फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Two convicts of Sameer murder case sentenced to seven years, four acquitted

Panipat News: समीर हत्याकांड के दो दोषियों को सात साल की सजा, चार बरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:56 AM IST
विज्ञापन
Two convicts of Sameer murder case sentenced to seven years, four acquitted
पानीपत। शहर की जगजीवन राम कॉलोनी में सितंबर 2020 में समीर की हत्या के मामले में अदालत ने छह में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई है। वहीं चार आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने बुधवार को सुनाया। दोषियों को 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जुर्माना न देने पर दोषियों को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन


जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि जगजीवन राम कॉलोनी निवासी संजू ने किशनपुरा चौकी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 20 सितंबर 2020 को शाम सवा छह बजे वह अपने घर पर था। इसी बीच उसे शोर सुनाई दिया। वह घर से बाहर निकला तो उसके भाई समीर पुत्र हनीफ के साथ सूरज, हरीश, विक्की, सोनू, कालू निवासी जगजीवन पुरानी रंजिश के चलते लाठी डंडे से मारपीट कर रहे थे। उसके सामने सूरज व हरीश ने उस पर तेजधार हथियार से हमला किया। जबकि रत्न लाल, कालू व सोनू ने डंडों से पीटा। भाई आरोपियों से छूटकर घर के आंगन में आकर गिरा। वह भाई को सरकारी अस्पताल लेकर गया, जहां से डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इसके बाद वह उसे महाराजा अग्रसेन अस्पताल फिर अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन उसकी 20 सितंबर की रात मौत हो गई। किशनपुरा चौकी पुलिस ने इस मामले में 148,149, 323 और 302 में मुकदमा दर्ज कर किया था। इस मामले में न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने हरीश और सूरज को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई। सबूतों के अनुसार दोषियों की मंशा समीर की हत्या की नहीं थी, इसलिए अदालत ने 304पार्ट-2 में सजा सुनाई। वहीं नरेंद्र, भारत, सोनू, रत्नलाल को आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
विज्ञापन

अदालत ने आईपीसी की धारा 323 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत ने आईपीसी 304 पार्ट-2 में सात-सात साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed