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Panipat News: बारिश में छत से टपकता है पानी, शौचालयों पर लटके ताले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 02:37 AM IST
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Water drips from the roof during rain, locks are hanging on toilets
शौचालय का टूटा वॉश-बेसन व पसरी गंदगी।
- राजकीय माध्यमिक विद्यालय भालसी में सफाई कर्मी है न चौकीदार, शरारती तत्व पहुंचा रहे नुकसान
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30 साल पहले हुआ था स्कूल भवन का निर्माण

संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर पानीपत-जींद मुख्य मार्ग पर स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय भालसी के भवन की छत बारिश में टपकने लग जाती है। जबकि स्कूल भवन को बने करीब 30 साल हुए हैं। छत की सफाई न होने से बरसात का पानी छत व दीवारों से रिसता है। छत पर पड़े पत्तों, कबाड़ के बीच घास उग चुकी है। ऐसे में छत और दीवारें कमजोर हो रही हैं। विद्यालय में चौकीदार तक की व्यवस्था नहीं है। शरारती तत्व स्कूल की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। शरारती तत्व नशा करने के लिए रैंप पर लगाई ग्रिल, वाॅश-बेसन सहित शौचालयों की वाटर क्लोजेट फ्लश को निशाना बना रहे हैं।

विद्यालय में प्राथमिक व माध्यमिक विंग में 18 कमरे हैं जिनमें नौ कक्षा-कक्ष के अलावा दो स्टाफ रूम, दो किचन, दो स्टोर रूम तथा एक कार्यालय है। इनके अलावा गणित व विज्ञान की दो नवनिर्मित प्रयोगशालाएं हैं। विद्यालय परिसर में लंबा-चौड़ा आंगन व खेल मैदान है लेकिन शिक्षकों, स्वीपर व चौकीदार की कमी व्यवस्था पर भारी पड़ रही है।
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स्कूल का रिपोर्ट कार्ड-
विवरण प्राइमरी माध्यमिक कुल
भवन निर्माण 1995-96 2000-01
विद्यार्थियों की संख्या 108 69 177
शिक्षकों के स्वीकृत पद 06 05 11
कार्यरत शिक्षक 06 03 09
कमरों की संख्या 10 06 16
प्रयोगशालाएं 00 02 02
शौचालय सरकारी -- -- 06
शौचालय पंचायती -- -- 08


शौचालय में टूटे वॉश-बेसन, फ्लश
विद्यालय परिसर में शिक्षा विभाग की ओर से छह शौचालय बनाए गए हैं जिनकी हालत सही पाई गई। वहीं, ग्राम पंचायत की ओर से बनाए गए आठ शौचालयों में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी। लड़कों के शौचालयों पर ताले लटके मिले जिससे बच्चे शौचालय के द्वार पर शौच कर रहे थे। वहीं, अन्य शौचालयों के वॉश-बेसन व फ्लस टूटे मिले।
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अंग्रेजी व सामाजिक की शिक्षा से वंचित
स्कूल के मिडिल विंग में पांच में से तीन शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थी तीन साल से अंग्रेजी व सामाजिक विज्ञान की शिक्षा से वंचित हैं। इसी वजह से विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। गत वर्ष विद्यालय में 205 विद्यार्थी थे। इस वर्ष छात्रों की संख्या घटकर 177 रह गई है।


बिजली जाने पर गर्मी से जूझते हैं 69 छात्र
भालसी गांव में बिजली व्यवस्था अक्सर ठीक रहती है। लेकिन कई बार बिजली जाने पर विद्यालय के मिडिल विंग के 69 छात्रों को गर्मी से जूझना पड़ता है। हालांकि प्राइमरी विंग में स्कूल स्टाफ ने अपने खर्चे पर सोलर पैनल लगवाए हैं जिससे प्राइमरी विंग के बच्चों को राहत मिली है। स्कूल परिसर में मिड-डे मील के लिए प्राइमरी व मिडिल विंग के लिए दो अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं। बरामदा व स्कूल प्रांगण ऊंचा व पक्का होने से बच्चों को मिड-डे मील ग्रहण करने में परेशानी नहीं है।


प्राइमरी विंग में 10 कमरे हैं। सभी कमरों की स्थिति सही है। रंग-रोगन व सफाई की व्यवस्था की जाती है। छत की सफाई न होने से बारिश में छत व दीवारों में नमी आ जाती है। अपने खर्च पर सोलर पैनल की व्यवस्था की है। सफाई कर्मचारी की तलाश की जा रही है।

- मंजू गुप्ता, इंचार्ज, प्राइमरी विंग


विद्यालय में मिड-डे मील सहित सभी व्यवस्थाएं सही हैं। मिडिल हैड के साथ दो शिक्षकों की भी कमी है। डीडी पावर राजकीय स्कूल जोशी के मिडिल हेड के पास है। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी व सामाजिक विज्ञान के बच्चे तीन साल से प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग से शिक्षक नियुक्त करने की मांग की है।
- जयप्रकाश, इंचार्ज, मिडिल विंग

शौचालय का टूटा वॉश-बेसन व पसरी गंदगी।

शौचालय का टूटा वॉश-बेसन व पसरी गंदगी।

शौचालय का टूटा वॉश-बेसन व पसरी गंदगी।

शौचालय का टूटा वॉश-बेसन व पसरी गंदगी।

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