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पंजाब के समान वेतनमान के लिए गरजे कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:17 AM IST
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हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन ने प्रदेश स्तरीय बैठक में पंजाब के समान वेतनमान की मांग को लेकर हुंकार भरी और सरकार को विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी।
हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक बुधवार को डाइट प्रांगण में हुई। जिसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने की।
संदीप सांगवान ने कहा कि सरकार पंजाब के समान वेतनमान की मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को करनाल में चेतवानी रैली के माध्यम से कर्मचारी अपनी ताकत सरकार को दिखा चुके हैं।
इतना ही नहीं इसी मांग को लेकर 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ बातचीत भी हुई है। बावजूद इसके सरकार इस मांग को अनदेखा कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के एमएलए पंजाब के एमएलए से करीब डेढ़ गुणा अधिक वेतनमान ले रहे हैं और कर्मचारियों को करीब साढ़े 15 हजार रुपये पंजाब के कर्मचारियों से कम मिल रहे हैं।
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राज्य उपप्रधान शर्मिला ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है। लगातार 30 साल के काम के बाद भी पदोन्नति नहीं की जा रही है।
कुरुक्षेत्र में लगातार दो साल के आंदोलन के बाद हुड्डा सरकार ने नवंबर 2014 से पंजाब के समान वेतनमान को लागू करने की घोषणा की थी।
भाजपा ने भी सत्ता में आते ही पंजाब के समान वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए सातवें केंद्रीयआयोग की रिपोर्ट से पहले पंजाब के समान वेतनमान लागू करने की मांग की। साथ ही खाली पदों पर स्थाई भर्ती करने, समय पर पदोन्नति करने, उच्च योग्यता प्राप्त लिपिकों को योग्यता के अनुरुप शिक्षकों के पदों पर समायोजित करने की मांग की।
साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी विधानसभा घेराव करने पर विवश हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर को विभिन्न विभागीय मुद्दों को लेकर निदेशक से पंचकूला मिलने का निर्णय लिया गया है।
इस दौरान राज्य वरिष्ठ उपप्रधान विक्रम, सतीश सेठी, रणबीर रोहिला, हितेंद्र सिहाग, गुलशन कुमार, रमेश कांबोज, जयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, अनुप मलिक, संजीव कुमार, शिव कुमार, जगबीर सिंह, जगत सिंह, टीका सिंह, सहदेव सिंह, ओमप्राकश, टेकचंद, राजेश, कप्तान सिंह, सुरेंद्र, धर्म सिंह, बिजेंद्र सिंह, नानकचंद, सुरेंद्र कोहली, देवेंद्र, त्रिलोक चंद, राजेश फौगाट व सेवा राम मौजूद रहे।
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हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक बुधवार को डाइट प्रांगण में हुई। जिसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने की।
संदीप सांगवान ने कहा कि सरकार पंजाब के समान वेतनमान की मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को करनाल में चेतवानी रैली के माध्यम से कर्मचारी अपनी ताकत सरकार को दिखा चुके हैं।
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इतना ही नहीं इसी मांग को लेकर 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री के साथ बातचीत भी हुई है। बावजूद इसके सरकार इस मांग को अनदेखा कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के एमएलए पंजाब के एमएलए से करीब डेढ़ गुणा अधिक वेतनमान ले रहे हैं और कर्मचारियों को करीब साढ़े 15 हजार रुपये पंजाब के कर्मचारियों से कम मिल रहे हैं।
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राज्य उपप्रधान शर्मिला ने कहा कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है। लगातार 30 साल के काम के बाद भी पदोन्नति नहीं की जा रही है।
कुरुक्षेत्र में लगातार दो साल के आंदोलन के बाद हुड्डा सरकार ने नवंबर 2014 से पंजाब के समान वेतनमान को लागू करने की घोषणा की थी।
भाजपा ने भी सत्ता में आते ही पंजाब के समान वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार अब अपने वादे से मुकर रही है।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए सातवें केंद्रीयआयोग की रिपोर्ट से पहले पंजाब के समान वेतनमान लागू करने की मांग की। साथ ही खाली पदों पर स्थाई भर्ती करने, समय पर पदोन्नति करने, उच्च योग्यता प्राप्त लिपिकों को योग्यता के अनुरुप शिक्षकों के पदों पर समायोजित करने की मांग की।
साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी विधानसभा घेराव करने पर विवश हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर को विभिन्न विभागीय मुद्दों को लेकर निदेशक से पंचकूला मिलने का निर्णय लिया गया है।
इस दौरान राज्य वरिष्ठ उपप्रधान विक्रम, सतीश सेठी, रणबीर रोहिला, हितेंद्र सिहाग, गुलशन कुमार, रमेश कांबोज, जयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, अनुप मलिक, संजीव कुमार, शिव कुमार, जगबीर सिंह, जगत सिंह, टीका सिंह, सहदेव सिंह, ओमप्राकश, टेकचंद, राजेश, कप्तान सिंह, सुरेंद्र, धर्म सिंह, बिजेंद्र सिंह, नानकचंद, सुरेंद्र कोहली, देवेंद्र, त्रिलोक चंद, राजेश फौगाट व सेवा राम मौजूद रहे।