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टुंडा मामले में बहस बाईस जुलाई को
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:04 AM IST
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बस में धमाके के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा अपने डिफेंस में कुछ नहीं बोले और कोर्ट के बार-बार पूछे जाने के बाद भी चुप्पी साधे रहे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी की ओर से डिफेंस में कुछ न कहने पर बहस को लेकर 22 जुलाई तय कर दी।
बचाव पक्ष के वकील ने भी आरोपी टुंडा ने कुछ न कहने की बात मानी है। जिला और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम बस धमाके के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा के लेकर पानीपत पहुंची और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने धमाके के मामले आरोपी अब्दुल करीम टुंडा का डिफेंस जानना चाहा।
कोर्ट ने उनको अपने डिफेंस में बोलने को कहा, लेकिन आरोपी अब्दुल करीम टुंडा अपने डिफेंस में कुछ नहीं बोले। कोर्ट ने एक बार फिर उनका डिफेंस जानना चाहा, लेकिन वे इस बार भी चुप रहे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम टुंडा पर लगे आरोपों पर बहस के लिए 22 जुलाई तय कर दी।
जिला और दिल्ली पुलिस की टीम अब्दुल करीम टुंडा के लिए करीब 11 बजे कोर्ट में लेकर पहुंची थी। कोर्ट में बचाव पक्ष में कुछ न कहने पर तुरंत की अगली तारीख दे दी गई।
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इसके बाद पुलिस ने उसको कैदी वैन में बैठा दिया। चालक वैन को स्टार्ट करने लगा, लेकिन वैन स्टार्ट नहीं हुई। चालक ने नीचे देखा तो नोजल फटा मिला। चालक ने नोजल को उतारकर ठीक कराया और फिर फिट किया, लेकिन वैन स्टार्ट नहीं हो सकी।
चालक ने नोजल को फिर से उतारा और उसको ठीक कराया। इसके बाद करीब 12 बजे वैन स्टार्ट हो सकी। इस दौरान अब्दुल करीम टुंडा वैन में ही रहे और पुलिस टीम भी सुरक्षा को लेकर तैनात रही।
यह है मामला
एक फरवरी 1997 को पानीपत बस स्टैंड पर सहकारी समिति की एक बस में धमाका हो गया था। इसमें 10 वर्षीय माडू की मौत हो गई थी और करीब 20 यात्री घायल हो गए थे।
थाना शहर पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन बम धमाके का मामला ट्रेस नहीं हो सका। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने गत वर्ष नेपाल बॉर्डर के नजदीक अब्दुल करीम टुंडा को गिरफ्तार किया था। पानीपत कोर्ट में आरोपी अब्दुल करीम टुंडा पर आरोप तय कर दिए थे और करीब तीन दर्ज गवाह पेश किए।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी की ओर से डिफेंस में कुछ न कहने पर बहस को लेकर 22 जुलाई तय कर दी।
बचाव पक्ष के वकील ने भी आरोपी टुंडा ने कुछ न कहने की बात मानी है। जिला और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम बस धमाके के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा के लेकर पानीपत पहुंची और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने धमाके के मामले आरोपी अब्दुल करीम टुंडा का डिफेंस जानना चाहा।
कोर्ट ने उनको अपने डिफेंस में बोलने को कहा, लेकिन आरोपी अब्दुल करीम टुंडा अपने डिफेंस में कुछ नहीं बोले। कोर्ट ने एक बार फिर उनका डिफेंस जानना चाहा, लेकिन वे इस बार भी चुप रहे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने आरोपी अब्दुल करीम टुंडा पर लगे आरोपों पर बहस के लिए 22 जुलाई तय कर दी।
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जिला और दिल्ली पुलिस की टीम अब्दुल करीम टुंडा के लिए करीब 11 बजे कोर्ट में लेकर पहुंची थी। कोर्ट में बचाव पक्ष में कुछ न कहने पर तुरंत की अगली तारीख दे दी गई।
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इसके बाद पुलिस ने उसको कैदी वैन में बैठा दिया। चालक वैन को स्टार्ट करने लगा, लेकिन वैन स्टार्ट नहीं हुई। चालक ने नीचे देखा तो नोजल फटा मिला। चालक ने नोजल को उतारकर ठीक कराया और फिर फिट किया, लेकिन वैन स्टार्ट नहीं हो सकी।
चालक ने नोजल को फिर से उतारा और उसको ठीक कराया। इसके बाद करीब 12 बजे वैन स्टार्ट हो सकी। इस दौरान अब्दुल करीम टुंडा वैन में ही रहे और पुलिस टीम भी सुरक्षा को लेकर तैनात रही।
यह है मामला
एक फरवरी 1997 को पानीपत बस स्टैंड पर सहकारी समिति की एक बस में धमाका हो गया था। इसमें 10 वर्षीय माडू की मौत हो गई थी और करीब 20 यात्री घायल हो गए थे।
थाना शहर पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन बम धमाके का मामला ट्रेस नहीं हो सका। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने गत वर्ष नेपाल बॉर्डर के नजदीक अब्दुल करीम टुंडा को गिरफ्तार किया था। पानीपत कोर्ट में आरोपी अब्दुल करीम टुंडा पर आरोप तय कर दिए थे और करीब तीन दर्ज गवाह पेश किए।