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नाबालिग की बरामदगी को लेकर मोहनपुर गांव में महापंचायत 2
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता हुई छात्रा की बरामदगी के लिए बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के सामने दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना 23वें दिन भी जारी रहा। वीरवार को 51 सदस्यों की कमेटी ने फैसला लिया कि 28 अक्तूबर को गांव मोहनपुर में बावल चौरासी की महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, उसके बाद भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय हे कि स्टेट क्राइम ब्यूरो की टीम की ओर से महापंचायत की संघर्ष समिति को संकेत दिया गया है कि मामले की जांच में मोहनपुर के ग्रामीणों द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने मोहनपुर गांव के ग्रामीणों से बात कर 28 अक्तूबर को गांव में ही महापंचायत का आयोजन करने का निर्णय लिया है। वीरवार को धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने बताया कि स्टेट क्राइम ब्यूूूूरो की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं रही है। पुलिस की ओर से ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। इसलिए 28 अक्तूबर को आयोजित महापंचायत के बाद ही कठोर निर्णय लिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि महापंचायत के बाद भूख हड़ताल करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, माड़ाराम, रामचंद्र टीकला, ईश्वर महलावत, अर्जुन चौकन, रामपत मोहनपुर, महावीर चौपड़ा, सुमेर जैलदार, जवाहर लाल, शेरसिंह हरचंदपुर व सरजीत आदि मौजूद रहे।
120 दिन से लापता है नाबालिग
गांव मोहनपुर से नौवीं में पढ़ने वाली छात्रा को लापता हुए 120 दिन हो गए हैं, लेकिन मामले में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है। छात्रा की बरामदगी के लिए ग्रामीणों द्वारा बावल थाना पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक से करीब एक दर्जन बार मिल चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार को हर बार बेटी के जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया गया।
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मंत्री के आवास के सामने 23 दिन से धरना जारी, नहीं हुआ समाधान
छात्रा की बरामदगी नहीं होने से नाराज बावल चौरासी के लोगों के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद ही स्टेट क्राइम ब्यूरो की टीम ने जांच शुरू की। हालांकि इससे पूर्व भी मोहनपुर गांव के ग्रामीणों द्वारा लघु सचिवालय के समीप पुलिस प्रशासन की कार्य प्रणाली से नाराज होकर धरना दिया था। यह धरना 37 दिन तक दिया गया था। इसके बाद उद्योग मंत्री विपुल गोयल के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया था।
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पुलिस अधीक्षक ने दिया तीन बार आश्वासन
तात्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल द्वारा मोहनपुर गांव में हुई महापंचायत में ग्रामीणों को पांच दिन में लापता छात्रा को बरामद करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से कोई मुलाकात नहीं की। मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद बावल धरना स्थल पर आयोजित महापंचायत में पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन छात्रा का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
मंत्री ने दिया दो बार आश्वासन, एक बार गए धरनास्थल पर
जनस्वास्थ्य बञाज्य मंत्री डॉ बनवारी लाल ने पीड़ित परिवार को मिलकर दो बार छात्रा की जल्द बरामदगी के आश्वासन दिए है। एक बार उन्होंने धरना स्थल पर आयोजित पंचायत में जाकर ना केवल माफी मांगी थी बल्कि लापता छात्रा का जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया था। इसके अलावा उन्होंने क्राइम ब्यूरो की जांच से संतुष्टि नहीं होने पर मामले की जांच उच्च जांच एजेंसी से कराने का भी आश्वासन दिया था। वहीं 20 सितंबर को शहर के बाल भवन में आयोजित कष्ट निर्वाण समिति की बैठक में मोहनपुर के ग्रामीणों द्वारा प्रदेश के उद्योगमंत्री ने मुलाकात कर नाबालिग की बरामदगी की मांग की गई थी। इस पर मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बच्ची सुरक्षित है।
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अभी तक की जांच : एसआईटी से लेकर स्टेट क्राइम ब्यूरो तक
छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों की बावल थाना पुलिस में केस दर्ज कराया था। बार-बार मांग के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने के बाद ग्रामीणों ने गांव में ही धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने डीएसपी सुरेश कुमार हुड्डा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। मामले में एसआईटी ने शुरूआत में काफी तेजी दिखाई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा लघु सचिवालय के सामने धरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद छात्रा की खोज के लिए स्टेट क्राइम ब्यूरो का गठन किया गया। लेकिन क्राइम ब्यूरो भी छात्रा की बरामदगी को लेकर किसी परिणाम तक नहीं पहुंच पाई है।
