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अर्बन मलेरिया कार्यालय को चुभा अधिकारियों का डंक, कनेक्शन काटा
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 13 May 2017 12:08 AM IST
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सिविल अस्पताल में अर्बन मलेरिया कार्यालय की बिजली काट दी गई है। बिजली के अभाव में कर्मचारी भीषण गर्मी के बीच पसीने से तर-बतर होकर काम कर रहे हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य अधिकारियों के इशारे पर बिजली काटी गई है। बिजली कटने के बाद एक बार फिर से अधिकारियों और कर्मचारियों में रार पैदा हो गई है। इससे काम प्रभावित हो रहा है। बिजली कटने से कर्मचारियों में रोष है। सिविल सर्जन बिजली कटने के मामले को संज्ञान में न होने की बात कह रहे हैं।
सिविल अस्पताल स्थित अर्बन मलेरिया कार्यालय की चार दिन पहले बिजली काट दी। कर्मी उसी दिन से बिजली न आने के कारण बेहाल हैं। हालांकि, अधिकारियों को देखकर सामने नहीं आए। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बिजली काटने के मामले की पूरी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि बिजली न आने पर कर्मी गर्मी के बीच काम करने को मजबूर हैं। कार्यालय में बिजली न होने की शिकायत देने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों हेल्थ इंस्पेक्टर कार्यालय से कुर्सी-मेज उठवाने के बाद हेल्थ इंस्पेक्टर ने गांधीगिरी के माध्यम से विरोध किया था। हेल्थ इंस्पेक्टर के इस विरोध से नाराज होकर ही कार्यालय की बिजली कटवा दी है। अधिकारियों ने इस प्रकार के आरोपों से इनकार करते हुए बिजली लाइन में फाल्ट होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर बिजली कट गई थी तो इसकी जांच करवानी चाहिए थी। बिजली मिस्त्री से मिलकर दोबारा लाइन चालू करने का प्रयास करना चाहिए था।
अर्बन मलेरिया कार्यालय में यह कर्मचारी कार्यरत
सुपरवाइजर 04
फील्ड वर्कर 07
एमपीएचडब्ल्यू 07
अवैध कनैक्शन की कही जा रही बात
अर्बन मलेरिया कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की मानें तो वहां पर बिजली मीटर नहीं लगा हुआ। इस कारण अधिकारियों ने अवैध रूप से बिजली सप्लाई होने की बात कहते हुए बिजली काटी है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यहां पर लगातार बिजली चलती रही है। अचानक ऐसा क्या हुआ कि बिजली काटनी पड़ी। बिजली यदि अवैध तरीके से जलाई जा रही है तो सिविल अस्पताल से लाइन लगानी चाहिए थी। लेकिन, बिजली काटने के बाद अधिकारी यहां बिजली देने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे।
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काम हो रहा प्रभावित
अर्बन मलेरिया कार्यालय में बिजली न होने पर कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारी कार्यालय में बैठकर पसीने से तर-बतर होकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर काम पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। गर्मी की वजह से ठीक प्रकार काम करने में परेशानी आ रही है। कार्यालय की बिजली काटने के बाद दोबारा शुरू न करने से कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।
जानबूझकर बिजली कटवाने का आरोप
कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मलेरिया कार्यालय की बिजली जानबूझकर काटने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों हेल्थ इंस्पेक्टर के कार्यालय से कुर्सी-मेज उठवा दी थी। हेल्थ इंस्पेक्टर ने गांधीगिरी से इसका विरोध किया था। इसके बाद कार्यालय में कुर्सी-मेज पहुंचाई गई थी। आरोप है कि उसी मामले में रंजिश रखते हुए अधिकारियों ने अवैध कनैक्शन के नाम पर बिजली काटी गई है।
दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है कार्यालय
अर्बन मलेरिया कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों ने पहले इस बिल्डिंग को कंडम बताते हुए कार्यालय को सेक्टर-25 स्थित डिस्पेंसरी में शिफ्ट करने की बात कही थी। कार्यालय तो शिफ्ट किया नहीं, लेकिन बिजली पहले काट दी। इससे कर्मचारियों को काम करने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
