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नई अनाज मंडी में धान की दो लाख बोरियां भीगीं
हरियाणा
Updated Thu, 10 Oct 2013 11:51 PM IST
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कुरुक्षेत्र शहर में वीरवार को दूसरे दिन लगातार हुई एक घंटे की बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बारिश से मंडियों में रखी कई क्विंटल धान भीग गई।
कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में बारिश से करीब दो लाख धान की बोरियां भीग गईं।
हालांकि बारिश के बाद धान की कुछ बोरियों को ढ़क दिया गया, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली। एक घंटे की बारिश में मंडी में उतारी गई धान बरसात के पानी में डूब गई।
वहीं, कुछ धान तो बरसात के पानी के साथ बहकर सड़कों पर आ गई। इसके अलावा मंडी में कई जगह धान की बोरियों के पास पानी जमा हो गया।
वहीं वीरवार को खराब मौसम के कारण मंडी में धान की खरीद भी नहीं हो सकी। रोजाना नई अनाजमंडी में होने वाली 1 लाख 40 क्विंटल धान की खरीद नहीं हो सकी। शुक्रवार को भी मौसम खराब रहने पर खरीद बाधित हो सकती है, हालांकि मौसम साफ होने पर शाम को खरीद शुरू की जा सकती है।
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इस्माईलाबाद मंडी में भीगा किसानों का सोना
इस्माईलाबाद मंडी में वीरवार शाम को हुई बरसात से किसानों का सोना भीग गया। अफरा तफरी में किसानों ने धान को ढका, लेकिन बचाव के पूरे इंतजाम न होने के कारण धान खुले आसमान के नीचे भीगता रहा।
किसान प्रीतम सिंह, नोनू मरवाह, देश राज और संजीव कुमार सैनी ने बताया कि पिछले कई दिनों से अनाज मंडी में धान की धीमी खरीद होने के कारण कई दिनों से अनाज मंडी में धान की बेकदरी को रही है। जिस कारण किसानों को अब दोहरी मार सहनी पड़ेगी, क्योंकि भीगे हुए धान को अब निर्धारित समर्थन मूल्य से कम खरीदा जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की परेशानी को समझते हुए उनका धान पूरे मूल्य पर खरीदा जाए।
वहीं, नई अनाजमंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि बारिश से बचाने के लिए मंडियों में धान को ढका गया था। उन्होंने बताया कि बारिश आने के बाद धान की बोरियाें को ढक लिया गया है।
ऐसे ही रहा मौसम तो खरीद प्रभावित होगी
नई अनाज मंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि ताबड़तोड़ बरसात के कारण धान की खरीद नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण खरीद व्यवस्था सुचारु रुप से नहीं की जा सकी।
यदि बरसात यू हीं जारी रही तो खरीद काफी प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम साफ होने पर खरीद का शुरू की जाएगी।
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कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में बारिश से करीब दो लाख धान की बोरियां भीग गईं।
हालांकि बारिश के बाद धान की कुछ बोरियों को ढ़क दिया गया, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली। एक घंटे की बारिश में मंडी में उतारी गई धान बरसात के पानी में डूब गई।
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वहीं, कुछ धान तो बरसात के पानी के साथ बहकर सड़कों पर आ गई। इसके अलावा मंडी में कई जगह धान की बोरियों के पास पानी जमा हो गया।
वहीं वीरवार को खराब मौसम के कारण मंडी में धान की खरीद भी नहीं हो सकी। रोजाना नई अनाजमंडी में होने वाली 1 लाख 40 क्विंटल धान की खरीद नहीं हो सकी। शुक्रवार को भी मौसम खराब रहने पर खरीद बाधित हो सकती है, हालांकि मौसम साफ होने पर शाम को खरीद शुरू की जा सकती है।
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इस्माईलाबाद मंडी में भीगा किसानों का सोना
इस्माईलाबाद मंडी में वीरवार शाम को हुई बरसात से किसानों का सोना भीग गया। अफरा तफरी में किसानों ने धान को ढका, लेकिन बचाव के पूरे इंतजाम न होने के कारण धान खुले आसमान के नीचे भीगता रहा।
किसान प्रीतम सिंह, नोनू मरवाह, देश राज और संजीव कुमार सैनी ने बताया कि पिछले कई दिनों से अनाज मंडी में धान की धीमी खरीद होने के कारण कई दिनों से अनाज मंडी में धान की बेकदरी को रही है। जिस कारण किसानों को अब दोहरी मार सहनी पड़ेगी, क्योंकि भीगे हुए धान को अब निर्धारित समर्थन मूल्य से कम खरीदा जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की परेशानी को समझते हुए उनका धान पूरे मूल्य पर खरीदा जाए।
वहीं, नई अनाजमंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि बारिश से बचाने के लिए मंडियों में धान को ढका गया था। उन्होंने बताया कि बारिश आने के बाद धान की बोरियाें को ढक लिया गया है।
ऐसे ही रहा मौसम तो खरीद प्रभावित होगी
नई अनाज मंडी मार्केट कमेटी सचिव सुरेश नैन ने बताया कि ताबड़तोड़ बरसात के कारण धान की खरीद नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण खरीद व्यवस्था सुचारु रुप से नहीं की जा सकी।
यदि बरसात यू हीं जारी रही तो खरीद काफी प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम साफ होने पर खरीद का शुरू की जाएगी।