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Panipat News: सांस्कृतिक प्रस्तुतियोंं में पारंपरिक नृत्य शैलियाें की रही धूम, झूमते रहे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन कक्षा नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने एकल लोक नृत्य, समूह लोक नृत्य, लघुनाटिका व रागनी आदि गतिविधियों व पारंपरिक नृत्य शैलियों से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी जिन्हें देख दर्शक दीर्घा गदगद हो उठी।
महोत्सव में प्रदेश के सभी 22 जिलों से लगभग 1000 छात्रों ने भाग लिया तथा बढ़-चढ़कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी एवं उद्योगपति हरपाल ढांडा ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं तथा सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए कटिबद्ध हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय महोत्सव न केवल लोक-संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह बच्चों में पर्यावरणीय चेतना, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता जगाने का माध्यम भी बन रहा है। इस अवसर पर पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज के पुत्र राहुल विज, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता आरडी कल्याण, दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट हरियाणा के चेयरमैन एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद भारद्वाज ने पुष्पगुच्छ, शाॅल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों ने समूह नृत्य का आनंद लिया।
सायंकालीन सत्र का शुभारंभ एसडीएम पानीपत मंदीप शर्मा ने किया तथा रागनी कार्यक्रम का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां मन, मस्तिष्क एवं हृदय का संगठित उत्पाद हैं जो व्यक्ति के बहुआयामी विकास में सहायक है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी होते हैं, वे पढ़ाई लिखाई में भी अग्रणी रहते हैं। इसलिए हमें सास्कृतिक गतिविधियों में भी भागीदार होना चाहिए जिससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और चित्त प्रसन्न रहता है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में प्रदेशभर के कक्षा पांचवीं से 12वीं विद्यार्थी प्रस्तुति दे रहे हैं। महोत्सव के तीसरे दिन वीरवार को विजेता व प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान आईबी महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशिप्रभा मलिक एवं देशबंधु गुप्ता पीजी राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष जागलान ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
इस मौके पर डीईईओ सुभाष भारद्वाज, बीआरसी विक्रम सहरावत, गुलाब पांचाल, जयदीप सिंह आदि सहित विभिन्न शिक्षा अधिकारी व अतिथि मौजूद रहे।
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पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन कक्षा नौवीं से 12वीं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने एकल लोक नृत्य, समूह लोक नृत्य, लघुनाटिका व रागनी आदि गतिविधियों व पारंपरिक नृत्य शैलियों से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी जिन्हें देख दर्शक दीर्घा गदगद हो उठी।
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महोत्सव में प्रदेश के सभी 22 जिलों से लगभग 1000 छात्रों ने भाग लिया तथा बढ़-चढ़कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी एवं उद्योगपति हरपाल ढांडा ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी सरकारी स्कूल में पढ़े हैं तथा सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए कटिबद्ध हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय महोत्सव न केवल लोक-संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह बच्चों में पर्यावरणीय चेतना, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता जगाने का माध्यम भी बन रहा है। इस अवसर पर पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज के पुत्र राहुल विज, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता आरडी कल्याण, दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट हरियाणा के चेयरमैन एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद भारद्वाज ने पुष्पगुच्छ, शाॅल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों ने समूह नृत्य का आनंद लिया।
सायंकालीन सत्र का शुभारंभ एसडीएम पानीपत मंदीप शर्मा ने किया तथा रागनी कार्यक्रम का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां मन, मस्तिष्क एवं हृदय का संगठित उत्पाद हैं जो व्यक्ति के बहुआयामी विकास में सहायक है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी होते हैं, वे पढ़ाई लिखाई में भी अग्रणी रहते हैं। इसलिए हमें सास्कृतिक गतिविधियों में भी भागीदार होना चाहिए जिससे मन की एकाग्रता बढ़ती है और चित्त प्रसन्न रहता है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में प्रदेशभर के कक्षा पांचवीं से 12वीं विद्यार्थी प्रस्तुति दे रहे हैं। महोत्सव के तीसरे दिन वीरवार को विजेता व प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान आईबी महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशिप्रभा मलिक एवं देशबंधु गुप्ता पीजी राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष जागलान ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
इस मौके पर डीईईओ सुभाष भारद्वाज, बीआरसी विक्रम सहरावत, गुलाब पांचाल, जयदीप सिंह आदि सहित विभिन्न शिक्षा अधिकारी व अतिथि मौजूद रहे।