फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Yamuna in spate again, water level reaches warning mark

Panipat News: यमुना में फिर उफान, चेतावनी के निशान पर पहुंचा जलस्तर

Sat, 30 Aug 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 30 Aug 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
Yamuna in spate again, water level reaches warning mark
यमुना में आया तेज पानी। संवाद

विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। पहाड़ों में कई दिनों से हो रही बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से यमुना में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससें यमुना में दस दिन बाद फिर से उफान आ गया है। जलस्तर बढ़कर चेतावनी स्तर 231 मीटर के आसपास चल रहा है। शुक्र‎वार देर रात को पानी और बढ़ गया। ऐसे में यमुना तटबंध के अंदर करीब छह हजार एकड़ में खड़ी फसल पानी में डूबी है। वहीं मैदानी क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश चल रही है। सिंचाई विभाग ने यमुना किनारे डेरा डाल लिया है। जेसीबी की मदद से किनारे पर बने कटाव को बंद किया जा रहा है।
हथिनीकुंड बैराज से वीरवार को छोड़ा गया पानी शुक्रवार को पानीपत में सनौली पुल के पास चेतावनी के चिह्न पर पहुंच गया है। जो 231.00 मीटर है। वहीं देर रात पानी कुछ और बढ़ गया। इसके अलावा बैराज से शुक्रवार को दिन में अलग-अलग समय पर छोड़ा गया पानी शनिवार को पहुंच जाएगा। इसके बाद जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। यमुना में पानी बढ़ने के कारण सिंचाई विभाग ने जेई और बेलदारों की छुट्टी रद्द कर दी है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम सतर्क है। जिला की सीमा में गांव राणा माजरा से हथवाला तक करीब 36 किमी के क्षेत्र में जेई मोहित व जेई प्रदीप बेलदारों की टीमों के साथ यमुना तटबंध पर लगातार गश्त कर रहे हैं। एक्सईएन सुरेश सैनी व एसडीओ सतीश कुमार ने भी तटबंध का दौरा किया। सिंचाई विभाग ने यमुना तटबंध के पास कई स्थानों पर एहतियात को तौर पर मिट्टी के कट्टे भरकर रखवाए हैं। राणा माजरा और तामसाबाद गांव के नजदीक जेसीबी मशीन लगाई है। वहीं खोजकीपुर गांव के नजदीक बांध पर मिट्टी रखने का कार्य तेज कर दिया है।
विज्ञापन

करीब छह हजार एकड़ फसल डूबी

यमुना तटबंध के अंदर किसानों की करीब 15 हजार एकड में गन्ने, सब्जी व चारे की फसल खड़ी है। इसमें से करीब छह हजार एकड़ में फसल पानी में डूब गई है। किसान राममेहर और हरपानने बताया कि गन्ने की फसल को तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन सब्जियों में एक दिन से ज्यादा भरा रहा तो फसल खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

2013 और 2023 में यमुना का तटबंध टूटने से आई थी बाढ
यमुना का तटबंध टूटने से 2013 में भी बाढ़ आई थी। उस समय पत्थरगढ़, नवादा व गोयला के पास तीन जगहों पर यमुना का तटबंध टूट गया था। इसके अलावा ड्रेन नंबर दो यमुना के पानी के दबाव के चलते गांव भलौर के पास से टूट गई थी। उस समय भी किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। वर्ष 2023 में गांव नवादा-आर के पास भी यमुना का तटबंध टूटने से कई गावों में बाढ़ का पानी घुस गया था।

वर्जन : यमुना में पिछले दो दिन से पानी बढ़ा है। शनिवार रात को और भी पानी बढ़ सकता है। कटाव पर मिट्टी के कट्टे लगाए जा रहा हैं। पानीपत में किसी प्रकार की चिंता की बात नहीं है। विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही हैं।

सुरेश सैनी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
करके सारी स्थिती पर नजर रख रहे है। हालांकि एक्सईएन सुरेश सैनी व जेई मोहित का कहना है कि बाढ बचाओ प्रबंधन के तहत पुखता प्रबंध किये गये है और कोई भी खतरे वाली बात नहीं है।

यमुना में आया तेज पानी। संवाद

यमुना में आया तेज पानी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed