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इकतीस सरपंचों के इस्तीफे, 170 का समर्थन

Fri, 10 Jan 2014 12:24 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Fri, 10 Jan 2014 12:24 AM IST
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Thirty presidents resignation, 170 support
पानीपत। गांव हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी उर्फ टाटू की हत्या के मामले में समालखा खंड के 31 सरपंचों ने विरोधस्वरूप सामूहिक रूप से डीसी को इस्तीफे सौंप दिए और 170 और सरपंच उनके समर्थन में उतर आए हैं।
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ग्रामीणों ने भी लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। डीसी ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं डीएसपी मुख्यालय ने ग्रामीणों से दो दिन का समय मांगा है।
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ग्रामीणों ने डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की।

समालखा खंड के दर्जनों सरपंचों की अगुवाई में सैकड़ों लोग वीरवार को लघु सचिवालय पर पहुंचे और काले झंडे ओर काली पट्टी बांधकर सामान्य गेट पर जम गए और कई घंटे तक पुलिस विरोधी नारेबाजी की।
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ग्रामीणों ने पुलिस पर सरपंच नीरज त्यागी की हत्या के आरोपियों को शह देने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि पुलिस अधिकारी आरोपियों को जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रहे।

इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और आरोपी किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। डीएसपी मुख्यालय राजबीर हुड्डा ने ग्रामीणों के बीच आकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाना चाहा।

लेकिन ग्रामीणों ने उनको घेर लिया। इस कारण डीएसपी को बैरंग लौटना पड़ा।

समालखा हलके के 31 सरपंचों ने डीसी समीर पाल सरो को अपने सामूहिक इस्तीफे कांफ्रेंस हाल में सौंपे। उपायुक्त ने यहां पर सरपंचों को उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

देहरा गांव के सरपंच सुखपाल ने कहा कि वे सरकार और प्रशासन की हर योजना को लागू करने का प्रयास करते हैं। इस दौरान गांव के कुछ लोग उनसे द्वेष रखने लग जाते हैं। इसी रंजिश के चलते हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी की हत्या हुई है।

वे प्रशासन से सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। प्रशासन ऐसा नहीं कर सकता तो वे इस माहौल में काम नहीं कर सकते और इस्तीफे देने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि वे शिकायत देते हैं तो पुलिस उनको अनदेखा कर देती है और सामने वाला द्वेष भावना से शिकायत कर दे तो उनको चोर समझा जाता है।

इस मौके पर गांव शहरमालपुर सरपंच सुनीता, करहंस सरपंच यशपाल सहरावत, सुखपाल देहरा, बलराज तुशामड़ मच्छरौली, रमेश नामुंडा, नरेंद्र सरपंच पावटी, अजय सरपंच मनाना, श्याम सुंदर जौरासी, बलबीर डिकाडला, रामसिंह और इंद्र सिंह कारकौली मौजूद रहे।

सरपंच नीरज त्यागी की हत्या के मामले में जिले के 170 और सरपंच पक्ष में उतर गए हैं और समालखा खंड के सरपंचों को अपना समर्थन दे दिया है। इसके बाद यह मामला प्रशासन के गले की फांस बन गया है।

पानीपत खंड की सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र रिसालू ने कहा कि सरपंच नीरज त्यागी की हत्या बड़ा मामला है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। यह चिंता का विषय है। प्रशासन को सरपंचों की सुरक्षा के कदम उठाने चाहिए।

इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुए तो 170 गांवों की पंचायत भी इस्तीफे दे देगी।

ग्रामीणाें के साथ आए गांधी आदर्श कॉलेज के पूर्व प्राचार्य शिव कुमार त्यागी ने डीसी से कहा कि हथवाला के सरपंच नीरज त्यागी नहीं, बल्कि जनतंत्र की हत्या है।

इस बार ग्राम पंचायत चुनाव में युवा वर्ग सामने आए और अच्छे वोटों से विजयी रहे। हथवाला गांव में रिकार्ड तोड़ 85 प्रतिशत मतदान था। यह वर्ग गांवों में अच्छा काम कर रहा है, लेकिन कुछ लोगों को उनका काम पसंद नहीं आ रहा।

ये लोग ग्राम विकास में लगातार बाधा डाल रहे हैं।

शिव कुमार त्यागी ने आरोप लगाया कि नीरज त्यागी टाटू की हत्या का मास्टर माइंड पूर्व मंत्री है। उसके मॉडल टाउन स्थित आवास पर हत्या की साजिश रची गई। ये लोग दो माह से नीरज त्यागी की रेकी कर रहे थे।

इतने बड़े कांड के बाद भी पूर्व मंत्री जनसंपर्क अभियान चला रहा है। वे विधायक बनने के सपने देख रहे हैं और हलके के लोग उसको विधायक नहीं सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं।

श्रीभगवान त्यागी ने बताया कि उनके छोटे भाई नीरज त्यागी की हत्या का एक बड़ा कारण पूर्व मंत्री के भाई का गांव में करोड़ों की जमीन पर कब्जा है। गांव में इस जमीन पर सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं और ये लोग कोर्ट में केस हार चुके हैं।

नीरज को भी अपनी हत्या का अंदेशा लग गया था और वह बार-बार इस बात को दोहराता था। उसने लाइसेंसी हथियार के लिए आवेदन करना चाहा। लेकिन वह भी नहीं मिल सका। आरोपियों ने नीरज त्यागी की हत्या को हादसा करार देने का प्रयास किया। लेकिन वे अपनी योजना में सफल नहीं हो सके।

उपायुक्त समीर पाल सरो सरपंचों से मिलने के बाद लोगों के बीच में आए। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और एसपी का तबादला हो गया है। नए एसपी जल्द ही अपना कार्यभार संभाल लेंगे।

वे एसपी के कार्यभार संभालने पर सबसे पहले इस मामले पर ही जिक्र करेंगे।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की और डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीण और सरपंचों ने मांग की कि इस मामले में मालदेव त्यागी, सोमदत्त त्यागी, दीपक त्यागी, प्रदीप त्यागी, नीरज, ललित, मुकेश और शशि को गिरफ्तार करें। वे इन सबकी आईपीसी की धारा 302 में गिरफ्तारी चाहते हैं।


पुलिस ऐसा नहीं करती है तो वे संघर्ष करने को तैयार हैं।

ऐसे चला घटनाक्रम
11:45 बजे सरपंच व ग्रामीण लघु सचिवालय पर पहुंचे।
12:38 बजे डीएसपी मुख्यालय लोगों के बीच पहुंचे।
1:00 बजे डीएसपी राजबीर हुड्डा बैरंग लौटे।
1:05 बजे सरपंच और ग्रामीण डीसी के पास पहुंचे।
1:15 बजे डीसी कांफ्रेंस हाल में सरपंच और ग्रामीण पहुंचे।
2:00 बजे डीसी कांफ्रेंस हाल से लोगों के बीच पहुंचे।
2:15 बजेे तक डीसी ने लोगों समझाया।
2:30 बजे सभी लोग अपने अपने घरों को बैरंग लौटे।

वर्जन
पुलिस हथवाला सरपंच की हत्या मामले में गंभीरता के साथ जांच कर रही है और कई आरोपियों को काबू भी किया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राजबीर हुड्डा, डीएसपी मुख्यालय पानीपत

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