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क्लास के छात्रों पर भड़क गईं छात्राएं
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 10 Oct 2013 10:55 PM IST
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पानीपत में जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) की छात्राओं ने अपने कुछ सहपाठियों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है और रोषपूर्वक कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया।
डाईट स्टॉफ व पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक बाहर बैठी छात्राओं को समझाकर शांत किया। डाईट प्राचार्य ने छात्राओं के कक्षा बहिष्कार को फ्रेशर पार्टी की परमिशन न देना बताया और छेड़छाड़ के आरोप को गलत ठहराया है।
डाईट की द्वितीय वर्ष की कुछ छात्राओं ने वीरवार सुबह कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और बाहर गेट पर जमा हो गई। उन्होंने कुछ विद्यार्थियों पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए।
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छात्राओं का आरोप है कि डाईट के चार विद्यार्थी उनके साथ लंबे समय से छेड़छाड़ और कमेंट कस रहे हैं। उन्होंने उनको नजरअंदाज कर दिया, लेकिन उनकी हरकत लगातार बढ़ती चली गई।
वे उनको टोकती हैं तो वे चारों युवक उनको उठा ले जाने और बदनामी करने की चेतावनी देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे कई बार प्रिंसिपल को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया।
पुलिस ने नहीं की सुनवाई
डाईट के बाहर बैठी छात्राओं ने कहा कि वे 1091 पर कई बार संपर्क साध चुकी हैं, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिलता। कॉलेज में महिला पुलिस नहीं आती, जबकि एक पीसीआर लगाई गई है। वे कई बार शिकायत करने की सोचती हैं, लेकिन साहस नहीं जुटा पाते।
समझौता कराने के कयास
डाईट छात्राओं के कई घंटे तक न हिलने पर डाईट व पुलिस अधिकारी पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक छात्राओं को इधर-उधर की बात कहकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रही। छात्राओं के मानते न देख डाईट अधिकारियों ने छात्रों के भविष्य का नाम देकर माफी मंगवाकर समझौता कराने की बात कही। वहीं पुलिस अधिकारी ने लिखित शिकायत देने और उसके बाद कार्रवाई करने की कही। इसको लेकर काफी देर तक तर्क वितर्क चलते रहे।
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डाईट स्टॉफ व पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक बाहर बैठी छात्राओं को समझाकर शांत किया। डाईट प्राचार्य ने छात्राओं के कक्षा बहिष्कार को फ्रेशर पार्टी की परमिशन न देना बताया और छेड़छाड़ के आरोप को गलत ठहराया है।
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डाईट की द्वितीय वर्ष की कुछ छात्राओं ने वीरवार सुबह कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और बाहर गेट पर जमा हो गई। उन्होंने कुछ विद्यार्थियों पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए।
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छात्राओं का आरोप है कि डाईट के चार विद्यार्थी उनके साथ लंबे समय से छेड़छाड़ और कमेंट कस रहे हैं। उन्होंने उनको नजरअंदाज कर दिया, लेकिन उनकी हरकत लगातार बढ़ती चली गई।
वे उनको टोकती हैं तो वे चारों युवक उनको उठा ले जाने और बदनामी करने की चेतावनी देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे कई बार प्रिंसिपल को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया।
पुलिस ने नहीं की सुनवाई
डाईट के बाहर बैठी छात्राओं ने कहा कि वे 1091 पर कई बार संपर्क साध चुकी हैं, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिलता। कॉलेज में महिला पुलिस नहीं आती, जबकि एक पीसीआर लगाई गई है। वे कई बार शिकायत करने की सोचती हैं, लेकिन साहस नहीं जुटा पाते।
समझौता कराने के कयास
डाईट छात्राओं के कई घंटे तक न हिलने पर डाईट व पुलिस अधिकारी पहुंचे। उन्होंने काफी देर तक छात्राओं को इधर-उधर की बात कहकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रही। छात्राओं के मानते न देख डाईट अधिकारियों ने छात्रों के भविष्य का नाम देकर माफी मंगवाकर समझौता कराने की बात कही। वहीं पुलिस अधिकारी ने लिखित शिकायत देने और उसके बाद कार्रवाई करने की कही। इसको लेकर काफी देर तक तर्क वितर्क चलते रहे।