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सड़कों और पेड़-पौधों पर छिड़काव, गिरा एक्यूआई
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पानीपत। निमार्णाधीन असंध रोड पर उड़ती हुई धुल, नहीं किया गया मिट्टी पर पानी का छिड़काव।
- फोटो : Panipat
पानीपत। ग्रैप में तहत प्रदूषण कम करने के उपाय कारगार साबित हो रहे हैं। सड़कों पर पानी के छिड़काव और रेत और बजरी को ढकने के उपायों के साथ ही बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 146 अंक दर्ज किया गया। मंगलवार को यह 320 अंक था। बीते 24 घंटे में एक्यूआई से आधे से अधिक गिर गया है। इसके बावजूद एक्यूआई सामान्य से 46 अंक अधिक दर्ज किया गया। दूसरी ओर उद्यमियों ने प्रतिबंधित ईंधन जलाने वालों की सूचना देने वाले को 5100 रुपये का इनाम का एलान भी किया है।
बुधवार को प्रशासन ने ग्रैप के तहत रिफाइनरी रोड, सेक्टर-25 पार्ट-1, पार्ट-2, सेक्टर-29, सनौली रोड, गोहाना रोड, बरसत रोड और बबैल रोड पर पानी का छिड़काव किया गया है। इसी कारण ही हवा में धूल के कणों की मात्रा काफी कम रही। उधर, प्रदूषण नियंत्रित बोर्ड ने उद्यमियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि अगर फैक्टरियां बंद नहीं करानी हैं तो प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग बंद करें, प्रशासन का सहयोग करें। प्रतिबंधित ईंधन के तौर पर कुछ फैक्टरियों में कचरा जलाया जा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण स्तर नियंत्रण बोर्ड ने सोनीपत, जींद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में कोयले का प्रयोग करने वाली इंडस्ट्री को फिलहाल 30 नवंबर तक बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। पानीपत को भी चेतावनी मिली है। इसे लेकर उद्यमी भी अलर्ट हो गए। बुधवार सुबह डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा दमकल विभाग के कर्मियों एवं दमकल गाड़ी के साथ सेक्टर-29 पार्ट-2 में पहुंचे। पेड़-पौधों व सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव कराया और एसोसिएशन के सभी 450 सदस्यों को निर्देश दिए कि सभी अपनी फैक्टरियों के सामने पानी का छिड़काव करें। इसके साथ ही घोषणा की कि किसी भी उद्योग में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल की जानकारी देने वाले को 5100 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
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अवैध रूप से चल रहे उद्योगों में हो रहा प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग
बबैल रोड, सनौली रोड और काबड़ी रोड पर अवैध रूप से उद्योग चल रहे हैं। इन उद्योगों से काला धुआं निकलते देखा जा सकता है। ये प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग करते हैं। बोर्ड सुबह इनको सील कर देता है तो ये रात को सील तोड़कर काम करते हैं। इन कुछ उद्यमियों के कारण सभी उद्यमियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
300 करोड़ का जुर्माना लगा , फिर भी नहीं सुधरे:
पानीपत के प्रदूषण को नियंत्रित करने व लोगों को प्रदूषण मुक्त जीवन देने के एनजीटी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तमाम प्रयास किए हैं। एनजीटी ने प्रदूषण फैलाने वाली रेड और ऑरेंज जोन की 150 से अधिक फैक्टरियों पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया। वायु प्रदूषण करने वाली और अवैध रूप से चलने वाली 90 फैक्टरियों को पिछले दो साल में बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं बोर्ड ने 170 फैक्टरियों को कारण बताओ नोटिस भी दिया, फिर भी प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही।
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के प्रशासन के साथ मिलकर करेंगे काम: राणा
प्रदूषण को नियंत्रित करने की सबकी जिम्मेदारी है। उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग करने वालों की सूचना देने वाले को 5100 रुपये इनाम दिया जाएगा। सभी उद्यमियों से अपील है कि वे अपनी फैक्टरी के सामने पानी का छिड़काव करें। हम प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे।
- भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
एक्यूआई बढ़ा तो लगेगा प्रतिबंध: कमलजीत
