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प्रणब ने की सूरजकुंड मेले की विधिवत शुरुआत
सूरजकुंड (फरीदाबाद)/ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2013 08:14 PM IST
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को दीप प्रज्वलित कर सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की विधिवत शुरुआत की। सूरजकुंड की चौपाल पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति ने हरियाणा पर्यटन विभाग की प्रशंसा की और कहा कि इस मेले का पर्यटन की दृष्टि से बहुत महत्व है। उम्मीद है कि अन्य राज्य भी इस प्रकार के मेलों का आयोजन करेंगे।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि परंपरागत शिल्पों और कलाओं को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में अधिक निवेश करने, बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने और शिल्प उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। साथ ही इनका निर्यात भी बढ़ाना चाहिए। वर्तमान में निर्यात क्षेत्र में इनका हिस्सा केवल दो प्रतिशत है, जो 20 प्रतिशत होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी का परंपरागत शिल्प उत्पादों की बिक्री पर असर पड़ा है। इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से इनके उत्पादों को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राष्ट्रपति के आने से इस मेले की गरिमा बढ़ी है। इस बार मेले का थीम स्टेट कर्नाटक है, जो समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है। मेले के माध्यम से जहां कलाकारों और विशेष रूप से उभरते कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है, वहीं नई पीढ़ी को देश की धरोहर के बारे में भी जानकारी मिलती है।
कर्नाटक के पर्यटन मंत्री आनंद सिंह ने कहा कि उनका राज्य एक प्रकार से विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों का संगम है। प्रदेश की कला, नृत्य, नाट्य आदि को दर्शाने के लिए कर्नाटक के 300 से अधिक कलाकार मेले में भाग ले रहे हैं।
हरियाणा के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव विजयवर्धन ने कहा कि मेले में शिल्प कलाओं के विभिन्न रूपों और रंगों के साथ-साथ लोक कलाओं और नृत्यों की झांकी प्रस्तुत की जा रही है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।