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Panipat News: आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने पर उपराष्ट्रपति ने किया पांच राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ
Sun, 31 May 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 31 May 2026 01:18 AM IST
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पानीपत। आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने और गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें अवतरण वर्ष के उपलक्ष्य में बेंगलुरु स्थित द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में समारोह आयोजित किया गया। इसमें उपराष्ट्रपति ने पांच राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया।
राज्य मीडिया कोऑर्डिनेटर कुसुम धीमान ने बताया कि इसमें देश-विदेश से 678 से अधिक विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि द आर्ट ऑफ लिविंग आज 182 देशों में मानवता, शांति और मानवीय मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा कि ध्यान आज विलासिता नहीं बल्कि स्वस्थ, सुखी और तनावमुक्त जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने ज्ञान, ध्यान और संगीत को जीवनभर साथ रखने का संदेश देते हुए भय, तनाव और घृणा से मुक्त विश्व परिवार के निर्माण का आह्वान किया। प्रारंभ की प्रमुख पहलों में यूथ करियर एक्सीलेंस प्रोग्राम, फैकल्टी ऑफ ईस्टर्न नॉलेज सिस्टम्स, आर्ट ऑफ लिविंग इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इंक्यूबेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन कॉन्शियसनेस स्टडीज एंड ह्यूमन पोटेंशियल तथा इको शांति शामिल हैं। कुसुम धीमान ने बताया कि पूरे महीने चले इस उत्सव में ध्यान, संस्कृति, सेवा, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य गुरुदेव के तनाव-मुक्त एवं हिंसा-मुक्त समाज के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
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राज्य मीडिया कोऑर्डिनेटर कुसुम धीमान ने बताया कि इसमें देश-विदेश से 678 से अधिक विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि द आर्ट ऑफ लिविंग आज 182 देशों में मानवता, शांति और मानवीय मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा कि ध्यान आज विलासिता नहीं बल्कि स्वस्थ, सुखी और तनावमुक्त जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने ज्ञान, ध्यान और संगीत को जीवनभर साथ रखने का संदेश देते हुए भय, तनाव और घृणा से मुक्त विश्व परिवार के निर्माण का आह्वान किया। प्रारंभ की प्रमुख पहलों में यूथ करियर एक्सीलेंस प्रोग्राम, फैकल्टी ऑफ ईस्टर्न नॉलेज सिस्टम्स, आर्ट ऑफ लिविंग इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इंक्यूबेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन कॉन्शियसनेस स्टडीज एंड ह्यूमन पोटेंशियल तथा इको शांति शामिल हैं। कुसुम धीमान ने बताया कि पूरे महीने चले इस उत्सव में ध्यान, संस्कृति, सेवा, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य गुरुदेव के तनाव-मुक्त एवं हिंसा-मुक्त समाज के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
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