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रेवाड़ी। उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता हुई छात्रा की बरामदगी के लिए बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के सामने दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना 23वें दिन भी जारी रहा। वीरवार को 51 सदस्यों की कमेटी ने फैसला लिया कि 28 अक्तूबर को गांव मोहनपुर में बावल चौरासी की महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, उसके बाद भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय हे कि स्टेट क्राइम ब्यूरो की टीम की ओर से महापंचायत की संघर्ष समिति को संकेत दिया गया है कि मामले की जांच में मोहनपुर के ग्रामीणों द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने मोहनपुर गांव के ग्रामीणों से बात कर 28 अक्तूबर को गांव में ही महापंचायत का आयोजन करने का निर्णय लिया है। वीरवार को धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने बताया कि स्टेट क्राइम ब्यूूूूरो की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं रही है। पुलिस की ओर से ग्रामीणों को गुमराह किया जा रहा है। इसलिए 28 अक्तूबर को आयोजित महापंचायत के बाद ही कठोर निर्णय लिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि महापंचायत के बाद भूख हड़ताल करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, माड़ाराम, रामचंद्र टीकला, ईश्वर महलावत, अर्जुन चौकन, रामपत मोहनपुर, महावीर चौपड़ा, सुमेर जैलदार, जवाहर लाल, शेरसिंह हरचंदपुर व सरजीत आदि मौजूद रहे।
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120 दिन से लापता है नाबालिग
गांव मोहनपुर से नौवीं में पढ़ने वाली छात्रा को लापता हुए 120 दिन हो गए हैं, लेकिन मामले में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है। छात्रा की बरामदगी के लिए ग्रामीणों द्वारा बावल थाना पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक से करीब एक दर्जन बार मिल चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार को हर बार बेटी के जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया गया।
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मंत्री के आवास के सामने 23 दिन से धरना जारी, नहीं हुआ समाधान
छात्रा की बरामदगी नहीं होने से नाराज बावल चौरासी के लोगों के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद ही स्टेट क्राइम ब्यूरो की टीम ने जांच शुरू की। हालांकि इससे पूर्व भी मोहनपुर गांव के ग्रामीणों द्वारा लघु सचिवालय के समीप पुलिस प्रशासन की कार्य प्रणाली से नाराज होकर धरना दिया था। यह धरना 37 दिन तक दिया गया था। इसके बाद उद्योग मंत्री विपुल गोयल के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया था।
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पुलिस अधीक्षक ने दिया तीन बार आश्वासन
तात्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल द्वारा मोहनपुर गांव में हुई महापंचायत में ग्रामीणों को पांच दिन में लापता छात्रा को बरामद करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से कोई मुलाकात नहीं की। मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद बावल धरना स्थल पर आयोजित महापंचायत में पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन छात्रा का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
मंत्री ने दिया दो बार आश्वासन, एक बार गए धरनास्थल पर
जनस्वास्थ्य बञाज्य मंत्री डॉ बनवारी लाल ने पीड़ित परिवार को मिलकर दो बार छात्रा की जल्द बरामदगी के आश्वासन दिए है। एक बार उन्होंने धरना स्थल पर आयोजित पंचायत में जाकर ना केवल माफी मांगी थी बल्कि लापता छात्रा का जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया था। इसके अलावा उन्होंने क्राइम ब्यूरो की जांच से संतुष्टि नहीं होने पर मामले की जांच उच्च जांच एजेंसी से कराने का भी आश्वासन दिया था। वहीं 20 सितंबर को शहर के बाल भवन में आयोजित कष्ट निर्वाण समिति की बैठक में मोहनपुर के ग्रामीणों द्वारा प्रदेश के उद्योगमंत्री ने मुलाकात कर नाबालिग की बरामदगी की मांग की गई थी। इस पर मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बच्ची सुरक्षित है।
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अभी तक की जांच : एसआईटी से लेकर स्टेट क्राइम ब्यूरो तक
छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों की बावल थाना पुलिस में केस दर्ज कराया था। बार-बार मांग के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने के बाद ग्रामीणों ने गांव में ही धरना शुरू कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने डीएसपी सुरेश कुमार हुड्डा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। मामले में एसआईटी ने शुरूआत में काफी तेजी दिखाई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा लघु सचिवालय के सामने धरना शुरू कर दिया गया था। इसके बाद छात्रा की खोज के लिए स्टेट क्राइम ब्यूरो का गठन किया गया। लेकिन क्राइम ब्यूरो भी छात्रा की बरामदगी को लेकर किसी परिणाम तक नहीं पहुंच पाई है।