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पानीपत की बॉक्सर विंका ने एड्रियाटिक यूथ टूर्नामेंट में रचा इतिहास, जीता गोल्ड
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sport
- फोटो : Panipat
मोंटेनेग्रो देश में चल रहे एड्रियाटिक पर्ल यूथ टूर्नामेंट के फाइनल में फिनलैंड की खिलाड़ी को हराकर पानीपत की बॉक्सर विंका ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा है। विंका ने लॉकडाउन के बाद यह पहली चैंपियनशिप खेली। शुक्रवार को सेमिफाइनल में जीत के बाद शनिवार को फाइनल में जीतकर भारत के नाम एक स्वर्ण पद कर दिया। विंका के पिता ने बताया कि विंका ने लॉकडाउन होने के बाद भी अभ्यास करना नहीं छोड़ा था जिसकी बदौलत उसने यह गोल्ड मेडल जीता है।
विंका और उसकी बहन मोनिका को निजी स्कूल में दाखिला लेना था। घर आर्थिक हालात अच्छे नहीं होने की वजह से पिता धर्मेंद्र उनका दाखिला नहीं करा पा रहे थे। तब आर्य स्कूल में स्पोर्ट्स कोटे के तहत दाखिले की स्कीम आई, जिसकी बाद दोनों बहनों ने खेलों को चुना और दाखिला पाया। उसके बाद से विंका लगातार चैंपियनशिप जीतती आ रहीं है, अब बॉक्सिंग उनका पैशन बन चुका है।
सर में चोट लगने के बाद डॉक्टर ने खेलने से किया था मना
कुछ साल पहले विंका छत से गिर गईं थी, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें खेलने के लिए मना कर दिया था। जिसके बाद भी विंका खेलना नहीं छोड़ा। उनके पिता धर्मेंद्र ने खेलने की इजाजत दे दी। विंका ने अपनी मेहनत की बदौलत यह मुकाम हासिल किया।
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विंका और उसकी बहन मोनिका को निजी स्कूल में दाखिला लेना था। घर आर्थिक हालात अच्छे नहीं होने की वजह से पिता धर्मेंद्र उनका दाखिला नहीं करा पा रहे थे। तब आर्य स्कूल में स्पोर्ट्स कोटे के तहत दाखिले की स्कीम आई, जिसकी बाद दोनों बहनों ने खेलों को चुना और दाखिला पाया। उसके बाद से विंका लगातार चैंपियनशिप जीतती आ रहीं है, अब बॉक्सिंग उनका पैशन बन चुका है।
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सर में चोट लगने के बाद डॉक्टर ने खेलने से किया था मना
कुछ साल पहले विंका छत से गिर गईं थी, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें खेलने के लिए मना कर दिया था। जिसके बाद भी विंका खेलना नहीं छोड़ा। उनके पिता धर्मेंद्र ने खेलने की इजाजत दे दी। विंका ने अपनी मेहनत की बदौलत यह मुकाम हासिल किया।
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