{"_id":"69eabe03fde6d58176070104","slug":"the-bank-did-not-return-the-gold-and-the-court-ordered-its-confiscation-panipat-news-c-244-1-pnp1012-156003-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: बैंक ने नहीं लाैटाया सोना, अदालत ने दिया कुर्की का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: बैंक ने नहीं लाैटाया सोना, अदालत ने दिया कुर्की का आदेश
विज्ञापन
पानीपत। बैंक में गिरवी रखा सोना रिलीज न करने पर अदालत ने बैंक का सामान कुर्क करने के निर्देश दिए हैं।
एक महिला अधिवक्ता ने 2019 में बैंक में सोना गिरवी रखकर लोन लिया लेकिन अब बैंक सोना वापस नहीं कर रहा था। अदालत ने बैंक की कुर्सी, मेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, एटीएम मशीन व अन्य सामान कुर्क करने के निर्देश दिए। अधिवक्ता नीतू ने बताया कि उसने अगस्त 2019 को एक्सिस बैंक से नियमों और शर्तों के अनुसार 117 ग्राम साेना गिरवी रखकर 2,05,000 रुपये का लोन लिया था।
बैंक ने उसका ऋण खाता खाेला। ऋण की पूरी राशि जमा करने के बाद उसने दिसंबर 2020 को सोना रिलीज करने के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हाेंने बैंक के चल रहे बचत या ऋण खाते से ही नकदी जमा करने की शर्त रखी।
इसके साथ ही बैंक ने उनके गहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिसके बाद वह बैंक पहुंची ऋण राशि जमा कराने पर गहने वापस करने की मांग की। आरोप है कि बैंक ने सात लाख रुपये से अधिक का ब्याज बना दिया। बैंक ने अलग-अलग शर्तें रख दी। साथ ही सोना रिलीज करने से इन्कार कर दिया। जिस पर वह अदालत में पहुंची और 16 मई 2025 काे अदालत ने उनके पक्ष में फैसला कर दिया। अदालत ने 2,39,971 रुपये जमा कराकर गहने छोड़ने के आदेश दिए। लेकिन बैंक अपील में चला गया। अब अदालत ने 30 कुर्सियां, 15 मेज, 10 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप, एक एटीएम मशीन, छह एसी व अन्य उपकरण कुर्क करने के आदेश दिए हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
एक महिला अधिवक्ता ने 2019 में बैंक में सोना गिरवी रखकर लोन लिया लेकिन अब बैंक सोना वापस नहीं कर रहा था। अदालत ने बैंक की कुर्सी, मेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, एटीएम मशीन व अन्य सामान कुर्क करने के निर्देश दिए। अधिवक्ता नीतू ने बताया कि उसने अगस्त 2019 को एक्सिस बैंक से नियमों और शर्तों के अनुसार 117 ग्राम साेना गिरवी रखकर 2,05,000 रुपये का लोन लिया था।
बैंक ने उसका ऋण खाता खाेला। ऋण की पूरी राशि जमा करने के बाद उसने दिसंबर 2020 को सोना रिलीज करने के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हाेंने बैंक के चल रहे बचत या ऋण खाते से ही नकदी जमा करने की शर्त रखी।
विज्ञापन
इसके साथ ही बैंक ने उनके गहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिसके बाद वह बैंक पहुंची ऋण राशि जमा कराने पर गहने वापस करने की मांग की। आरोप है कि बैंक ने सात लाख रुपये से अधिक का ब्याज बना दिया। बैंक ने अलग-अलग शर्तें रख दी। साथ ही सोना रिलीज करने से इन्कार कर दिया। जिस पर वह अदालत में पहुंची और 16 मई 2025 काे अदालत ने उनके पक्ष में फैसला कर दिया। अदालत ने 2,39,971 रुपये जमा कराकर गहने छोड़ने के आदेश दिए। लेकिन बैंक अपील में चला गया। अब अदालत ने 30 कुर्सियां, 15 मेज, 10 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप, एक एटीएम मशीन, छह एसी व अन्य उपकरण कुर्क करने के आदेश दिए हैं। ब्यूरो
विज्ञापन