर रही है। डेंगू का प्रकोप बीते करीब बीस दिनों में तेजी से बढ़ा है। शहर और गांव सभी जगहों पर हालात बद से बदतर हो चुके हैं। चिकित्सक मरीजों का जीवन प्लेटलेट्स चढ़ाकर ही बचा रहे हैं। शहर में मुख्य तौर पर पांच ब्लड लैब हैं, जिनमें प्लेटलेट्स सेपरेटर मशीन है। इस मशीन से ही रक्त में से प्लेटलेट्स को अलग कर किट में रखा जाता है। जिस किट में प्लेटलेट्स रखी जाती है वह अमेरिका से सप्लाई होती है। रेवाड़ी में किट दिल्ली के एक डीलर द्वारा सप्लाई की जाती है। अब अचानक से डेंगू इतना अधिक फैला गया है कि हर रोज 100 से अधिक प्लेटलेट्स किट की खपत हो रही है। इतनी किट ब्लड लैब वालों ने भी नहीं रखी हुई थी। डीलर का कहना है कि प्लेटलेट्स किट की सप्लाई आगे से ही नहीं आ रही है। यही कारण है कि अब लोगों को प्लेटलेट्स देने में भी दिक्कत आ रही है। लैब संचालक लोगों को वापस भेज रहे हैं, जिससे मरीजों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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नागरिक अस्पताल में शुरू नहीं हुई सेपरेटर मशीन
रक्त में से प्लेटलेट्स को अलग करने वाली सेपरेटर मशीन को चलाने का लाइसेंस नागरिक अस्पताल को भी मिल गया है। अस्पताल के लैब तकनीशियन मशीन चलाने की ट्रेनिंग लेने के लिए गए हुए हैं। सात दिन की ट्रेनिंग के बाद जब वह लौटेंगे तो ही सेपरेटर मशीन शुरू हो पाएगी। अगले सप्ताह तक अस्पताल में मशीन चालू होने की उम्मीद है।
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113 में से 7 मरीज नागररिक अस्पताल में दाखिल
नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि 113 में से शुक्रवार को 7 मरीज दाखिले हुए हैं, जिनकी हालत में सुधार है। बाकी मरीजों की ओपीडी कर उन्हें घर पर रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि 113 में से जिले के निजी अस्पताल में 52 केस मिले है। 61 डेंगू के केस नागरिक अस्पताल में पाए गए हैं। उन्होंने घर व आसपास सफाई रखने की सलाह दी, ताकि डेंगू का मच्छर न पनप सके।
जिले में केस सौ से ऊपर हो चुके हैं। लोगों को हिदायत दी जा रही है कि वे बिना किसी चिकित्सक की सलाह के दवाई न लें। जरूरत पड़ने पर सिर्फ पैरासिटामॉल ले सकते हैं। इसके अलावा मरीज की हालत खराब है तो उसे अस्पताल लेकर उसका इलाज कराए। -डॉ. विजय प्रकाश, डेंगू व मलेरिया नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभाग।