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दृढ़ संकल्पशक्ति से मिलती है सफलता : शिक्षा मंत्री
Sun, 08 Dec 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 08 Dec 2024 02:37 AM IST
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पानीपत। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि कुछ लोगों ने प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का स्टेट्स सिंबल बना लिया है। उन्हें लगता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करवाना उनके स्टेट्स सिंबल को नीचे गिरा देगा। जब नौकरी की बात आती है तो उन्हें सरकारी नौकरी चाहिए। इससे उनका स्टेट्स सिंबल ऊंचा हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे हर हालात में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें। इसलिए सरकार सरकारी स्कूलों में हर बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा कर विद्यार्थियों का कौशल बढ़ाने पर जोर दे रही है। ये विचार उन्होंने पानीपत के मडलौडा खंड में आयोजित मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रम के जागरूकता सेमिनार में व्यक्त किए। ये कार्यक्रम सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन में आयोजित किया गया था। उनके साथ पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार भी कार्यक्रम में पहुंचे। पहली बार खंड के किसी कार्यक्रम में प्रदेश के दो मंत्री शामिल रहे।
सेमिनार में आठवीं व 10वीं के टॉप-3 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल रहे। विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक विद्यालय से एक टीजीटी शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुआ। इससे पहले गत 23 नवंबर को समालखा और 25 नवंबर को इसराना में जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, आगामी 13 दिसंबर को पानीपत और 14 दिसंबर को बापौली में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज का छात्र कल का नहीं, आज का नागरिक है। उसे पता है कि आज के नागरिक के सामने क्या चुनौतियां हैं और उससे कैसे निपटा जाएं। उसके मां-बाप उसके लिए जो व्यवस्था कर रहे हैं, छात्रों का भी फर्ज बनता है कि वह अपने भविष्य को सुंदर बनाने के लिए अनुशासन में रहकर पढ़ाई करे। वे जीवन भर ऊंचे आदर्श स्थापित करने वालों की सूची में शामिल हों। यदि मन में दृढ़ संकल्पशक्ति हो तो सिद्धि अवश्य मिलती है।
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पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि बुनियाद और सुपर-100 जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए चलाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को हर जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक हर तरह से निपुण होते हैं। उनकी नियुक्ति से पहले उन्हें कई टेस्ट के दौर से गुजरना पड़ता है। उन्हें समय-समय पर मास्टर ट्रेनरों की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाता हैं। कई आईएएस, आईपीएस अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिकों ने सरकारी स्कूलों में पढ़कर अपने मुकाम को हासिल किया है। इसलिए छात्र सरकारी स्कूल में पढ़कर भी अपने मुकाम को हासिल कर सकता है। कार्यक्रम को एसडीएम इसराना ज्योति मित्तल, डीईओ राकेश बूरा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एसडीएम इसराना ज्योति मित्तल, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला विज्ञान विशेषज्ञ संदीप कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता, बीआरसी रणधीर सिंह मौजूद रहे।
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सेमिनार में आठवीं व 10वीं के टॉप-3 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल रहे। विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक विद्यालय से एक टीजीटी शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुआ। इससे पहले गत 23 नवंबर को समालखा और 25 नवंबर को इसराना में जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं, आगामी 13 दिसंबर को पानीपत और 14 दिसंबर को बापौली में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
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इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज का छात्र कल का नहीं, आज का नागरिक है। उसे पता है कि आज के नागरिक के सामने क्या चुनौतियां हैं और उससे कैसे निपटा जाएं। उसके मां-बाप उसके लिए जो व्यवस्था कर रहे हैं, छात्रों का भी फर्ज बनता है कि वह अपने भविष्य को सुंदर बनाने के लिए अनुशासन में रहकर पढ़ाई करे। वे जीवन भर ऊंचे आदर्श स्थापित करने वालों की सूची में शामिल हों। यदि मन में दृढ़ संकल्पशक्ति हो तो सिद्धि अवश्य मिलती है।
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पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि बुनियाद और सुपर-100 जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए चलाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को हर जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक हर तरह से निपुण होते हैं। उनकी नियुक्ति से पहले उन्हें कई टेस्ट के दौर से गुजरना पड़ता है। उन्हें समय-समय पर मास्टर ट्रेनरों की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाता हैं। कई आईएएस, आईपीएस अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिकों ने सरकारी स्कूलों में पढ़कर अपने मुकाम को हासिल किया है। इसलिए छात्र सरकारी स्कूल में पढ़कर भी अपने मुकाम को हासिल कर सकता है। कार्यक्रम को एसडीएम इसराना ज्योति मित्तल, डीईओ राकेश बूरा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एसडीएम इसराना ज्योति मित्तल, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला विज्ञान विशेषज्ञ संदीप कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता, बीआरसी रणधीर सिंह मौजूद रहे।