अर्बन मलेरिया कार्यालय में बिजली सरकारी क्वार्टरों में लगे मीटर से ही दी जा रही है। बिजली कटने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कार्यालय में बिजली नहीं आ रही तो कर्मचारियों को तार की जांच करवानी चाहिए थी। अर्बन मलेरिया कार्यालय की बिल्डिंग को देखते हुए इसे शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें अभी समय लगेगा। कार्यालय में बिजली पहुंचाने का प्रबंध करवाया जाएगा।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सिविल सर्जन, पानीपत।
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सिविल अस्पताल स्थित अर्बन मलेरिया कार्यालय की चार दिन पहले बिजली काट दी। कर्मी उसी दिन से बिजली न आने के कारण बेहाल हैं। हालांकि, अधिकारियों को देखकर सामने नहीं आए। स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बिजली काटने के मामले की पूरी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि बिजली न आने पर कर्मी गर्मी के बीच काम करने को मजबूर हैं। कार्यालय में बिजली न होने की शिकायत देने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों हेल्थ इंस्पेक्टर कार्यालय से कुर्सी-मेज उठवाने के बाद हेल्थ इंस्पेक्टर ने गांधीगिरी के माध्यम से विरोध किया था। हेल्थ इंस्पेक्टर के इस विरोध से नाराज होकर ही कार्यालय की बिजली कटवा दी है। अधिकारियों ने इस प्रकार के आरोपों से इनकार करते हुए बिजली लाइन में फाल्ट होने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर बिजली कट गई थी तो इसकी जांच करवानी चाहिए थी। बिजली मिस्त्री से मिलकर दोबारा लाइन चालू करने का प्रयास करना चाहिए था।
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अर्बन मलेरिया कार्यालय में यह कर्मचारी कार्यरत
सुपरवाइजर 04
फील्ड वर्कर 07
एमपीएचडब्ल्यू 07
अवैध कनैक्शन की कही जा रही बात
अर्बन मलेरिया कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की मानें तो वहां पर बिजली मीटर नहीं लगा हुआ। इस कारण अधिकारियों ने अवैध रूप से बिजली सप्लाई होने की बात कहते हुए बिजली काटी है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यहां पर लगातार बिजली चलती रही है। अचानक ऐसा क्या हुआ कि बिजली काटनी पड़ी। बिजली यदि अवैध तरीके से जलाई जा रही है तो सिविल अस्पताल से लाइन लगानी चाहिए थी। लेकिन, बिजली काटने के बाद अधिकारी यहां बिजली देने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे।
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काम हो रहा प्रभावित
अर्बन मलेरिया कार्यालय में बिजली न होने पर कार्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारी कार्यालय में बैठकर पसीने से तर-बतर होकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर काम पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। गर्मी की वजह से ठीक प्रकार काम करने में परेशानी आ रही है। कार्यालय की बिजली काटने के बाद दोबारा शुरू न करने से कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।
जानबूझकर बिजली कटवाने का आरोप
कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मलेरिया कार्यालय की बिजली जानबूझकर काटने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दिनों हेल्थ इंस्पेक्टर के कार्यालय से कुर्सी-मेज उठवा दी थी। हेल्थ इंस्पेक्टर ने गांधीगिरी से इसका विरोध किया था। इसके बाद कार्यालय में कुर्सी-मेज पहुंचाई गई थी। आरोप है कि उसी मामले में रंजिश रखते हुए अधिकारियों ने अवैध कनैक्शन के नाम पर बिजली काटी गई है।
दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है कार्यालय
अर्बन मलेरिया कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों ने पहले इस बिल्डिंग को कंडम बताते हुए कार्यालय को सेक्टर-25 स्थित डिस्पेंसरी में शिफ्ट करने की बात कही थी। कार्यालय तो शिफ्ट किया नहीं, लेकिन बिजली पहले काट दी। इससे कर्मचारियों को काम करने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
अर्बन मलेरिया कार्यालय में बिजली सरकारी क्वार्टरों में लगे मीटर से ही दी जा रही है। बिजली कटने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कार्यालय में बिजली नहीं आ रही तो कर्मचारियों को तार की जांच करवानी चाहिए थी। अर्बन मलेरिया कार्यालय की बिल्डिंग को देखते हुए इसे शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें अभी समय लगेगा। कार्यालय में बिजली पहुंचाने का प्रबंध करवाया जाएगा।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सिविल सर्जन, पानीपत।