फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   The rate of the land is not even fixed and neither is the land for the exhibition

Panipat News: जिले में इंडस्ट्री जमीन का रेट तक फिक्स नहीं और न प्रदर्शनी तक के लिए जमीन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Nov 2022 09:00 AM IST
विज्ञापन
The rate of the land is not even fixed and neither is the land for the exhibition
शहर के उद्योगपतियों ने एक बार फिर से अपनी समस्याओं को सांसद और विधायक के सामने रखा। जिनके एक बार फिर से उन्हें आश्वासन ही मिले। शनिवार को हरियाणा चेंबर्स ऑफ कामर्स की एक बैठक होटल गोल्ड में आयोजित की गई। जिसमें उद्योगपतियों ने कहा कि जिले में इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन का एक रेट तक फिक्स नहीं है। कहीं लाखों रुपये गज जमीन है तो कहीं हजारों में ही सिमटी है। पानीपत इंडस्ट्रीज हब है, बाजवूद इसके यहां पर कोई भी प्रदर्शनी के लिए जगह तक नहीं है। जबकि अगर टैक्स वसूलने की बात हो तो यहां के उद्योगपतियों से ज्यादा से ज्यादा टैक्स भरवाया जाता है। कभी निगम, कभी एचएसआईडीसी तो कभी एचएसवीपी।
विज्ञापन

उद्योगिक नगरी से टैक्स वसूलने के बाद भी यहां के उद्योग और उद्योगपतियों के सामने सैकड़ों परेशानियां हैं। जिनका आला अफसरों, नेताओं और मंत्रियों से मिलकर भी समाधान नहीं हो सका है। आज भी उद्योगपितयों को अपने का करवाने के लिए तीन तीन कार्यालयों में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। चेयरमैन विनोद खंडेलवाल यहां के उद्योगपति लाखों खर्च करके विदेश जाते हैं, लेकिन यहां पर कोई प्रदर्शनी नहीं लग पाती क्योंकि प्रदेश का सबसे बड़ा हब होने के बाद भी यहां जमीन नहीं है। उद्योगपतियों को वेस्ट कपड़े का रिसाइल प्रोडेक्ट विदेश भेजने पर सब्सिडी तक नहीं मिलती, जबकि दूसरों को मिलती है। एमएसएमई की भी कोई सुविधा नहीं है।
विज्ञापन

सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा कि वैसे तो प्रदेश में नारा है कि हरियाणा एक हरियाणवी एक, लेकिन सिर्फ पानीपत वालों से भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उनको एनसीआर में क्यों डाला गया है। शहरी विधायक प्रमोद विज ने भी माना कि उद्योगपतियों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए 67 जगह पर अनुमति लेने के लिए जाना पड़ता है। पानीपत के उद्योगपतियों को दो दो अलग अलग बिजली के बिल मिलते हैं। काफी ज्यादा सिक्योरिटी जमा करवाई जाती है। हरियाणा चेंबर्स ऑफ कामर्स में पानीपत के उद्योगपतियों की संख्या 358 है जबकि बाकी जगह सिर्फ 150 तक हैं। ये चेंबर सबसे बड़ा है, बावजूद सुविधाओं की कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाइस चेयरमैन मोहन लाल ने कहा कि गांव कुुराड़ का फ्री जोन खत्म कर दिया। सनौली बैकवर्ड जोन था तो खत्म कर दिया और बापौली को नहीं किया। बापौली को लो जोन में करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जब पता था कि वे वहां इंडस्ट्री लगा रहे हैं फिर ऐसा क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि ओल्ड इंडिस्ट्रियल एरिया को 1950 में नीलामी के प्लाटों पर दिया गया था, लेकिन यहां कोई पॉलिसी नहीं बनाई गई। न तो यहां बिजली है और न पानी है। नहरी पानी में भी मिट्टी आती है। यहां की जमीनों की रजिस्टरी तक नहीं होती। जिसकी वजह से यहां लोन रेट तक कम हैं। इस दौरान उद्योगपतियों ने कहा कि वे एचएसआईडीसी, एचएसवीपी और नगर निगम में उद्योगपति तीन जगह कैसे पैसे भरें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed