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नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की कैद
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रेवाड़ी। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश अर्चना यादव ने शुक्रवार को नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
पुलिस में दर्ज केस के अनुसार जुलाई 2019 में पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति ने कहा था कि वह धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में चाय की दुकान चलाता है। उसकी नाबालिग बेटी एक कोचिंग सेंटर पर कंप्यूटर सीखने जाती थी। कंप्यूटर सेंटर से आने के बाद वह दुकान पर भी काम में मदद करती थी। फैक्टरी में काम करने वाला युवक उनकी दुकान पर चाय पीने आता था। आरोप है कि दस जुलाई 2019 को उनकी बेटी कंप्यूटर सेंटर से घर लौट रही थी। रास्ते में सुनील ने नाबालिग का रास्ता रोक लिया था और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। भिवाड़ी में एक होटल में ले जाकर आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म किया था और किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। नाबालिग के लौटने पर स्वजन को घटना के बारे में पता लगा था, जिसके बाद 11 जुलाई को धारूहेड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व धमकी देने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल भी कराया था। मेडिकल में नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपित के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। पुलिस द्वारा रखे गए साक्ष्यों व गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने आरोपी सुनील को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त के लिए भी कहा है।
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पुलिस में दर्ज केस के अनुसार जुलाई 2019 में पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति ने कहा था कि वह धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में चाय की दुकान चलाता है। उसकी नाबालिग बेटी एक कोचिंग सेंटर पर कंप्यूटर सीखने जाती थी। कंप्यूटर सेंटर से आने के बाद वह दुकान पर भी काम में मदद करती थी। फैक्टरी में काम करने वाला युवक उनकी दुकान पर चाय पीने आता था। आरोप है कि दस जुलाई 2019 को उनकी बेटी कंप्यूटर सेंटर से घर लौट रही थी। रास्ते में सुनील ने नाबालिग का रास्ता रोक लिया था और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। भिवाड़ी में एक होटल में ले जाकर आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म किया था और किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। नाबालिग के लौटने पर स्वजन को घटना के बारे में पता लगा था, जिसके बाद 11 जुलाई को धारूहेड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व धमकी देने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल भी कराया था। मेडिकल में नाबालिग से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपित के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। पुलिस द्वारा रखे गए साक्ष्यों व गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने आरोपी सुनील को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त के लिए भी कहा है।
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