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केंद्रीय टीम ने धरातल पर परखा अमरूत प्रोजेक्ट
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पानीपत। वार्ड नंबर एक में रात के समय मौके का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय लोगों से सवाल जवाब करते ?
- फोटो : Panipat
पानीपत। अमरूत प्रोजेक्ट के तहत विकास कार्यों को पूरा करने में हो रही देरी पर केंद्र सरकार की टीम ने दो दिन तक जिले में जांच की। आवासीय एवं शहरी मंत्रालय की टीम ने कई वार्डों की कॉलोनियों में चल रहे काम का बारीकी से निरीक्षण किया। निर्माण सामग्री की जांच की, इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। कई सैंपल को मानकों पर परखने के लिए तोड़कर भी देखा। इसके साथ ही लोगों से सवाल भी किए।
नगर निगम के ग्रामीण वार्डों के अंतर्गत आने वाली 78 कॉलोनियों में अमरूत योजना के तहत 439 करोड़ रुपये से सीवर और पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी की जांच की गई। केंद्रीय टीम ने निगम से प्रोजेक्ट में देरी की वजह भी पूछी, जिस पर अधिकारियों ने कई बार कॉलोनियों के बढ़ने से टेंडर प्रक्रिया का हवाला दिया। इसके साथ ही बताया कि 31 मार्च 2023 तक प्रोजेक्ट पूरा होगा। अब तक पेयजल लाइन 55 और सीवरेज लाइन 60 प्रतिशत बिछाई जा चुकी है। अब टीम मंत्रालय को प्रोजेक्ट की रिपोर्ट सौंपेगी।
केंद्रीय कमेटी की टीम ने वार्ड-1 के 33 फीट रोड, वार्ड-5 की बिल्लू कॉलोनी, विद्यानंद कॉलोनी, वार्ड-16 के विकास नगर और वार्ड-13 की एकता विहार कॉलोनी का दौरा किया। अमरूत प्रोजेक्ट के ठेकेदारों समेत पार्षदों से भी बात की गई। टीम में आवासीय एवं शहरी मंत्रालय की ओर से एचएसी प्रकाश, अमित गोयल और विवेक मेहता शामिल रहे। निगम टीम में एसई रमेश कुमार, एक्सईएन प्रदीप कल्याण, एमई गोयल और जेई अजय छोक्कर के साथ वेबकोस के पदाधिकारी रहे।
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पहले थीं 29 कॉलोनियां, फिर 49 और शामिल की गईं
निगम अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को बताया कि वर्ष 2018 में ग्रामीण वार्डों की नियमित हुई 29 कॉलोनियों में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। फिर 49 कॉलोनियों को शामिल किया गया। पहले प्रोजेक्ट 328 करोड़ रुपये का था, जो 111 करोड़ बढ़कर 439 करोड़ हो गया। प्रोजेक्ट के तहत 328 किलोमीटर पेयजल लाइन और 328 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जानी है।
टीम को करवाया दौरा, सही मिला काम
केंद्रीय कमेटी अमरूत प्रोजेक्ट के काम का निरीक्षण करने पहुंची थी। दो दिन तक उनको प्रोजेक्ट की साइट्स का दौरा करवाया गया। इसमें टीम ने हर पहलू पर काम की जांच की। सभी जगहों पर काम संतोषजनक मिला। अब निगम की ओर से काम जल्द से जल्द पूरा करवाए जाने का प्रयास रहेगा। - प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।
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नगर निगम के ग्रामीण वार्डों के अंतर्गत आने वाली 78 कॉलोनियों में अमरूत योजना के तहत 439 करोड़ रुपये से सीवर और पाइपलाइन बिछाने का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी की जांच की गई। केंद्रीय टीम ने निगम से प्रोजेक्ट में देरी की वजह भी पूछी, जिस पर अधिकारियों ने कई बार कॉलोनियों के बढ़ने से टेंडर प्रक्रिया का हवाला दिया। इसके साथ ही बताया कि 31 मार्च 2023 तक प्रोजेक्ट पूरा होगा। अब तक पेयजल लाइन 55 और सीवरेज लाइन 60 प्रतिशत बिछाई जा चुकी है। अब टीम मंत्रालय को प्रोजेक्ट की रिपोर्ट सौंपेगी।
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केंद्रीय कमेटी की टीम ने वार्ड-1 के 33 फीट रोड, वार्ड-5 की बिल्लू कॉलोनी, विद्यानंद कॉलोनी, वार्ड-16 के विकास नगर और वार्ड-13 की एकता विहार कॉलोनी का दौरा किया। अमरूत प्रोजेक्ट के ठेकेदारों समेत पार्षदों से भी बात की गई। टीम में आवासीय एवं शहरी मंत्रालय की ओर से एचएसी प्रकाश, अमित गोयल और विवेक मेहता शामिल रहे। निगम टीम में एसई रमेश कुमार, एक्सईएन प्रदीप कल्याण, एमई गोयल और जेई अजय छोक्कर के साथ वेबकोस के पदाधिकारी रहे।
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पहले थीं 29 कॉलोनियां, फिर 49 और शामिल की गईं
निगम अधिकारियों ने केंद्रीय टीम को बताया कि वर्ष 2018 में ग्रामीण वार्डों की नियमित हुई 29 कॉलोनियों में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। फिर 49 कॉलोनियों को शामिल किया गया। पहले प्रोजेक्ट 328 करोड़ रुपये का था, जो 111 करोड़ बढ़कर 439 करोड़ हो गया। प्रोजेक्ट के तहत 328 किलोमीटर पेयजल लाइन और 328 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जानी है।
टीम को करवाया दौरा, सही मिला काम
केंद्रीय कमेटी अमरूत प्रोजेक्ट के काम का निरीक्षण करने पहुंची थी। दो दिन तक उनको प्रोजेक्ट की साइट्स का दौरा करवाया गया। इसमें टीम ने हर पहलू पर काम की जांच की। सभी जगहों पर काम संतोषजनक मिला। अब निगम की ओर से काम जल्द से जल्द पूरा करवाए जाने का प्रयास रहेगा। - प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।