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निकाय विभाग ने नहीं लगाई विकास पर रोक
अमर उजाला/ब्यूरो, पानीपत
Updated Thu, 31 Jul 2014 11:54 PM IST
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पानीपत। नगर निगम द्वारा बाहरी कॉलोनियों में विकास कार्य बंद कराने के मामले में नया मोड़ आ गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने इस तरह की किसी प्रकार की रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
निदेशक के मामला साफ करने के बाद विपक्ष ने मेयर और शहरी विधायक पर हमला शुरू हो गया है। विपक्ष ने शहर विधायक और मेयर पर बाहरी कॉलोनियों में दबाव बनाने के लिए अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
नगर निगम के 10 पार्षद वीरवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता से मिले और शाम को स्काईलार्क रिसोर्ट में पत्रकार वार्ता में निदेशक के साथ हुई बातों को पत्रकारों के बीच सांझा किया। करनाल सांसद अश्विनी चोपड़ा ने निदेशक बातचीत कर मीटिंग कराई थी।
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भाजपा के वार्ड-24 पार्षद दुष्यंत भट्ट की अगुवाई में पार्षदों ने विकास कार्यों के बारे में निदेशक से बात की। दुष्यंत भट्ट ने बताया कि सभी 10 पार्षदों ने वीरवार को निदेशक से मिलकर बाहरी कॉलोनियों के विकास कार्यों पर रोक लगाने की बात रखी।
उन्होंने बताया कि इससे वहां के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी और नगर निगम में शामिल होने के बाद भी कोई फायदा नहीं मिल सकेगा। निदेशक विकास गुप्ता ने पानीपत की बाहरी कॉलोनियों में किसी तरह के विकास कार्यों पर रोक न लगाने की बात कही।
उनकी बात सुनकर सब पार्षद हैरान रह गए। निदेशक ने बताया कि निदेशालय कार्यालय से पानीपत नगर निगम को इस तरह का कोई पत्र नहीं भेजा गया है। ग्राम पंचायत के अंतर्गत पहले से बनने वाले सरकारी रास्ते पर किसी तरह की रोक नहीं लग सकती है और गलत भी है।
इस तरह के विकास कार्य पंचायत में हो रहे थे तो निगम में बंद नहीं होने चाहिए। नगर निगम कमिश्नर ने कुछ कार्यों को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। उनका जल्द ही जवाब दे दिया जाएगा। निदेशक ने भी नगर निगम स्तर पर भी राजनीति हावी होने की बात इशारों में कही। दुष्यंत भट्ट ने पत्रकार वार्ता में शहर विधायक बलबीर पाल शाह और मेयर भूपेंद्र सिंह पर विकास कार्यों पर रोक लगाने की अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि विधायक व मेयर बाहरी कालोनियों के पार्षदों को दबाने की नीयत से इस तरह की बातों को लोगों के सामने ला रहे हैं। वे चाहते हैं कि बाहरी कालोनियों के पार्षद उनके दबाव में रहें और उनके दबाव में रहकर अपने काम करवाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के कुछ अधिकारी व कर्मी भी इनके प्रभाव में काम कर रहे हैं।
वे नगर निगम की कमिश्नर को भी गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी कालोनियों में विकास के जनवरी माह में में टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं किया जा सका है। वे इसको लेकर खुलकर लड़ाई लड़ेंगे। निदेशक से मिलने वालों में पार्षद दुष्यंत भट्ट, सुरेश वर्मा, लोकेश नागरु, संजीव दहिया, सतीश सैनी, हरीश शर्मा, मदन मजोका, संजीव, रामरत्न अग्रवाल और पार्षद अशोक नारंग मौजूद रहे।
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निदेशक के मामला साफ करने के बाद विपक्ष ने मेयर और शहरी विधायक पर हमला शुरू हो गया है। विपक्ष ने शहर विधायक और मेयर पर बाहरी कॉलोनियों में दबाव बनाने के लिए अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
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नगर निगम के 10 पार्षद वीरवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता से मिले और शाम को स्काईलार्क रिसोर्ट में पत्रकार वार्ता में निदेशक के साथ हुई बातों को पत्रकारों के बीच सांझा किया। करनाल सांसद अश्विनी चोपड़ा ने निदेशक बातचीत कर मीटिंग कराई थी।
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भाजपा के वार्ड-24 पार्षद दुष्यंत भट्ट की अगुवाई में पार्षदों ने विकास कार्यों के बारे में निदेशक से बात की। दुष्यंत भट्ट ने बताया कि सभी 10 पार्षदों ने वीरवार को निदेशक से मिलकर बाहरी कॉलोनियों के विकास कार्यों पर रोक लगाने की बात रखी।
उन्होंने बताया कि इससे वहां के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी और नगर निगम में शामिल होने के बाद भी कोई फायदा नहीं मिल सकेगा। निदेशक विकास गुप्ता ने पानीपत की बाहरी कॉलोनियों में किसी तरह के विकास कार्यों पर रोक न लगाने की बात कही।
उनकी बात सुनकर सब पार्षद हैरान रह गए। निदेशक ने बताया कि निदेशालय कार्यालय से पानीपत नगर निगम को इस तरह का कोई पत्र नहीं भेजा गया है। ग्राम पंचायत के अंतर्गत पहले से बनने वाले सरकारी रास्ते पर किसी तरह की रोक नहीं लग सकती है और गलत भी है।
इस तरह के विकास कार्य पंचायत में हो रहे थे तो निगम में बंद नहीं होने चाहिए। नगर निगम कमिश्नर ने कुछ कार्यों को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। उनका जल्द ही जवाब दे दिया जाएगा। निदेशक ने भी नगर निगम स्तर पर भी राजनीति हावी होने की बात इशारों में कही। दुष्यंत भट्ट ने पत्रकार वार्ता में शहर विधायक बलबीर पाल शाह और मेयर भूपेंद्र सिंह पर विकास कार्यों पर रोक लगाने की अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि विधायक व मेयर बाहरी कालोनियों के पार्षदों को दबाने की नीयत से इस तरह की बातों को लोगों के सामने ला रहे हैं। वे चाहते हैं कि बाहरी कालोनियों के पार्षद उनके दबाव में रहें और उनके दबाव में रहकर अपने काम करवाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के कुछ अधिकारी व कर्मी भी इनके प्रभाव में काम कर रहे हैं।
वे नगर निगम की कमिश्नर को भी गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी कालोनियों में विकास के जनवरी माह में में टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं किया जा सका है। वे इसको लेकर खुलकर लड़ाई लड़ेंगे। निदेशक से मिलने वालों में पार्षद दुष्यंत भट्ट, सुरेश वर्मा, लोकेश नागरु, संजीव दहिया, सतीश सैनी, हरीश शर्मा, मदन मजोका, संजीव, रामरत्न अग्रवाल और पार्षद अशोक नारंग मौजूद रहे।