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Rewari News: पाल्हावास में पानी से घिरी 25 एकड़ भूमि
Tue, 19 Nov 2024 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 19 Nov 2024 12:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पाल्वास गांव में कई महीने से बरसात का पानी खेतों में भरा है जिससे किसान परेशान हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल आर्य ने सरकार, प्रशासन और नहर विभाग समेत 15 अधिकारियों और नेताओं को पत्र भेजकर जलनिकासी कराने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि करीब 100 एकड़ खेती की उपजाऊ भूमि बरसात के पानी से घिर जाती है। वर्तमान में कई माह से 25 एकड़ खेत में पानी भरा है। कोसली रोड के आसपास दोनों तरफ पर नहर डिस्ट्रीब्यूटरी के कारण रुकावट मानकर पहाराजवास की लगती हुई सीमा में हर वर्ष जलभराव होता है लेकिन नहर विभाग जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं करता है। ग्राम पंचायत द्वारा तेल उपलब्ध करवाने पर भी किसानों को इंजन ऑपरेटर की सेवा उपलब्ध नहीं करवाई जाती।
जलभराव के चलते किसान फसल की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इंजन पुराने पड़े हैं और अक्सर खराब हो जाते हैं। इसलिए उन्हें ठीक कराने, लाने ले जाने और लगाने उठाने में किसानों के सामने बड़ी परेशानी आती है। खेत बिना बिजाई के खाली रह जाते हैं और इस क्षेत्र में फसल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने किसानों की यह मांग उठाई है कि सरकार एवं प्रशासन नहर विभाग के स्थानीय अधिकारियों को तुरंत यह आदेश दें कि सरकारी संसाधन से अपने कर्मचारी लगाकर जल्द से जल्द इन खेतों की जलनिकासी करवाएं।
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नहर अधिकारी बोले, इंजन ऑपरेटर न होने से परेशानी
नहर विभाग के अधिकारी का कहना है कि 30 सितंबर तक फ्लड सीजन समाप्त हो चुका है, उनके पास इंजन ऑपरेटर नहीं है। इसलिए वे यह सेवा नहीं दे सकते। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल ने बयया कि बारिश के पानी से अभी भी किसानों को नुकसान हो रहा है। जलनिकासी के लिए नहर विभाग इंजन तो दे देता है और ग्राम पंचायत पाल्हावास तेल भी देने के लिए तैयार है लेकिन बिना ऑपरेटर के उस इंजन को चलाने की समस्या है। पुराना इंजन बीच में खराब हो जाता है तो ठीक कौन कराए।
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रेवाड़ी। पाल्वास गांव में कई महीने से बरसात का पानी खेतों में भरा है जिससे किसान परेशान हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल आर्य ने सरकार, प्रशासन और नहर विभाग समेत 15 अधिकारियों और नेताओं को पत्र भेजकर जलनिकासी कराने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि करीब 100 एकड़ खेती की उपजाऊ भूमि बरसात के पानी से घिर जाती है। वर्तमान में कई माह से 25 एकड़ खेत में पानी भरा है। कोसली रोड के आसपास दोनों तरफ पर नहर डिस्ट्रीब्यूटरी के कारण रुकावट मानकर पहाराजवास की लगती हुई सीमा में हर वर्ष जलभराव होता है लेकिन नहर विभाग जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं करता है। ग्राम पंचायत द्वारा तेल उपलब्ध करवाने पर भी किसानों को इंजन ऑपरेटर की सेवा उपलब्ध नहीं करवाई जाती।
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जलभराव के चलते किसान फसल की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि इंजन पुराने पड़े हैं और अक्सर खराब हो जाते हैं। इसलिए उन्हें ठीक कराने, लाने ले जाने और लगाने उठाने में किसानों के सामने बड़ी परेशानी आती है। खेत बिना बिजाई के खाली रह जाते हैं और इस क्षेत्र में फसल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए उन्होंने किसानों की यह मांग उठाई है कि सरकार एवं प्रशासन नहर विभाग के स्थानीय अधिकारियों को तुरंत यह आदेश दें कि सरकारी संसाधन से अपने कर्मचारी लगाकर जल्द से जल्द इन खेतों की जलनिकासी करवाएं।
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नहर अधिकारी बोले, इंजन ऑपरेटर न होने से परेशानी
नहर विभाग के अधिकारी का कहना है कि 30 सितंबर तक फ्लड सीजन समाप्त हो चुका है, उनके पास इंजन ऑपरेटर नहीं है। इसलिए वे यह सेवा नहीं दे सकते। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल ने बयया कि बारिश के पानी से अभी भी किसानों को नुकसान हो रहा है। जलनिकासी के लिए नहर विभाग इंजन तो दे देता है और ग्राम पंचायत पाल्हावास तेल भी देने के लिए तैयार है लेकिन बिना ऑपरेटर के उस इंजन को चलाने की समस्या है। पुराना इंजन बीच में खराब हो जाता है तो ठीक कौन कराए।