{"_id":"67549c3d70c2d9fb8d068e64","slug":"10-year-record-broken-in-the-district-number-of-dengue-patients-reached-404-rewari-news-c-198-1-rew1001-212498-2024-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जिले में 10 साल का टूटा रिकॉर्ड, 404 पहुंचा डेंगू मरीजों का आंकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जिले में 10 साल का टूटा रिकॉर्ड, 404 पहुंचा डेंगू मरीजों का आंकड़ा
Sun, 08 Dec 2024 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 08 Dec 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
लारवा की जांच करता स्वास्थ्यकर्मी।
रेवाड़ी। शनिवार को जिले में डेंगू मरीजों का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। शनिवार को डेंगू का एक केस मिला है। इससे जिले में डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 404 पहुंच चुकी है। इनमें से 360 मरीज ठीक हो चुके हैं, बाकी बचे घर पर रहकर ही अपना उपचार करवा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि किसी भी मरीज की डेंगू से मृत्यु नहीं हुई।
बता दें कि पिछले वर्ष 403 अधिकतम डेंगू के मरीज मिले थे। इस बार जुलाई से लेकर अब तक 5400 सैंपल लिए जा चुके हैं। इन सैंपलों की जांच में हर 13वां डेंगू से पीड़ित मिला है। इस वर्ष 5 जुलाई को पहला केस मिला था। इसके बाद जुलाई व सितंबर माह में कम ही केस आए, लेकिन अक्तूबर माह में केसों की संख्या बढ़ गई। अक्तूबर व नवंबर माह में ही ज्यादा सर्वाधिक मामले मिले हैं।
गांवों में मीरपुर सीएचसी के अंतर्गत सर्वाधिक मामले मिले हैं। यहां क्षेत्र में 61 मामले आ चुके हैं। इसी तरह गुरावड़ा क्षेत्र में 30, बावल क्षेत्र में 44, नाहड़ क्षेत्र में 40 व खोल क्षेत्र में 29 मिले हैं। सबसे ज्यादा रेवाड़ी शहर में 187 मामले आ चुके हैं। वर्ष 2023 में रेवाड़ी शहर में 211 केस मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब डेंगू के मामलों में कमी आएगी।
विज्ञापन
लार्वा मिलने पर 4290 को थमाए गए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से शहर व गांवों में घरों में ड्रम व बाहर हौदी में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। 4290 जगह मच्छर के लार्वा पाए गए। वहां लोगों को नोटिस देकर चेतावनी दी कि अगर दोबारा जांच में लार्वा मिले तो चालान भी हो सकता है।
डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है : सुरेंद्र
सिविल सर्जन डॉक्टर सुरेन्द्र यादव ने बताया डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं की ओर से कोई दवा लेकर सेवन न करें।
पिछले 10 साल के डेंगू के केस
वर्ष केस
2015- 10
2016- 10
2017- 137
2018- 82
2019- 27
2020- 39
2021- 306
2022- 324
2023- 403
2024- 404 (अभी तक)
विज्ञापन
बता दें कि पिछले वर्ष 403 अधिकतम डेंगू के मरीज मिले थे। इस बार जुलाई से लेकर अब तक 5400 सैंपल लिए जा चुके हैं। इन सैंपलों की जांच में हर 13वां डेंगू से पीड़ित मिला है। इस वर्ष 5 जुलाई को पहला केस मिला था। इसके बाद जुलाई व सितंबर माह में कम ही केस आए, लेकिन अक्तूबर माह में केसों की संख्या बढ़ गई। अक्तूबर व नवंबर माह में ही ज्यादा सर्वाधिक मामले मिले हैं।
विज्ञापन
गांवों में मीरपुर सीएचसी के अंतर्गत सर्वाधिक मामले मिले हैं। यहां क्षेत्र में 61 मामले आ चुके हैं। इसी तरह गुरावड़ा क्षेत्र में 30, बावल क्षेत्र में 44, नाहड़ क्षेत्र में 40 व खोल क्षेत्र में 29 मिले हैं। सबसे ज्यादा रेवाड़ी शहर में 187 मामले आ चुके हैं। वर्ष 2023 में रेवाड़ी शहर में 211 केस मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब डेंगू के मामलों में कमी आएगी।
विज्ञापन
लार्वा मिलने पर 4290 को थमाए गए नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से शहर व गांवों में घरों में ड्रम व बाहर हौदी में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। 4290 जगह मच्छर के लार्वा पाए गए। वहां लोगों को नोटिस देकर चेतावनी दी कि अगर दोबारा जांच में लार्वा मिले तो चालान भी हो सकता है।
डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है : सुरेंद्र
सिविल सर्जन डॉक्टर सुरेन्द्र यादव ने बताया डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही पनपता है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं की ओर से कोई दवा लेकर सेवन न करें।
पिछले 10 साल के डेंगू के केस
वर्ष केस
2015- 10
2016- 10
2017- 137
2018- 82
2019- 27
2020- 39
2021- 306
2022- 324
2023- 403
2024- 404 (अभी तक)