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Panipat News: दूसरे दिन बारिश से शहर में कई जगह जलभराव
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पानीपत। सावन के चौथे सोमवार को सुबह से शाम तक कई बार रुक-रुककर बारिश हुई। जिले में औसतन 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। मतलौडा में सबसे अधिक 36 एमएम बारिश हुई। जबकि बापौली में बारिश शून्य रही। पानीपत शहर में 19 एमएम बारिश में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। अधिकारियों की नाक के नीचे जिला सचिवालय के मुख्य गेट और पार्किंग में पानी जमा हो गया। जिसके चलते जिला सचिवालय आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को सुबह ही आसमान में बादल छा गए। सुबह नौ बजे एक साथ बारिश शुरू हो गई। मतलौडा कस्बे में सुबह ही तेज बारिश हो गई। जिसके चलते खेतों में पानी खड़ा हो गया। धान उत्पादक किसानों ने राहत की सांस ली। इसके कुछ देर पानीपत में बारिश हुई। दोपहर के समय एक साथ फिर बारिश शुरू हो गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सुबह आठ से शाम पांच बजे तक पानीपत में 19, समालखा में एक, इसराना में सात और मतलौडा में 36 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं बापौली में सोमवार को सूखा रहा।
कवी गांव के राजेंद्र और दीपक ने बताया कि जिला सचिवालय के मुख्य गेट पर पानी जमा है। यहां से पैदल निकलने का रास्ता नहीं है। इससे आगे आंबेडकर की प्रतिमा के सामने पार्किंग में पानी जमा है। इससे खतरनाक स्थिति शहर की सड़कों पर हो जाती है। अधिकारियों को शहर के साथ जिला सचिवालय में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।
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सोमवार को सुबह ही आसमान में बादल छा गए। सुबह नौ बजे एक साथ बारिश शुरू हो गई। मतलौडा कस्बे में सुबह ही तेज बारिश हो गई। जिसके चलते खेतों में पानी खड़ा हो गया। धान उत्पादक किसानों ने राहत की सांस ली। इसके कुछ देर पानीपत में बारिश हुई। दोपहर के समय एक साथ फिर बारिश शुरू हो गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सुबह आठ से शाम पांच बजे तक पानीपत में 19, समालखा में एक, इसराना में सात और मतलौडा में 36 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं बापौली में सोमवार को सूखा रहा।
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कवी गांव के राजेंद्र और दीपक ने बताया कि जिला सचिवालय के मुख्य गेट पर पानी जमा है। यहां से पैदल निकलने का रास्ता नहीं है। इससे आगे आंबेडकर की प्रतिमा के सामने पार्किंग में पानी जमा है। इससे खतरनाक स्थिति शहर की सड़कों पर हो जाती है। अधिकारियों को शहर के साथ जिला सचिवालय में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।
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