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जिले में डेंगू के 10 केस और मिले
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मरीजों के बारे में जानकारी देते डॉ. विजय प्रकाश।
- फोटो : Rewari
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जिले में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों में मरीजों की जो संख्या दिखाई जा रही है वह बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में मंगलवार को डेंगू के केस 10 और बढ़ गए हैं। जिले में अब तक कुल डेंगू के केस 69 कंफर्म हुए हैं। इससे पहले सोमवार को 59 केस कंफर्म हुए थे। जिले में पिछले साल के मुकाबले इस साल दोगुने से भी ज्यादा केस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर चिंता जताई है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू को लेकर जरा भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। लक्षण सामने आते ही तुरंत चिकित्सकों की सलाह लेकर उपचार कराएं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के ऊपर शहर व गांव में फॉगिग कराने की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर 1,265 ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं जिनके घर एवं प्रतिष्ठान पर डेंगू का लार्वा पाया गया। इससे स्पष्ट है कि डेंगू का डंक तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर अभी तक महज 75 जगहों पर ही फॉगिग कराई जा सकी है। ऐसे हालातों में फॉगिग को लेकर बरती जा रही लापरवाही ही भारी पड़ रही है।
निजी अस्पतालों में बेड फुल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बेशक जिले में डेंगू के 69 मरीज ही दिखा रहे हैं, लेकिन निजी अस्पताल डेंगू के मरीजों से फुल हैं। न तो स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों की जानकारी लेने में गंभीरता दिखा रहा है और न ही निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को पूरी जानकारी दे रहे हैं। अगर गंभीरता से डाटा जुटाया जाए तो जिले में डेंगू के सैकड़ों की तादाद में मरीज हैं। गुरुग्राम, जयपुर व दिल्ली के अस्पतालों में भी बड़ी तादाद में जिले के लोग भर्ती हैं।
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डेंगू के प्रति सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। चिकित्सकों के अनुसार, मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं, जिससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हिदायत दी गई है कि घर में प्रयोग किए जा रहे एसी के पानी को एकत्रित न होने दें। क्योंकि एसी के साफ एकत्रित पानी में भी डेंगू फैलाने वाले मच्छर पैदा होते हैं, जिस पानी को निकालना संभव न हो उसमें काला तेल या डीजल डाल सकते हैं, जिससे मच्छरों की उत्पत्ति न हो पाए।
प्रतिदिन डेंगू के केस बढ़ना चिंता का विषय है। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुने से भी ज्यादा केस सामने आए हैं। लोगों को चाहिए कि वह अपने आसपास सफाई का माहौल जरूर बनाएं। मच्छर घरों में न पनपें इसके लिए तुरंत कीटनाशक का छिड़काव करें।
डॉ. विजय प्रकाश, नोडल अधिकारी मलेरिया व डेंगू, जिला स्वास्थ्य विभाग।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के ऊपर शहर व गांव में फॉगिग कराने की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर 1,265 ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं जिनके घर एवं प्रतिष्ठान पर डेंगू का लार्वा पाया गया। इससे स्पष्ट है कि डेंगू का डंक तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर अभी तक महज 75 जगहों पर ही फॉगिग कराई जा सकी है। ऐसे हालातों में फॉगिग को लेकर बरती जा रही लापरवाही ही भारी पड़ रही है।
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निजी अस्पतालों में बेड फुल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बेशक जिले में डेंगू के 69 मरीज ही दिखा रहे हैं, लेकिन निजी अस्पताल डेंगू के मरीजों से फुल हैं। न तो स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों से डेंगू के मरीजों की जानकारी लेने में गंभीरता दिखा रहा है और न ही निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को पूरी जानकारी दे रहे हैं। अगर गंभीरता से डाटा जुटाया जाए तो जिले में डेंगू के सैकड़ों की तादाद में मरीज हैं। गुरुग्राम, जयपुर व दिल्ली के अस्पतालों में भी बड़ी तादाद में जिले के लोग भर्ती हैं।
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डेंगू के प्रति सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। चिकित्सकों के अनुसार, मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं, जिससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हिदायत दी गई है कि घर में प्रयोग किए जा रहे एसी के पानी को एकत्रित न होने दें। क्योंकि एसी के साफ एकत्रित पानी में भी डेंगू फैलाने वाले मच्छर पैदा होते हैं, जिस पानी को निकालना संभव न हो उसमें काला तेल या डीजल डाल सकते हैं, जिससे मच्छरों की उत्पत्ति न हो पाए।
प्रतिदिन डेंगू के केस बढ़ना चिंता का विषय है। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुने से भी ज्यादा केस सामने आए हैं। लोगों को चाहिए कि वह अपने आसपास सफाई का माहौल जरूर बनाएं। मच्छर घरों में न पनपें इसके लिए तुरंत कीटनाशक का छिड़काव करें।
डॉ. विजय प्रकाश, नोडल अधिकारी मलेरिया व डेंगू, जिला स्वास्थ्य विभाग।