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गांव छारा की छोरी बनेगी दिल्ली में मिनिस्टर

Thu, 26 Dec 2013 11:01 PM IST
झज्जर/अमित पोपली
झज्जर/अमित पोपली Updated Thu, 26 Dec 2013 11:01 PM IST
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 rakhi will be minister in delhi
दलित आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली झज्जर के गांव छारा की छोरी
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राखी बिरला शनिवार को दिल्ली में आप की कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री बनने जा रही है।


पेशे से पत्रकार रहीं राखी बिरला ने 26 साल की उम्र में साधारण परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद दिल्ली की मंगोलपुरी सीट से कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान को 10585 वोटों से पटखनी दी। अब राखी के मंत्री बनने की घोषणा से गांव में जश्न का माहौल है।


गांव छारा के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनना दोहरी खुशी लेकर आया है। इसी गांव के पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेंद्र सिंह भी दिल्ली कैंट से आप के टिकट पर चुनाव जीते हैं। गांव की ओर से पिछले दिनों दोनों विधायकों के लिए एक सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया था। पिछले दिनों हुए इस सम्मान समारोह में सिर्फ छारा ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी यहां पहुंचे थे।


जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) तक पढ़ाई करने वाली राखी बिरला दिल्ली के न्यूज चैनल में भी काम कर चुकी है और उनका परिवार पहले कांग्रेस का समर्थक था लेकिन 2011 में जनलोकपाल को लेकर अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान परिवार ने कांग्रेस से किनारा कर लिया। इसके बाद वे इसी जन मुहिम से जुड़ गए। पहले ही चुनाव में राजकुमार चौहान जैसे बड़े दिग्गज को पटखनी देने और जन आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने की वजह से राखी को मंत्रिमंडल में जगह मिल रही है।

बिधलान से बदलकर नाम पड़ा बिरला
साधारण से परिवार में शीला एवं भूपेंद्र सिंह बिधलान के यहां जन्मी राखी अपनी चार बहनों में सबसे छोटी है। वैसे तो उनका गोत्र बिधलान है, लेकिन बिधलान से बिरला बनने तक का किस्सा भी काफी रोचक है। बताते हैं कि दसवीं की उनकी बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान एक अध्यापक ने फार्म भरने के दौरान भूलवश बिधलान के स्थान पर बिरला लिख दिया, जो अब उनकी पहचान की बन गया है।
 
छारा के विधायकों को हरियाणा पर भी पड़ेगा असर
झज्जर जिले का छारा एक बड़ा गांव है और यहां के लोगों को राजनीतिक रूप से जागरूक माना जाता है। ऐसे में दिल्ली में आम आदमी पार्टी को मिली सफलता और गांव छारा से दो विधायकों का कनेक्शन हरियाणा के राजनीतिक दलों के लिए भी एक नई सोच को जन्म देने का काम कर रहा है। जाट लैंड के बड़े गांव छारा के राजनीतिक माहौल का असर दलाल खाप बाहुल्य गांवों पर देखने को मिलता है। इसके चलते कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल गांव छारा के राजनीतिक घटनाक्रमों पर पूरी नजर जमाए हुए है।
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