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खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
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सनौली। यमुना नदी में जल सदर जाता हाने के कारण डूबी फसले ।
- फोटो : Panipat
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खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
नदी से लगे खेतों की 10 हजार एकड़ फसल में भरा पानी, 15 हजार एकड़ की सब्जियों की फसल के खराब होने का खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत/सनौली। उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों पर हुई बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में यह पानी दिल्ली पहुंच जाएगा। इसलिए पानीपत में यमुना से लगे गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रविवार को ताजे वाला हेड से यमुना नदी में एक से दो घंटे के अंतराल में अलग-अलग समय पर सात लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया। तीन बार में इतना पानी छोड़ा गया है। ताजे वाला हेड से पहली बार छोड़ा गया तीन लाख 64 हजार क्यूसिक पानी सनौली यमुना नदी में पहुंच गया और इस वक्त 4 लाख 65 हजार क्यूसिक से अधिक पानी चल रहा है। यह पानी चेतावनी के स्तर 230 को पार कर 230.85 क्यूसिक मीटर के खतरे के निशान पर बहने लगा हैं। नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी के अंदर खड़ी 20 हजार एकड़ फसल में से 15 हजार एकड़ घीया, पेठा, तोरी, मिर्च आदि की फसल डूब गई है।
इसके साथ ही करीब दस हजार एकड़ की नदी के बाहर खेतों में खड़ी ज्वार, ईख, ढेंचा आदि फसलें भी पानी में डूब गई हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के गांव में ठीकरी पहरा लगा दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग की टीम जल स्तर पर निगाह बनाए हुए है। यमुना नदी पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग की टीम पल-पल की खबर उत्तर प्रदेश के कैराना एवं शामली, पानीपत सिंचाई विभाग के अलावा दिल्ली कार्यालय भेज रही है।
इन गांवों की भूमि मेें पहुंचा नदी का पानी
राणामाजरा, पत्थर गढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढ़ी बेसक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, रहीमपूर खेड़ी, गोयला कलां, खोजकीपुर आदि दर्जनो गांव की हजारों एकड़ ईख, ज्वार, ढांचा, घीया, पेठा आदि की फसलेें पानी में डूब गईं हैं।
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- सब्जी की फसल को बचाने में लगे रहे किसान
यमुना में जिन किसानों ने सब्जी की फसल बोई थी, वह उसे रविवार को पूरा दिन निकालने में लगे रहे। पानी बढ़ने में नदी की तेज धारा के साथ उनकी फसल बह जाने का संकट बन गया है। जिसके चलते किसान दिनभर इसी काम में लगे रहे कि किसी तरह फसलों को बचाया जा सके।
- बोले तहसीलदार
नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र का कहना है कि उन्होंने नदी में आए पानी का दौरा किया है, अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। नदी सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पटवारियों और ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है। हर गांव में ठीकरी पहरा बांध के आसपास लगाया गया है। ताकि बांध पर कटाव आदि ना हो सके ।
- बोले सिंचाई विभाग के अधिकारी
सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर ने बताया कि कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। ताजे वाले हेड से छोड़ा गया। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किए जा रहे है। अब यमुना बांध पर पड़े कटाव को भरने के लिए मिट्टी के कट्टे भरवाएं जा रहे हैं। एक्सईएन सुरेश सैनी का कहना है कि यमुना नदी करा दौरा किया और बाढ़ प्रबंधों का जायजा लिया। फिलहाल पानी नियंत्रण में है।
- बोले जल आयोग के अधिकारी
केंद्रीय जल आयोग के जेई लोकेंद्र ने बताया कि शनिवार की रात से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है और अभी रात को पानी और बढ़ने की संभावना है, अभी तक खतरे के निशान पर बह रही है।
- हाई अलर्ट जारी, कोई भी नदी के पास नहीं जाए : उपायुक्त
यमुना अब खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। किसानों की दस हजार एकड़ फसल पर खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर आ गया है। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने पानीपत जिला में यमुना तलहटी से बापौली, सनौली और समालखा क्षेत्र के यमुना के साथ लगते गांवों के लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यमुना नदी में स्नान,कपड़े इत्यादि धोने के लिए न जाए क्योंकि ताजेवाला हेड से छोड़े गए पानी के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। उन्होंने यमुना के साथ लगते गांवो में ग्रामीणों को सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश की सीमाओं के साथ लगते पड़ोसी राज्यों में अधिक बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है, कोई भी नदी के पास न जाए और न ही नदी में नाव आदि लेकर जाए। उन्होंने किसानों को भी यमुना तट के साथ लगते खेतों में ना जाने की अपील की।
- विभागों को किया अलर्ट किया गया, 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश
प्रशासन ने गांव के सरपंच व नंबरदारों से अपील की कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें और सूचनाओं को साझा करें। लोगों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग तथा पशु पालन विभाग को भी तैयार रहने को कहा गया है और इन सभी विभागों को अगले 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोई भी अधिकारी या कर्मचारी स्टेशन नहीं छोड़ सकता है। जिले में यमुना नदी के सभी किनारों पर भी नजर बनाए रखने का आदेश है।
