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हरियाणा: बिजली निगमों में रेगुलर भर्ती पर रोक

Tue, 02 Apr 2013 01:25 PM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
चंडीगढ़/ब्यूरो Updated Tue, 02 Apr 2013 01:25 PM IST
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recruitment for regular empolyees banned in power corporations

हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों में क्लास तीन और चार की रेगुलर भर्ती पर रोक लगा दी है। इससे हरियाणा के 46 लाख उपभोक्ताओं को बिजली की सेवा देने पर असर पड़ सकता है।    

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दोनों बिजली वितरण निगमों ने आयोग के पास सालाना राजस्व जरूरत (एआरआर) दायर की थी जिसमें कर्मचारियों के वेतन और भत्ते आदि के नाम पर लागत मूल्य दर्शाया गया था।
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दोनों निगमों में 5791 नए रेगुलर कर्मचारी भर्ती करने थे। इनसे 194 करोड़ रुपये का बोझ पड़ना था। आयोग ने यह राशि काट दी और निर्देश दिए कि कोई भी रेगुलर भर्ती न की जाए। सिर्फ सीनियर टेक्निकल सेवाओं के लिए जूनियर इंजीनियर, एसडीओ के पदों पर भर्ती की जा सकती है।
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अन्य सेवाओं को आउटसोर्सिंग से पूरा किया जाए। दोनों निगमों में 1 अप्रैल तक करीब 19000 से ज्यादा पद रिक्त हैं जिनमें लाइनमैन, असिस्टेंट लाइनमैन, सब स्टेशन असिस्टेंट के ज्यादातर पद हैं।

निगमों ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास 4993 कर्मचारी भर्ती करने के लिए आग्रह पत्र भेजा था जिसमें से 3300 भर्ती हो चुके हैं।

सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के पास करीब पांच हजार पदों की मंजूरी के लिए आग्रह पत्र भेजना है। जो पद दो साल से ज्यादा रिक्त रह जाते हैं उन पर भर्ती के लिए ब्यूरो से मंजूरी ली जाती है। हरियाणा में हर साल उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन नए पद सृजित नहीं हो रहे हैं।

आयोग के अध्यक्ष आरएन पराशर के मुताबिक रेगुलर भर्ती पर रोक इसलिए लगाई है क्योंकि रेगुलर कर्मचारी के वेतन और भत्तों से निगम पर आर्थिक बोझ पड़ता है। निगमों की हालत काफी खराब है।

रेगुलर कर्मचारी काम भी नहीं करते हैं इसलिए निगमों से कहा गया है कि वे या तो आउटसोर्सिंग से काम चलाएं या ठेके पर कर्मचारी रखें। उन्हें कम वेतन देना पड़ेगा। पिछले साल भी निगमों से कहा गया था कि रेगुलर भर्ती न करें लेकिन उन्होंने यह कह भर्ती कर ली कि उन्होंने समझा था कि नए पद सृजित नहीं करने हैं।


निगमों में रेगुलर भर्ती पर आयोग की तरफ से रोक लगाने का आदेश सही नहीं है। मुझे लाखों उपभोक्ताओं को अगर बेहतरीन सेवा देनी है तो उसके लिए कर्मचारी तो चाहिए। हम आयोग के पास पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। राहत न मिली तो ट्रिब्यूनल में अपील दायर करेंगे।
- देवेंद्र सिंह, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम

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