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सूरत पुलिस को मिली साईं की कस्टडी

Wed, 04 Dec 2013 08:00 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 04 Dec 2013 08:00 PM IST
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Narayan Sai will be present in court

यौन शोषण के मामले में फंसे आसाराम बापू व उनके पुत्र नारायण साईं की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। आसाराम के बाद अब नारायण साईं भी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं।

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सूरत में दर्ज दुष्कर्म के मामले में नारायण साईं व उनके दो सहयोगियों का ट्रांजिट रिमांड अदालत ने बुधवार शाम गुजरात पुलिस को सौंप दिया।

सूरत के जहांगीरपुरा थाने में नारायण व हनुमान के खिलाफ यौन शोषण, बलबा आदि संबंधी कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

रोहिणी अदालत के ड्यूटी एमएम धीरज मोर के समक्ष गुजरात पुलिस ने नारायण साईं, कौशल कुमार ठाकुर उर्फ हनुमान व रमेश मल्होत्रा का ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया।
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गुजरात पुलिस की डीएसपी शोभा बूथरा ने आवेदन पर बहस के दौरान कहा कि नारायण साईं व कौशल कुमार उर्फ हनुमान के खिलाफ सूरत के जहांगीर पुरा थाने में यौन शोषण, छेड़छाड़, बंधक बनाने, आपराधिक साजिश, बलवा व जान से मारने की धमकी देने व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है।
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पुलिस ने कोर्ट में दिए तर्क

गुजरात पुलिस ने कहा कि सूरत की सीजेएम कोर्ट ने नारायण साईं के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है। अदालत ने नारायण साईं को भगौड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी निर्देश भी जारी कर रखा है।

आरोपियों पर यौन शोषण की धाराओं में मुकदमा दर्ज है, इसकी उन्हें पूरी जानकारी है, इसके बावजूद वह गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
 
पुलिस के दलीलों को किया खारिज
पुलिस के आवेदन का विरोध करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप राणा ने कहा कि यह पूरा मामला कानून का भारी दुरुपयोग है।

पुलिस ने निर्भया कांड के बाद कानून में हुए संशोधन के अंतर्गत नारायण साईं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता ने दस साल पहले दुष्कर्म का आरोप उनके मुवक्किल पर लगाया है।

किसी भी शख्स की गिरफ्तारी के लिए केवल एफआईआर दर्ज करना काफी नहीं है। उसकी गिरफ्तारी के लिए आरोपों की जांच होनी चाहिए। पुलिस को अब तक की जांच में कुछ नहीं मिला है।
 
कोर्ट ने जताई नाराजगी

गुजरात पुलिस के पूरी तैयारी से न आने के कारण उसे कोर्ट का गुस्सा भी झेलना पड़ा। पुलिस अपने साथ केस डायरी, एफआईआर व गवाहों के बयान की अंग्रेजी भाषा की कॉपी नहीं लेकर आई थी।


इसके कारण कोर्ट को काफी इंतजार करना पड़ा और सुनवाई बिना किसी कारण काफी लंबी खिंच गई। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि उनके काम करने का तरीका बेहद खराब है, यह हाईटेक जमाना है और दस्तावेज मंगाने में इतनी देर लग रही है। यह बेहद हैरान करने वाला है।

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