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सिविल अस्पताल में ताऊ को ठगा
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 29 Dec 2013 11:14 PM IST
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पानीपत में सिविल अस्पताल में एक ताऊ को बदमाश ने पत्नी के इलाज के नाम पर ठग लिया। ताऊ अस्पताल में अपनी पोती का हाल जानने आया था। दूसरे बुजुर्ग ने आपबीती सुनाने के लिए इसका खुलासा हुआ।
वहीं सिविल अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी ने ठगी को अपनी जिम्मेदारी लेने से हाथ खड़े कर दिए। कैथल के गांव बाता निवासी 70 वर्षीय चतर सिंह रविवार को सिविल अस्पताल में इंदिरा कॉलोनी में रहने वाली अपनी पोती अंजू का हालचाल जानने आया था।
अंजू यहां पर उपचाराधीन है। चतर सिंह ने बताया कि वह अस्पताल के प्रांगण में आ गया। इसी समय एक युवक आया और उसको बीड़ी पीने की बात कहने लगा। उसने बीड़ी पीने से मना कर दिया। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
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उसने भी खुद को बाता गांव का बताया और अपनी पत्नी की डिलीवरी कराने के लिए सिविल अस्पताल में आने की कही। उसने बताया कि उक्त युवक से उससे अपनी पत्नी के इलाज में पैसों की जरूरत होने की बात कही।
चतर सिंह ने अपने पास दो सौ रुपये होने की बात कही। वह दो सौ रुपये लेकर खुले कराने ले गया। वह काफी देर तक नहीं आया तो बुजुर्ग परेशान हो गया और लोगों को इस बारे में बताने लगा।
सिविल अस्पताल में पहुंचे पाढ़ा निवासी लक्ष्मण को भी युवक ने झांसे में लेने का प्रयास किया। इसका खुलासा चतर सिंह की ओर से लक्ष्मण को आपबीती बताने के दौरान हुआ।
लक्ष्मण ने बताया कि उक्त युवक ने बताया कि उसकी बहन भी पाढ़ा गांव में ब्याह रखी है और उसको अपनी पत्नी के इलाज के लिए कुछ पैसों की जरूरत है। लक्ष्मण ने बताया कि उसने पैसे देने से मना कर दिया। वह सिविल अस्पताल में खांसी की दवा लेने आया था।
ठगी का शिकार चतर सिंह ने अपनी पीड़ा अस्पताल के स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को बताई तो दोनों ने किसी भी जिम्मेदारी से इंकार कर दिया। जबकि सिविल अस्पताल में गत दिनों की एक एजेंसी को सुरक्षा और साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी है।
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वहीं सिविल अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी ने ठगी को अपनी जिम्मेदारी लेने से हाथ खड़े कर दिए। कैथल के गांव बाता निवासी 70 वर्षीय चतर सिंह रविवार को सिविल अस्पताल में इंदिरा कॉलोनी में रहने वाली अपनी पोती अंजू का हालचाल जानने आया था।
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अंजू यहां पर उपचाराधीन है। चतर सिंह ने बताया कि वह अस्पताल के प्रांगण में आ गया। इसी समय एक युवक आया और उसको बीड़ी पीने की बात कहने लगा। उसने बीड़ी पीने से मना कर दिया। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
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उसने भी खुद को बाता गांव का बताया और अपनी पत्नी की डिलीवरी कराने के लिए सिविल अस्पताल में आने की कही। उसने बताया कि उक्त युवक से उससे अपनी पत्नी के इलाज में पैसों की जरूरत होने की बात कही।
चतर सिंह ने अपने पास दो सौ रुपये होने की बात कही। वह दो सौ रुपये लेकर खुले कराने ले गया। वह काफी देर तक नहीं आया तो बुजुर्ग परेशान हो गया और लोगों को इस बारे में बताने लगा।
सिविल अस्पताल में पहुंचे पाढ़ा निवासी लक्ष्मण को भी युवक ने झांसे में लेने का प्रयास किया। इसका खुलासा चतर सिंह की ओर से लक्ष्मण को आपबीती बताने के दौरान हुआ।
लक्ष्मण ने बताया कि उक्त युवक ने बताया कि उसकी बहन भी पाढ़ा गांव में ब्याह रखी है और उसको अपनी पत्नी के इलाज के लिए कुछ पैसों की जरूरत है। लक्ष्मण ने बताया कि उसने पैसे देने से मना कर दिया। वह सिविल अस्पताल में खांसी की दवा लेने आया था।
ठगी का शिकार चतर सिंह ने अपनी पीड़ा अस्पताल के स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को बताई तो दोनों ने किसी भी जिम्मेदारी से इंकार कर दिया। जबकि सिविल अस्पताल में गत दिनों की एक एजेंसी को सुरक्षा और साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी है।