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सोशल मीडिया पर ठगी करने वाले काबू
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 17 Oct 2013 11:01 PM IST
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पानीपत में पुलिस ने सोशल मीडिया से लोगों को फंसाकर ठगी करने वाले के दूसरे गिरोह के सदस्यों को काबू किया है।
इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस गैंग में शामिल महिलाओं ने पानीपत और रोहतक में दुराचार के दो मामले दर्ज करा रखे हैं। कुछ दिन पहले ही पानीपत में ऐसे ही एक गैंग का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने गुप्त शिकायत के बाद पहले गैंग से पूछताछ के बाद दूसरे गैंग का भंडाफोड़ किया।
पुलिस ने इनमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और दो फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने इनसे पूछताछ के दौरान अन्य मामलों से भी पर्दा उठने की संभावना जताई है।
पुलिस अधिकारियों को गुप्त शिकायत मिली। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि चार-पांच माह पहले एक महिला से उसकी सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती बढ़ गई। उक्त महिला ने उसको पानीपत में बुला लिया और बंधक बना लिया और उसने अपने साथियों के साथ इज्जत के वास्ता देकर नौ लाख रुपये की ठगी कर ली।
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पुलिस ने शिकायत के आधार पर पहले गैंग से पूछताछ की तो उसके सरगना नरेश ने भी इस तरह की वारदात की जानकारी होने की बात कबूली। उसकी शिनाख्त में खुखराना निवासी पाले (पाला), कमला, बीरमती, पूनम, ज्योति और सुनीता का हाथ बताया।
उसने बताया कि इस वारदात में वह भी उनके साथ था। ये सब महिलाएं पानीपत के कृष्णपुरा और आजाद नगर की रहने वाली हैं। पुलिस ने सरगना नरेश, कमला, बीरमती, पूनम और ज्योति को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दूसरे गैंग के फरार पाले और सुनीता की धरपकड़ तेज कर दी है।
दो शहरों में करा रखे हैं केस दर्ज
सोशल मीडिया के सहारे लोगों को ठगने वाले गिरोह ने मन वांछित रकम नहीं मिलने पर दो शहरों के थानों में दुराचार के मामले दर्ज करा रखे हैं। कई माह पहले थाना चांदनी बाग और रोहतक के थाना सदर में महिलाओं ने दुराचार की शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन उक्त शिकायतकर्ताओं ने बाद में दो से तीन लाख रुपये लेकर समझौता कर लिया। दोनों थानों से अब शिकायत वापस ले ली।
पुलिसकर्मियों के भी शामिल होने का शक
पुलिस अधिकारियों को इस गैंग के साथ पुलिसकर्मियों के शामिल होने का शक है। इसके चलते वरिष्ठ अधिकारी इस जांच में एहतियात बरत रहे हैं। डीएसपी जितेंद्र गहलावत ने बताया कि इस तरह के गैंग के साथ पहले भी कई पुलिसकर्मी पकड़े जा चुके हैं। वे भी इनका सहारा लेकर लोगों को ठगने की कोशिश करते थे। इस मामले में भी किसी पुलिसकर्मी का हाथ हो सकता है। ऐसा हुआ तो आरोपी पुलिसकर्मी को बेनकाब कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस गैंग में शामिल महिलाओं ने पानीपत और रोहतक में दुराचार के दो मामले दर्ज करा रखे हैं। कुछ दिन पहले ही पानीपत में ऐसे ही एक गैंग का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस ने गुप्त शिकायत के बाद पहले गैंग से पूछताछ के बाद दूसरे गैंग का भंडाफोड़ किया।
पुलिस ने इनमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और दो फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने इनसे पूछताछ के दौरान अन्य मामलों से भी पर्दा उठने की संभावना जताई है।
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पुलिस अधिकारियों को गुप्त शिकायत मिली। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि चार-पांच माह पहले एक महिला से उसकी सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती बढ़ गई। उक्त महिला ने उसको पानीपत में बुला लिया और बंधक बना लिया और उसने अपने साथियों के साथ इज्जत के वास्ता देकर नौ लाख रुपये की ठगी कर ली।
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पुलिस ने शिकायत के आधार पर पहले गैंग से पूछताछ की तो उसके सरगना नरेश ने भी इस तरह की वारदात की जानकारी होने की बात कबूली। उसकी शिनाख्त में खुखराना निवासी पाले (पाला), कमला, बीरमती, पूनम, ज्योति और सुनीता का हाथ बताया।
उसने बताया कि इस वारदात में वह भी उनके साथ था। ये सब महिलाएं पानीपत के कृष्णपुरा और आजाद नगर की रहने वाली हैं। पुलिस ने सरगना नरेश, कमला, बीरमती, पूनम और ज्योति को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दूसरे गैंग के फरार पाले और सुनीता की धरपकड़ तेज कर दी है।
दो शहरों में करा रखे हैं केस दर्ज
सोशल मीडिया के सहारे लोगों को ठगने वाले गिरोह ने मन वांछित रकम नहीं मिलने पर दो शहरों के थानों में दुराचार के मामले दर्ज करा रखे हैं। कई माह पहले थाना चांदनी बाग और रोहतक के थाना सदर में महिलाओं ने दुराचार की शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन उक्त शिकायतकर्ताओं ने बाद में दो से तीन लाख रुपये लेकर समझौता कर लिया। दोनों थानों से अब शिकायत वापस ले ली।
पुलिसकर्मियों के भी शामिल होने का शक
पुलिस अधिकारियों को इस गैंग के साथ पुलिसकर्मियों के शामिल होने का शक है। इसके चलते वरिष्ठ अधिकारी इस जांच में एहतियात बरत रहे हैं। डीएसपी जितेंद्र गहलावत ने बताया कि इस तरह के गैंग के साथ पहले भी कई पुलिसकर्मी पकड़े जा चुके हैं। वे भी इनका सहारा लेकर लोगों को ठगने की कोशिश करते थे। इस मामले में भी किसी पुलिसकर्मी का हाथ हो सकता है। ऐसा हुआ तो आरोपी पुलिसकर्मी को बेनकाब कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।