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Panipat News: प्रॉपर्टी आईडी में फर्जीवाड़े के तार निगम के साथ तहसील से भी जुड़े
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पानीपत। प्रॉपर्टी आईडी में फर्जीवाड़े के तार निगम के साथ तहसील से भी जुड़े हैं। निगम के कर्मचारी प्रॉपर्टी आईडी में मनमर्जी से गलतियों में सुधार करने के साथ नए सिर से प्रॉपर्टी आईडी भी बना देते थे। कई जगह तो अवैध कॉलोनी के प्लॉट को वैध क्षेत्र में दिखा प्रॉपर्टी आईडी बना देते थे।
वे रजिस्ट्री होने के बाद इसको पोर्टल से हटा देते थे। ऐसे में नगर निगम के साथ राजस्व विभाग को भी चूना लगाया जा रहा था। शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल पानीपत में प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी को स्वीकार कर चुके हैं।
नगर निगम ने करीब 1.70 लाख प्रॉपर्टी आईडी याशी कंपनी के 2018 से 23 तक किए सर्वे में सामने आई थी। इनमें करीब 70 हजार गलतियां मिली थीं। ऐसे में इनको ठीक किया जा रहा था।
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सरकार ने शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले प्रॉपर्टी आईडी मान्य कर दी। ऐसे में अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्री बंद हो गई। दलालों ने नगर निगम से लेकर तहसील तक के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ संपर्क कर रास्ता निकाला। इसके बाद नगर निगम व तहसील में अवैध प्लॉटों की रजिस्ट्री का खेल शुरू हो गया। एक जानकार ने बताया कि यह खेल तीन साल से चल रहा है। ऐसे करीब 400 प्लॉट में हेराफेरी की गई है।
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वे रजिस्ट्री होने के बाद इसको पोर्टल से हटा देते थे। ऐसे में नगर निगम के साथ राजस्व विभाग को भी चूना लगाया जा रहा था। शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल पानीपत में प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी को स्वीकार कर चुके हैं।
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नगर निगम ने करीब 1.70 लाख प्रॉपर्टी आईडी याशी कंपनी के 2018 से 23 तक किए सर्वे में सामने आई थी। इनमें करीब 70 हजार गलतियां मिली थीं। ऐसे में इनको ठीक किया जा रहा था।
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सरकार ने शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले प्रॉपर्टी आईडी मान्य कर दी। ऐसे में अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्री बंद हो गई। दलालों ने नगर निगम से लेकर तहसील तक के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ संपर्क कर रास्ता निकाला। इसके बाद नगर निगम व तहसील में अवैध प्लॉटों की रजिस्ट्री का खेल शुरू हो गया। एक जानकार ने बताया कि यह खेल तीन साल से चल रहा है। ऐसे करीब 400 प्लॉट में हेराफेरी की गई है।