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जानिए, कैसे की पुलिस ने नारायण साईं की घेराबंदी
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 05 Dec 2013 10:28 AM IST
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जगह: जीटी रोड स्थित पिपली का नीलकंठ पेट्रोल पंप। दिन: मंगलवार। समय: रात के 11: 45 बजे। छह गाड़ियों का काफिला पेट्रोल पंप के पास रुका। इनमें पांच पुलिस की थी।
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पुलिस की घेराबंदी के समय नारायण साथियों समेत फोर्ड टेटीनियम इकोस्पोट्स सिल्वर कलर की गाड़ी में सवार था। नारायण ने चोला बदल लिया था।
जींस और जैकेट के साथ नारायण पगड़ी पहने था। एकबारगी पुलिस उसके बदले वेश को देखकर चौंक गई। चालक की सीट पर 18 वर्ष का एक नवयुवक था।
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कुरुक्षेत्र एसपी के अनुसार दिल्ली-सूरत पुलिस की टीम नारायण साईं का पंजाब से पीछा कर रही थी। नारायण के साथी के मोबाइल फोन को ट्रेस करके पंजाब से पीछा कर रही पुलिस ने पिपली पेट्रोल पंप के पास उसे धर दबोचा।
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20 मिनट में कुरुक्षेत्र की सीमा से पार
नारायण की गिरफ्तारी करीब पौने 12 बजे पिपली में हुई और 12 बजकर पांच मिनट पर पुलिस टीम कुरुक्षेत्र जिले की सीमा पार कर गई। इस बात का खुलासा जीटी रोड स्थित कुरुक्षेत्र-करनाल के टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज से हुआ है।
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पुलिस टीम की करीब पांच गाड़ियों के अलावा नारायण की फोर्ड गाड़ी इस टोल प्लाजा से एक-एक कर आधी रात को 12 बजकर पांच मिनट पर निकली।
यह टोल प्लाजा कुरुक्षेत्र में है और करनाल जिला की सीमा से जुड़ा है। इनमें पहली गाड़ी डार्क कलर की मर्सडीज कार थी। इसके पीछे फोर्ड इंडेवर, फिर इनोवा और इसके बाद नारायण की फोर्ड टेटीनियम इको स्पोर्ट्स यूपी-15बीएच-0033 और सबसे पीछे डार्क कलर की एक ओर कार टोल प्लाजा के वीवीआईपी लेन से निकली।
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ये गाड़ियां बगैर टोल टैक्स अदा किए फर्राटे भरती हुई करनाल में प्रवेश कर दिल्ली की ओर रवाना हो गई। यह टोल प्लाजा पेट्रोल पंप से पूरे 12 किलोमीटर की दूरी पर है।
कुरुक्षेत्र पुलिस को भनक तक नहीं लगी
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी के आठ घंटे बाद भी कुरुक्षेत्र पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। एसपी वाई पूर्ण कुमार का कहना है कि उन्हें इस गिरफ्तारी की जानकारी नहीं थी, लेकिन इस बात की पुष्टि हो चुकी है, नारायण साईं को पिपली से गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस पंजाब से नारायण साईं का पीछा कर रही थी और पिपली में गिरफ्तार करने में सफलता मिली। जिस पेट्रोल पंप पर नारायण साईं को गिरफ्तार किया गया, उसके मालिक दिनेश कुमार का कहना है कि यहां करीब छह सात गाड़ियां देर रात रुकी थीं। इनमें दो गाड़ियों पर बत्ती लगी हुई थीं। इन गाड़ियों में पुलिस के अधिकारी थे।
साहब गाड़ी में एक सरदार जी बैठे हैं
नीलकंठ पेट्रोल पंप के संचालक एवं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा का कहना है कि करीब साढ़े 11 बजे वह पेट्रोल पंप पर थे। चूंकि उनका निवास फिलिंग स्टेशन के साथ और रात को एक कार्यक्रम के चलते वह पंप पर आए थे।
यहां उन्होंने बत्ती वाली दो-तीन गाड़ियां के साथ एक काफिला पेट्रोल पंप पर देखा। पूछने पर एक कर्मचारी ने बताया कि कुछ पुलिस और अधिकारी लोग हैं और गाड़ी में एक सरदार जी बैठे हैं।
दो गाड़ियों में डलवाया था डीजल
नाइट ड्यूटी पर मौजूद पंप कर्मचारी सीताराम के अनुसार आधी रात को गाड़ियों का जो काफिला पहुंचा था, उनमें से दो गाड़ियों में डीजल भरवाया गया था। इनमें से एक गाड़ी में 1000 तथा दूसरी में 1500 रुपये का डीजल डाला गया।
भुगतान करते समय इन्होंने तेल की रसीद भी नहीं ली। सीताराम के मुताबिक इस काफिले में दिल्ली, पंजाब, यूपी और एक हरियाणा नंबर की गाड़ियां शामिल थीं।