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नदी से लगे खेतों की 10 हजार एकड़ फसल में भरा पानी, 15 हजार एकड़ की सब्जियों की फसल के खराब होने का खतरा
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत/सनौली। उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों पर हुई बारिश से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में यह पानी दिल्ली पहुंच जाएगा। इसलिए पानीपत में यमुना से लगे गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रविवार को ताजे वाला हेड से यमुना नदी में एक से दो घंटे के अंतराल में अलग-अलग समय पर सात लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया। तीन बार में इतना पानी छोड़ा गया है। ताजे वाला हेड से पहली बार छोड़ा गया तीन लाख 64 हजार क्यूसिक पानी सनौली यमुना नदी में पहुंच गया और इस वक्त 4 लाख 65 हजार क्यूसिक से अधिक पानी चल रहा है। यह पानी चेतावनी के स्तर 230 को पार कर 230.85 क्यूसिक मीटर के खतरे के निशान पर बहने लगा हैं। नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी के अंदर खड़ी 20 हजार एकड़ फसल में से 15 हजार एकड़ घीया, पेठा, तोरी, मिर्च आदि की फसल डूब गई है।
इसके साथ ही करीब दस हजार एकड़ की नदी के बाहर खेतों में खड़ी ज्वार, ईख, ढेंचा आदि फसलें भी पानी में डूब गई हैं। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के गांव में ठीकरी पहरा लगा दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग की टीम जल स्तर पर निगाह बनाए हुए है। यमुना नदी पुल पर बने केंद्रीय जल आयोग की टीम पल-पल की खबर उत्तर प्रदेश के कैराना एवं शामली, पानीपत सिंचाई विभाग के अलावा दिल्ली कार्यालय भेज रही है।
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इन गांवों की भूमि मेें पहुंचा नदी का पानी
राणामाजरा, पत्थर गढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढ़ी बेसक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेडा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, रहीमपूर खेड़ी, गोयला कलां, खोजकीपुर आदि दर्जनो गांव की हजारों एकड़ ईख, ज्वार, ढांचा, घीया, पेठा आदि की फसलेें पानी में डूब गईं हैं।
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- सब्जी की फसल को बचाने में लगे रहे किसान
यमुना में जिन किसानों ने सब्जी की फसल बोई थी, वह उसे रविवार को पूरा दिन निकालने में लगे रहे। पानी बढ़ने में नदी की तेज धारा के साथ उनकी फसल बह जाने का संकट बन गया है। जिसके चलते किसान दिनभर इसी काम में लगे रहे कि किसी तरह फसलों को बचाया जा सके।
- बोले तहसीलदार
नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र का कहना है कि उन्होंने नदी में आए पानी का दौरा किया है, अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। नदी सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पटवारियों और ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है। हर गांव में ठीकरी पहरा बांध के आसपास लगाया गया है। ताकि बांध पर कटाव आदि ना हो सके ।
- बोले सिंचाई विभाग के अधिकारी
सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर ने बताया कि कि अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। ताजे वाले हेड से छोड़ा गया। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किए जा रहे है। अब यमुना बांध पर पड़े कटाव को भरने के लिए मिट्टी के कट्टे भरवाएं जा रहे हैं। एक्सईएन सुरेश सैनी का कहना है कि यमुना नदी करा दौरा किया और बाढ़ प्रबंधों का जायजा लिया। फिलहाल पानी नियंत्रण में है।
- बोले जल आयोग के अधिकारी
केंद्रीय जल आयोग के जेई लोकेंद्र ने बताया कि शनिवार की रात से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है और अभी रात को पानी और बढ़ने की संभावना है, अभी तक खतरे के निशान पर बह रही है।
- हाई अलर्ट जारी, कोई भी नदी के पास नहीं जाए : उपायुक्त
यमुना अब खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। किसानों की दस हजार एकड़ फसल पर खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर आ गया है। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने पानीपत जिला में यमुना तलहटी से बापौली, सनौली और समालखा क्षेत्र के यमुना के साथ लगते गांवों के लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यमुना नदी में स्नान,कपड़े इत्यादि धोने के लिए न जाए क्योंकि ताजेवाला हेड से छोड़े गए पानी के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। उन्होंने यमुना के साथ लगते गांवो में ग्रामीणों को सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश की सीमाओं के साथ लगते पड़ोसी राज्यों में अधिक बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है, कोई भी नदी के पास न जाए और न ही नदी में नाव आदि लेकर जाए। उन्होंने किसानों को भी यमुना तट के साथ लगते खेतों में ना जाने की अपील की।
- विभागों को किया अलर्ट किया गया, 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश
प्रशासन ने गांव के सरपंच व नंबरदारों से अपील की कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें और सूचनाओं को साझा करें। लोगों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग तथा पुलिस विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग तथा पशु पालन विभाग को भी तैयार रहने को कहा गया है और इन सभी विभागों को अगले 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोई भी अधिकारी या कर्मचारी स्टेशन नहीं छोड़ सकता है। जिले में यमुना नदी के सभी किनारों पर भी नजर बनाए रखने का आदेश है।

सनौली। यमुना पुल को छूता पानी।- फोटो : Panipat