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तीस साल के युवक से किशोरी की शादी रुकवाई
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पानीपत। गांव बिहौली में 14 साल की लड़की की 30 साल के युवक के साथ शादी कराई जा रही थी। सूचना पर बाल विवाह निषेध अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवा दी। दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया। परिजनों से आयु के दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने नहीं दिखाए और जमकर हंगामा किया। इसके बाद अधिकारी ने किशोरी को सीडब्ल्यूसी के माध्यम से सीसीआई भेज दिया।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उन्हें बुधवार को सूचना मिली थी कि गांव बिहौली में एक किशोरी की युवक से शादी करवाई जा रही है। इसके बाद उन्होंने बिहौली चौकी इंचार्ज श्री निवास को मौके पर भेजा। उस समय रेरकलां निवासी 30 वर्षीय पवन अपनी बरात लेकर मौके पर पहुंच चुका था। चौकी इंचार्ज ने परिजनों ने आयु के दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने नहीं दिखाए। बाद में दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में बुलाया गया। यहां आते ही परिजनों ने जमकर हंगामा किया। लड़की के परिजनों ने आधार कार्ड दिखाया तो उसमें किशोरी की आयु 14 वर्ष थी। इसके बाद किशोरी को सीसीआई (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट) भेज दिया।
एक माह पहले आए थे पानीपत
अधिकारी रजनी गुप्ता के मुताबिक, किशोरी के परिजनों ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के हैं। भाई पानीपत में रहता है। वे एक माह पहले ही यहां काम की तलाश में आए थे। भाई ने ही यह रिश्ता कराया था। रेरकलां निवासी पवन मेहनत मजदूरी करता है। अधिकारी ने बताया कि वीरवार को दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया है, काउंसलिंग के बाद उन्हें कोर्ट में पेेश किया जाएगा।
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अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि किशोरी के चेहरे से ही वह नाबालिग लग रही थी, फिर भी उन्होंने माता-पिता से आयु के दस्तावेज मांगे। मां ने दस्तावेज दिखाने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि बेटी मैने पैदा की है, इसलिए मुझे पता है कि यह कितने साल की है। मां ने किशोरी की आयु 20 साल बताई, जबकि आधार कार्ड में उसकी आयु 14 वर्ष निकली।
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संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उन्हें बुधवार को सूचना मिली थी कि गांव बिहौली में एक किशोरी की युवक से शादी करवाई जा रही है। इसके बाद उन्होंने बिहौली चौकी इंचार्ज श्री निवास को मौके पर भेजा। उस समय रेरकलां निवासी 30 वर्षीय पवन अपनी बरात लेकर मौके पर पहुंच चुका था। चौकी इंचार्ज ने परिजनों ने आयु के दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने नहीं दिखाए। बाद में दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में बुलाया गया। यहां आते ही परिजनों ने जमकर हंगामा किया। लड़की के परिजनों ने आधार कार्ड दिखाया तो उसमें किशोरी की आयु 14 वर्ष थी। इसके बाद किशोरी को सीसीआई (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट) भेज दिया।
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एक माह पहले आए थे पानीपत
अधिकारी रजनी गुप्ता के मुताबिक, किशोरी के परिजनों ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के हैं। भाई पानीपत में रहता है। वे एक माह पहले ही यहां काम की तलाश में आए थे। भाई ने ही यह रिश्ता कराया था। रेरकलां निवासी पवन मेहनत मजदूरी करता है। अधिकारी ने बताया कि वीरवार को दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया है, काउंसलिंग के बाद उन्हें कोर्ट में पेेश किया जाएगा।
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अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि किशोरी के चेहरे से ही वह नाबालिग लग रही थी, फिर भी उन्होंने माता-पिता से आयु के दस्तावेज मांगे। मां ने दस्तावेज दिखाने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि बेटी मैने पैदा की है, इसलिए मुझे पता है कि यह कितने साल की है। मां ने किशोरी की आयु 20 साल बताई, जबकि आधार कार्ड में उसकी आयु 14 वर्ष निकली।