सीना छलनी कर देंगे ये सवाल: जीजा का क्या कसूर था जो उन्हें मार दिया...? हम तो पांच लाख देने के लिए तैयार थे
जलबोर्ड कर्मी के परिजनों ने डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। झज्जर की असौदा पुलिस मामले में पूरी कार्रवाई करेगी।
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दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी दीपक मांझी का अपहरण के बाद हत्या के मामले में रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। परिजन शव लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के साले दीपक पासवान ने बताया कि वह बदमाशों के कहे अनुसार फिरौती की रकम लेकर उनके बताए पते पर भटकते रहा। लेकिन, बदमाशों ने फिर भी उसके जीजा की हत्या कर दी। उनके जीजा का क्या कसूर था, जो उनको मार दिया। अब उनकी बहन और बच्चों का जीवन यापन कैसे होगा।
दरअसल, दिल्ली के नंगली विहार एक्सटेंशन निवासी दीपक मांझी जल बोर्ड में कर्मचारी थे। शुक्रवार को वह आईटीआई की परीक्षा देने के लिए सांपला आए थे, लेकिन वहां पर अपहरण के बाद उनकी हत्या कर दी। शनिवार सुबह उनका शव मिला। दोपहर तक उनकी पहचान हो पाई। रविवार को पोस्टमार्टम से पहले परिजन ने डॉक्टरों के पैनल की मांग की थी। पुलिस ने आला अधिकारियों से बात करके डॉक्टरों के बोर्ड का गठन कराकर शव का पोस्टमार्टम कराया।
क्या यहां अपहरण कर हत्या कर दी जाती है सर...
मृतक के साले दीपक पासवान और रिश्तेदार बार-बार पुलिस अधिकारियों से यहीं सवाल कर रहे थे कि यहां पर आने वाले लोगों का अपहरण कर हत्या कर दी जाती है। बदमाशों के लिए पैसे लेकर उनके बताए अनुसार वे उनके पीछे-पीछे घूमते रहे। उन्होंने एक बार भी विरोध नहीं किया था। उन्होंने बताया कि वह संविदा कर्मी थे और किसी भी मध्यमवर्ग के व्यक्ति के घर में इतने रुपये नहीं रखे होते हैं, लेकिन उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों से आनन-फानन में रुपयों का इंतजाम किया और फिरौती देने के लिए तैयार हो गए।
दीपक मांझी के अपहरण और हत्या के मामले में एक हत्यारोपी सतीश को असौदा पुलिस ने काबू किया है। रोहतक के आईएमटी थानाक्षेत्र में युवक का शव मिला था। इसकी पूरी जांच झज्जर असौदा थाना पुलिस कर रही है। -दिलबाग सिंह, प्रभारी निरीक्षक आईएमटी