अगर शहर का एक्यूआई बढ़ा तो उद्योगों पर प्रतिबंध लगेगा। इसलिए उद्यमियों से अपील की गई है कि अगर वे उद्योगों को चलाना चाहते हैं तो प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग छोड़ दें। प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करें।
- कमलजीत सिंह, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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बुधवार को प्रशासन ने ग्रैप के तहत रिफाइनरी रोड, सेक्टर-25 पार्ट-1, पार्ट-2, सेक्टर-29, सनौली रोड, गोहाना रोड, बरसत रोड और बबैल रोड पर पानी का छिड़काव किया गया है। इसी कारण ही हवा में धूल के कणों की मात्रा काफी कम रही। उधर, प्रदूषण नियंत्रित बोर्ड ने उद्यमियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि अगर फैक्टरियां बंद नहीं करानी हैं तो प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग बंद करें, प्रशासन का सहयोग करें। प्रतिबंधित ईंधन के तौर पर कुछ फैक्टरियों में कचरा जलाया जा रहा है।
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केंद्रीय प्रदूषण स्तर नियंत्रण बोर्ड ने सोनीपत, जींद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में कोयले का प्रयोग करने वाली इंडस्ट्री को फिलहाल 30 नवंबर तक बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। पानीपत को भी चेतावनी मिली है। इसे लेकर उद्यमी भी अलर्ट हो गए। बुधवार सुबह डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा दमकल विभाग के कर्मियों एवं दमकल गाड़ी के साथ सेक्टर-29 पार्ट-2 में पहुंचे। पेड़-पौधों व सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव कराया और एसोसिएशन के सभी 450 सदस्यों को निर्देश दिए कि सभी अपनी फैक्टरियों के सामने पानी का छिड़काव करें। इसके साथ ही घोषणा की कि किसी भी उद्योग में प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल की जानकारी देने वाले को 5100 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
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अवैध रूप से चल रहे उद्योगों में हो रहा प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग
बबैल रोड, सनौली रोड और काबड़ी रोड पर अवैध रूप से उद्योग चल रहे हैं। इन उद्योगों से काला धुआं निकलते देखा जा सकता है। ये प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग करते हैं। बोर्ड सुबह इनको सील कर देता है तो ये रात को सील तोड़कर काम करते हैं। इन कुछ उद्यमियों के कारण सभी उद्यमियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
300 करोड़ का जुर्माना लगा , फिर भी नहीं सुधरे:
पानीपत के प्रदूषण को नियंत्रित करने व लोगों को प्रदूषण मुक्त जीवन देने के एनजीटी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तमाम प्रयास किए हैं। एनजीटी ने प्रदूषण फैलाने वाली रेड और ऑरेंज जोन की 150 से अधिक फैक्टरियों पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया। वायु प्रदूषण करने वाली और अवैध रूप से चलने वाली 90 फैक्टरियों को पिछले दो साल में बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं बोर्ड ने 170 फैक्टरियों को कारण बताओ नोटिस भी दिया, फिर भी प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही।
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई के प्रशासन के साथ मिलकर करेंगे काम: राणा
प्रदूषण को नियंत्रित करने की सबकी जिम्मेदारी है। उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग करने वालों की सूचना देने वाले को 5100 रुपये इनाम दिया जाएगा। सभी उद्यमियों से अपील है कि वे अपनी फैक्टरी के सामने पानी का छिड़काव करें। हम प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे।
- भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
एक्यूआई बढ़ा तो लगेगा प्रतिबंध: कमलजीत
अगर शहर का एक्यूआई बढ़ा तो उद्योगों पर प्रतिबंध लगेगा। इसलिए उद्यमियों से अपील की गई है कि अगर वे उद्योगों को चलाना चाहते हैं तो प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग छोड़ दें। प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करें।
- कमलजीत सिंह, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

पानीपत। सेक्टर-29 पार्ट-2 में प्रधान भीम राणा व अन्य फायर बिग्रेड से पेड़ों पर छिड़काव करवाते हुए ।- फोटो : Panipat