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Panipat News: विद्यार्थियों ने पेश की हरियाणवी संस्कृति की झलक
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राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद
- आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव की शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षा विभाग की ओर से हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में मंगलवार को तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ किया गया। महोत्सव में हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर संग नन्हीं प्रतिभाएं खिल उठीं।
महोत्सव के पहले दिन पांचवीं से आठवीं के विद्यार्थियों ने हरियाणा की लोक धुनों पर झूमर, लोक नृत्य, लोक गायन और रागनी जैसी पारंपरिक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की ओर से तैयार पर्यावरण संरक्षण और हरियाणवी संस्कृति पर आधारित मॉडल व रंगोली की सराहना की। उपायुक्त ने कहा कि अच्छे संस्कार ही सच्ची शिक्षा की पहचान है। शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के भीतर नैतिक मूल्यों को भी प्रज्ज्वलित करना चाहिए।
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जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय महोत्सव न केवल लोक-संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह बच्चों में पर्यावरणीय चेतना, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता जगाने का माध्यम भी बन रहा है।
दो समूहों में बांटे विद्यार्थी
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में प्रदेशभर के पांचवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी प्रस्तुति दे रहे हैं। विद्यार्थियों काे दो समूहों में बांटा गया है। एक समूह में कक्षा पांचवीं से आठवीं तथा दूसरे समूह में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी उत्सव में शामिल किए गए हैं। महोत्सव के पहले दिन समूह एक के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को नौवीं से 12वीं के विद्यार्थी समारोह में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहीं, 13 नवंबर को विजेता व प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मौके पर डीईईओ सुभाष भारद्वाज, बीआरसी विक्रम सहरावत, गुलाब पांचाल आदि मौजूद रहे।
बच्चों में ग्रंथों के प्रति रुचि जगाना जिम्मेदारी
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि आधुनिक युग में बदलाव की आवश्यकता है। इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों को भी समय के साथ स्वयं को अपडेट रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथ गीता, विष्णु पुराण आदि जीवन जीने की कला सिखाते हैं। बच्चों में इन ग्रंथों के प्रति रुचि जगाना हमारी जिम्मेदारी है। जिस रूप में हम बच्चों को 18 वर्ष की उम्र तक गढ़ते हैं, वे उसी रूप में समाज के स्तंभ बनते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षा विभाग की ओर से हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में मंगलवार को तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ किया गया। महोत्सव में हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर संग नन्हीं प्रतिभाएं खिल उठीं।
महोत्सव के पहले दिन पांचवीं से आठवीं के विद्यार्थियों ने हरियाणा की लोक धुनों पर झूमर, लोक नृत्य, लोक गायन और रागनी जैसी पारंपरिक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं।
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कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की ओर से तैयार पर्यावरण संरक्षण और हरियाणवी संस्कृति पर आधारित मॉडल व रंगोली की सराहना की। उपायुक्त ने कहा कि अच्छे संस्कार ही सच्ची शिक्षा की पहचान है। शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के भीतर नैतिक मूल्यों को भी प्रज्ज्वलित करना चाहिए।
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जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय महोत्सव न केवल लोक-संस्कृति का उत्सव है, बल्कि यह बच्चों में पर्यावरणीय चेतना, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता जगाने का माध्यम भी बन रहा है।
दो समूहों में बांटे विद्यार्थी
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी मनीष गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में प्रदेशभर के पांचवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी प्रस्तुति दे रहे हैं। विद्यार्थियों काे दो समूहों में बांटा गया है। एक समूह में कक्षा पांचवीं से आठवीं तथा दूसरे समूह में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी उत्सव में शामिल किए गए हैं। महोत्सव के पहले दिन समूह एक के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को नौवीं से 12वीं के विद्यार्थी समारोह में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहीं, 13 नवंबर को विजेता व प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मौके पर डीईईओ सुभाष भारद्वाज, बीआरसी विक्रम सहरावत, गुलाब पांचाल आदि मौजूद रहे।
बच्चों में ग्रंथों के प्रति रुचि जगाना जिम्मेदारी
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि आधुनिक युग में बदलाव की आवश्यकता है। इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों को भी समय के साथ स्वयं को अपडेट रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथ गीता, विष्णु पुराण आदि जीवन जीने की कला सिखाते हैं। बच्चों में इन ग्रंथों के प्रति रुचि जगाना हमारी जिम्मेदारी है। जिस रूप में हम बच्चों को 18 वर्ष की उम्र तक गढ़ते हैं, वे उसी रूप में समाज के स्तंभ बनते हैं।

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद

राज्य स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रदर्शनी की जानकारी लेती अध्यापिका। संवाद