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स्कूल से बच्चों को जाना था घर, पहुंच गए कही ओर
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 20 Sep 2013 11:51 PM IST
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पानीपत के मतलौडा में इसराना-अहर सड़क पर शुक्रवार को एक निजी स्कूल की बस सीमेंट के कैंटर से टकरा गई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई और 20 बच्चे घायल हो गए। घायल बच्चों में पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। बस में 55 बच्चे सवार थे।
बच्चों की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अभिभावक दौड़ पड़े। कुछ बच्चों को पानीपत के निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। हादसे के बाद मौके व अस्पताल पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और मामले की उचित जांच करने का भरोसा दिलाया।
आर्यन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस स्कूल की छुट्टी के बाद विद्यार्थियों को छोड़ने जा रही थी। बस को बुसाना, सोनीपत निवासी चालक कृष्ण चला रहा था। बस में परढ़ाना, खलीला और ज्वारा गांव के बच्चे सवार थे और बस में अध्यापक चंद्र सिंह वासी ज्वारा भी था।
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अहर गांव स्थित पावर हाउस के पास सीमेंट के कैंटर को जैसे ही बस क्रॉस करने लगी तो बस का चालक नियंत्रण खो बैठा। बस ट्राले के बीच में टकरा गई और सड़क किनारे गड्ढों में उतर गई। चालक कृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 20 बच्चे घायल हो गए।
अधिकतर बच्चे ज्वाहरा गांव के
बस और सीमेंट के कैंटर की टक्कर में घायल बच्चों को कई अस्पतालों में दाखिल कराया। बताया जा रहा है कि इनमें से चार बच्चों को पानीपत के सरदाना, चार को प्रेम अस्पताल व बाकी बच्चों को एनसी कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रेम अस्पताल में दीक्षा पुत्री सतबीर छठी कक्षा निवासी गोहाना, नेहा पुत्री राजेश कक्षा तीसरी, अंकित पुत्र राकेश कक्षा पहली, साहिल पुत्र मुकेश कक्षा तीसरी दाखिल कराए गए। सरदना में शुभम पुत्र किशन सातवीं कक्षा, प्राची पुत्री पवन चौथी कक्षा, आंचल पुत्र रमेश तीसरी कक्षा, नितिन पुत्र मुकेश पहली कक्षा केा दाखिल कराया। घायलों में अधिकतर बच्चे ज्वाहरा गांव के रहने वाले थे।
बस को तोड़कर निकाला बाहर
स्कूल बस व ट्राले की टक्कर इतनी जबरदस्त रही कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बस के अगले हिस्से को तोड़कर बाहर निकाला।
वाहनों के टकराने की आवाज सुनते ही पावर हाउस में तैनात कर्मचारी पवन निवासी अटावला मौके पर पहुंचे और राहगीरों की मदद से घायल बच्चों को बाहर निकाला।
एक घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस
स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना के बाद एंबुलेंस एक घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची। इससे पहले पहुंचे ग्रामीणों ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना राहगीरों के निजी वाहनों में लेकर अस्पताल पहुंच गए। जबकि वहां से सीएचसी अहर मात्र आधा किलो मीटर की दूरी पर है। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले सभी घायल बच्चों को अस्पताल भेज दिया गया था।
परिजन नहीं संभाल पाए संतुलन
स्कूल बस के दुर्घनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही परिजन दौड़ पड़े। इसी बीच ज्वाहरा निवासी सुरेंद्र कुमार मोटरसाइकिल से फिसलकर गिर गया। उसके बस में तीन बच्चे सवार थे।
प्रबंधक व प्रिंसिपल दो घंटे लेट पहुंचे
निजी स्कूल संचालक की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। वे हादसे के दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जबकि हादसा स्कूल से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर हुआ था। प्रबंधक व प्रिंसिपल बचाव कार्य में सहयोग करने की बजाय गाड़ी में बैठे स्थिति को जानने लगे रहे। मीडिया कर्मियों को उनके होने का पता चला और उनसे जानने लगे तो उन्होंने खुद को राहगीर बताया।
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बच्चों की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अभिभावक दौड़ पड़े। कुछ बच्चों को पानीपत के निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। हादसे के बाद मौके व अस्पताल पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और मामले की उचित जांच करने का भरोसा दिलाया।
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आर्यन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस स्कूल की छुट्टी के बाद विद्यार्थियों को छोड़ने जा रही थी। बस को बुसाना, सोनीपत निवासी चालक कृष्ण चला रहा था। बस में परढ़ाना, खलीला और ज्वारा गांव के बच्चे सवार थे और बस में अध्यापक चंद्र सिंह वासी ज्वारा भी था।
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अहर गांव स्थित पावर हाउस के पास सीमेंट के कैंटर को जैसे ही बस क्रॉस करने लगी तो बस का चालक नियंत्रण खो बैठा। बस ट्राले के बीच में टकरा गई और सड़क किनारे गड्ढों में उतर गई। चालक कृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 20 बच्चे घायल हो गए।
अधिकतर बच्चे ज्वाहरा गांव के
बस और सीमेंट के कैंटर की टक्कर में घायल बच्चों को कई अस्पतालों में दाखिल कराया। बताया जा रहा है कि इनमें से चार बच्चों को पानीपत के सरदाना, चार को प्रेम अस्पताल व बाकी बच्चों को एनसी कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रेम अस्पताल में दीक्षा पुत्री सतबीर छठी कक्षा निवासी गोहाना, नेहा पुत्री राजेश कक्षा तीसरी, अंकित पुत्र राकेश कक्षा पहली, साहिल पुत्र मुकेश कक्षा तीसरी दाखिल कराए गए। सरदना में शुभम पुत्र किशन सातवीं कक्षा, प्राची पुत्री पवन चौथी कक्षा, आंचल पुत्र रमेश तीसरी कक्षा, नितिन पुत्र मुकेश पहली कक्षा केा दाखिल कराया। घायलों में अधिकतर बच्चे ज्वाहरा गांव के रहने वाले थे।
बस को तोड़कर निकाला बाहर
स्कूल बस व ट्राले की टक्कर इतनी जबरदस्त रही कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बस के अगले हिस्से को तोड़कर बाहर निकाला।
वाहनों के टकराने की आवाज सुनते ही पावर हाउस में तैनात कर्मचारी पवन निवासी अटावला मौके पर पहुंचे और राहगीरों की मदद से घायल बच्चों को बाहर निकाला।
एक घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस
स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना के बाद एंबुलेंस एक घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची। इससे पहले पहुंचे ग्रामीणों ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना राहगीरों के निजी वाहनों में लेकर अस्पताल पहुंच गए। जबकि वहां से सीएचसी अहर मात्र आधा किलो मीटर की दूरी पर है। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले सभी घायल बच्चों को अस्पताल भेज दिया गया था।
परिजन नहीं संभाल पाए संतुलन
स्कूल बस के दुर्घनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही परिजन दौड़ पड़े। इसी बीच ज्वाहरा निवासी सुरेंद्र कुमार मोटरसाइकिल से फिसलकर गिर गया। उसके बस में तीन बच्चे सवार थे।
प्रबंधक व प्रिंसिपल दो घंटे लेट पहुंचे
निजी स्कूल संचालक की स्थिति सबसे चिंताजनक रही। वे हादसे के दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जबकि हादसा स्कूल से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर हुआ था। प्रबंधक व प्रिंसिपल बचाव कार्य में सहयोग करने की बजाय गाड़ी में बैठे स्थिति को जानने लगे रहे। मीडिया कर्मियों को उनके होने का पता चला और उनसे जानने लगे तो उन्होंने खुद को राहगीर बताया।